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'बेमिसाल प्रतिभा के धनी अमिताभ' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फिल्म अभिनेता आमिर खान का कहना है कि अमिताभ बच्चन का करिश्मा किसी झूठ पर नहीं, बल्कि उनकी बेमिसाल प्रतिभा और उत्कृष्ट प्रदर्शन के बलबूते बना है. आमिर यहां शनिवार को एनसीपीए स्थित टाटा थिएटर में 'बच्चनालिया: द फिल्म्स एंड मेमोरेबिलिया ऑफ़ अमिताभ बच्चन' की रिलीज़ के अवसर पर मुख्य अतिथि थे. उन्होंने ही अमिताभ के फिल्मी कैरियर पर आधारित चित्र कथा बच्चनालिया का उदघाटन किया. इस मौके पर आमिर ने अमिताभ की तारीफों के पुल बांध दिए. उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री शुरू में अमिताभ बच्चन को स्वीकार नहीं कर रही थी. इसके बावजूद उन्होंने अपने लिए जिस तरह जगह बनाई वह उत्साहवर्धक और आश्चर्यजनक है. एक अपवाद आमिर ने कहा, "यह ज़रुरी नहीं है कि आपके अंदर जितनी प्रतिभा है और आपने जितनी कड़ी मेहनत की है उसके अनुरूप आपको सफलता भी मिले, लेकिन अमिताभ इस मामले में एक अपवाद हैं".
'बच्चनालिया: द फिल्म्स एंड मेमोरेबिलिया आफ अमिताभ बच्चन' अमिताभ के 40 बरस के फ़िल्मी कैरियर पर आधारित है जिसकी सह लेखिका भावना सौमैया हैं. आमिर ने कहा, "मैं फ़िल्म जगत से जुड़े एक परिवार से संबद्घ हूं. हमारे यहां फिल्मफेयर पत्रिका की प्रतियां आती थीं, जिनमें फिल्म उद्योग में संघर्ष करते युवा कलाकारों की तस्वीरें होती थीं, तब मैं बच्चा था." उन्होंने कहा, "मैं अभिनेता बनने के इच्छुक कुछ लोगों की तस्वीरें देख कर हंसता था. जब मैं बड़ा हुआ तो मेरा सर शर्म से झुक गया क्योंकि जिन तस्वीरों पर मैं हंसता था उनमें एक तस्वीर अमिताभ की भी थी." फिल्म जगत से जुड़ी स्मृतियों और स्मृति चिन्हों को अभिलेखागार के रूप में संग्रह करने की जरूरत पर ज़ोर देते हुए आमिर ने कहा कि बच्चनालिया एक शानदार उदाहरण है. करिश्माई यात्रा आमिर ने कहा, "इसमें शब्दों के नहीं, बल्कि तस्वीरों के माध्यम से आपको एक करिश्माई अभिनेता की यात्रा दिखाई जाएगी." इस मौके पर अमिताभ ने कहा कि वह 15 फरवरी 2009 को फिल्म उद्योग में 40 साल पूरे कर लेंगे. उन्होंने अपनी निजी एवं व्यासायिक जिंदगी में हर पल साथ खड़े प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि भारत में फिल्मों से जुड़ी यादों के दस्तावेजीकरण एवं स्मृति चिन्हों के संग्रह की परंपरा नहीं है, लेकिन ऐसी एक व्यवस्था होनी चाहिए कि भारतीय फिल्म उद्योग में हुए घटनाक्रमों का रिकार्ड रखा जाए. इस मौके पर सवाल जवाबों का सिलसिला चला. बड़े ही दिलचस्प अंदाज ने जया बच्चन ने अमिताभ से उनके सिनेमा के प्रति सौंदर्यबोध के बारे में पूछ लिया जिसका बिग बी ने बेबाकी से उत्तर दिया. सौंदर्यबोध उन्होंने कहा, "मेरा निजी सौंदर्यबोध फिल्म निर्माता के सौंदर्यबोध से अलग हो सकता है. एक अभिनेता होने के नाते मैं फिल्म के निर्माता-निर्देशक के लिए प्रतिबद्घ होता हूं. फिल्म का सौंदर्यबोध निर्माता और निर्देशक की जिम्मेदारी है."
उनका कहना था, "उदाहरण के तौर पर मेरी फिल्म बागबान में जब नायक के बच्चे उससे माफी मांगते हैं तो पिता ऐसा नहीं करता, बल्कि वह अपनी जिंदगी को आत्मनिर्भरता के साथ जीने का फैसला करता है." उन्होंने कहा, "बॉक्स आफिस पर फ़िल्म को मिली सफलता से पता चलता है कि दर्शकों को यह राय पसंद आई और यही निर्देशक की सौंदर्यबोध की भावना है, लेकिन वास्तविक जीवन में अगर मुझे ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े तो मैं बच्चों को माफ़ कर दूंगा." समारोह में संगीतकार आनंदजी, प्यारेलाल, सोनाली और रूपकुमार राठौड़, रवि चोपड़ा, जीनत अमान, कल्पना लाजमी, सीमा बिस्वास, अमर सिंह आदि मौजूद थे. उनकी पुत्री श्वेता, पुत्र अभिषेक और बहू ऐश्वर्या भी वहां मौजूद थे. |
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