पाकिस्तान को कंगाली से निकालने के लिए सऊदी अरब कर सकता है ये एलान- उर्दू प्रेस रिव्यू

इमरान ख़ान

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    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने एक बार फिर भारत की विदेश नीति की तारीफ़ की है.

डॉन अख़बार के अनुसार शनिवार देर शाम लाहौर में उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के ज़रिए आयोजित आज़ादी जलसे में आए लाखों लोगों को संबोधित करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "भारत और पाकिस्तान एक ही साथ आज़ाद हुए थे. भारत अपनी विदेश नीति अपने लोगों के लिए बनाता है."

इमरान ख़ान ने शहबाज़ शरीफ़ की विदेश नीति और ख़ासकर अमेरिका के बारे में भी बात की.

उन्होंने कहा कि वो अमेरिका से दोस्ती चाहते हैं, लेकिन वो अमेरिका की ग़ुलामी नहीं करना चाहते हैं.

डॉन अख़बार के अनुसार इमरान ख़ान का कहना था, "मुझे कहा जाता है कि मैं अमेरिका विरोधी हूं. मैं साफ़ करना चाहता हूं कि मैं अमेरिका विरोधी नहीं हूं. हम क्यों ऐसे देश के ख़िलाफ़ होंगे जहां पैसे वाले हुनरमंद पाकिस्तानी रहते हैं और हमारा सबसे ज़्यादा निर्यात अमेरिका को होता है. मैं अमेरिका से दोस्ती चाहता हूं, लेकिन मैं ग़ुलामी नहीं चाहता हूं."

वीडियो कैप्शन, पाकिस्तान के बदतर हालात का ज़िम्मेदार कौन है? Wusat Vlog

इमरान ख़ान ने कहा कि शहबाज़ शरीफ़ की मौजूदा सरकार अमेरिका के सामने 'लेट चुकी' है. इस अवसर पर इमरान ख़ान ने शहबाज़ शरीफ़ सरकार पर हमला करते हुए कहा कि उनकी सरकार गिराने के बाद एक और साज़िश हो रही है.

उन्होंने कहा, "मुझे चुनाव लड़ने के अयोग्य ठहराने और नवाज़ शरीफ़ को सितंबर में पाकिस्तान वापस लाने की तैयारी हो रही है. नवाज़ शरीफ़ का बहुत अच्छे से स्वागत करूंगा. मेरा चरित्र हनन और मुझ पर केस लादने की साज़िश रची जा रही है."

उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायपालिका को भी विभाजित करने की साज़िश रची जा रही है ताकि अपने मतलब के फ़ैसले कराए जा सकें. उन्होंने कहा कि इमरान ख़ान और सेना के बीच लड़ाई लगवाने की साज़िश रची जा रही है. इमरान ने कहा कि वो कभी नहीं चाहेंगे कि पाकिस्तान की सेना कमज़ोर हो क्योंकि उसे विदेशी ताक़तों का सामना है.

रैली को संबोधित करते हुए इमरान ख़ान ने कहा कि उनकी पार्टी ने अब जनता के बीच जाने का फ़ैसला कर लिया है.

उन्होंने कहा कि अगले सप्ताह वो पिंडी में जलसा करेंगे और कुछ दिनों के बाद कराची. उन्होंने कहा कि ज़रदारी (पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी) का मुक़ाबला करने के लिए वो उनके गृह प्रदेश (सिंध) में जाएंगे.

इमरान ख़ान ने पाकिस्तान के हर बड़े शहर में जलसा करने की घोषणा करते हुए कहा कि वो अवाम को तैयार कर रहे हैं क्योंकि उनके मुताबिक़ वास्तविक आज़ादी की जंग अब आख़िरी क्षण में है.

मोहम्मद बिन सलमान

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सऊदी अरब का पाकिस्तान के बैंक में तीन अरब डॉलर दोबारा जमा करने का इरादा

जंग अख़बार के अनुसार पाकिस्तान की रोज़ाना ख़राब होती अर्थव्यस्था की मदद करने के लिए सऊदी अरब ने पाकिस्तान के बैंक में तीन अरब डॉलर दोबारा जमा करने का इरादा किया है.

अख़बार ने समाचार एजेंसी के हवाले से लिखा है कि एक सप्ताह के अंदर सऊदी वित्त मंत्रालय की पाकिस्तान के स्टेट बैंक में तीन अरब डॉलर जमा कराने की योजना है.

इसके अलावा सऊदी अरब पाकिस्तान को अगले दस महीनों तक हर महीने 10 करोड़ डॉलर के पेट्रोलियम पदार्थ की अतिरिक्त मदद करेगा.

अख़बार के अनुसार पाकिस्तान या सऊदी अरब की तरफ़ से अभी तक इस बारे में कुछ नहीं कहा गया है लेकिन अगले दो दिनों में सऊदी अरब इसकी आधिकारिक घोषणा कर देगा.

क़मर जावेद बाजवा

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स्वात में टीटीपी के मौजूद होने की बात अफ़वाह: पाकिस्तान सेना

एक्सप्रेस अख़बार के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि चरमपंथी संगठन पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान के हथियारबंद गिरोह के स्वात में मौजूद होने की बात सरासर अफ़वाह है.

सोशल मीडिया पर इस तरह की बात हो रही है कि प्रतिबंधित संगठन टीटीपी के लड़ाके बड़ी संख्या में स्वात में घुस आए हैं.

लेकिन शनिवार को सेना ने एक बयान जारी कर कहा कि स्वात में आबादी से बहुत दूर चंद पहाड़ की चोटियों पर कुछ हथियारबंद लोग ज़रूर देखे गए हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है जिस तरह से सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है.

सेना के बयान के अनुसार कुछ लोग अफ़ग़ानिस्तान से चोरी छुपे सीमा पार करके पाकिस्तान में अपने पैतृक गांव आ गए हैं.

सेना ने कहा कि उनकी हरकतों में कड़ी नज़र रखी जा रही है और इलाक़े के लोगों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी क़दम उठाए गए हैं.

आईएमएफ़

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आईएमएफ़ से क़र्ज़ बहाली के लिए पाकिस्तान को पत्र मिल गया

अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) से क़र्ज़ मिलने के लिए पाकिस्तान को लेटर ऑफ़ इंटेन्ट मिल गया है. अख़बार के अनुसार पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने ख़त मिलने की पुष्टि कर दी है.

अख़बार का दावा है कि इस पत्र के मिल जाने के बाद आईएमएफ़ से क़र्ज़ मिलने को लेकर आख़िरी रुकावट भी अब दूर हो गई है.

इस पत्र पर पाकिस्तान के वित्त मंत्री और स्टेट बैंक ऑफ़ पाकिस्तान के गवर्नर के हस्ताक्षर होने के बाद इसे आईएमएफ़ वापस भेजा जाएगा.

24 अगस्त को आईएमएफ़ बोर्ड की बैठक होने वाली है जिसमें पाकिस्तान को क़र्ज़ देने की प्रक्रिया दोबारा बहाल करने की मंज़ूरी दी जाएगी.

बोर्ड की मंज़ूरी के बाद पहली क़िस्त के रूप में पाकिस्तान को एक अरब 17 करोड़ डॉलर का क़र्ज़ मिल जाएगा.

पाकिस्तान आईएमएफ़ से क़र्ज़ लेने की कोशिश कर रहा है और उसने उनकी सारी शर्तें भी पूरी कर दी हैं लेकिन फिर भी क़र्ज़ मिलने में देरी हो रही है.

पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने भी इसके लिए कई देशों के नेताओं से बात की थी. इन सबके बाद ही आईएफ़एफ़ से क़र्ज़ मिलने का रास्ता साफ़ हुआ है.

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