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दीपिका पादुकोण के साथ एक मुलाक़ात | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बीबीसी हिंदी सेवा के विशेष कार्यक्रम 'एक मुलाक़ात' में हम भारत के जाने-माने लोगों की ज़िंदगी के अनछुए पहलुओं से आपको अवगत कराते हैं. इस शो में हमारे साथ हैं बहुत ही स्पेशल और बला की ख़ूबसूरत अभिनेत्री. हाल ही में रिलीज़ हुई इनकी फ़िल्म बहुत बड़ी हिट रही है और डिंपल कपाड़िया के बाद शायद पहली अभिनेत्री हैं जिन्होंने इतने धमाकेदार तरीक़े से फ़िल्मी करियर की शुरुआत की है. जी हाँ, हम बात कर रहे हैं दीपिका पादुकोण की. मैंने आपकी तारीफ़ में इतनी सारी बातें कीं और डिंपल कपाड़िया से तुलना की. कैसा लगता है आपको? यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है कि आपने डिंपल जी से मेरी तुलना की. लेकिन इसके लिए कठिन परिश्रम करना होता है और मेहनत का फल मिलता ही है. मैं इस पल का मज़ा ले रही हूँ. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे फ़िल्मी करियर की शुरुआत इतनी शानदार रहेगी. जब फराह ख़ान ने शाहरुख़ के साथ 'ओम शाति ओम' के लिए मेरे सामने प्रस्ताव रखा तो मैं न नहीं कह सकती थी. यह मेरे लिए सपनों के सच होने जैसा था. कहीं सब कुछ की योजना पहले से तो नहीं बनी हुई थी? बिल्कुल नहीं, मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि अभिनेत्री बनूंगी. मैं तो मॉडल बनना चाहती थी. जैसा कि मैंने पहले भी कहा कि फराह ने मुझे जब फ़िल्म के लिए मेरे सामने प्रस्ताव रखा तो मुझे लगा यही समय है और यह सब हो गया. मैंने बचपन से तय कर रखा था कि मॉडल बनूंगी लेकिन यह नहीं पता था कि मेरे माता-पिता इसके लिए तैयार होंगे या नहीं. मेरे माता-पिता ने पूरा समर्थन किया और इसी वजह से आज मैं यहाँ हूँ. शाहरुख़ ख़ान के साथ पहली ही फ़िल्म में काम करने का अनुभव कैसा था? मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात थी. शाहरुख़ बहुत ही विनम्र इंसान हैं और सामने वाले को यह एहसास नहीं होने देते हैं कि इतने बड़े स्टार हैं. शाहरुख इस बात का हमेशा ख़याल रखते हैं कि उनके साथ काम करने वाला कभी असहज न हो और उन्होंने मेरे साथ भी ऐसा ही किया. पूरी फ़िल्म के दौरान उन्होंने मुझे गाइड किया और यह उसी का नतीजा है कि मैं इतना अच्छा कर सकी. बीबीसी एक मुलाक़ात में आगे बढ़ें इससे पहले अपनी पसंद का गाना बता दीजिए? 'आँखों में तेरी अजब सी…' मुझे लगता है कि सबलोग इस गाने को मुझसे जोड़कर देखते हैं और गाते वक़्त मुझे ध्यान में रखकर गाते हैं. जिस तरह से इस गाने में आपने हाथ हिलाया है लगता है मानो कोई राजकुमारी हों. कितना अभ्यास किया था इसके लिए? यह बहुत बड़ा संयोग है कि मैं वास्तविक जीवन में मैं इसी तरह हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन करती हूँ. इसलिए कुछ भी अभ्यास नहीं करना पड़ा. वास्तविक जीवन में दीपिका ख़ुद को किसके क़रीब पाती हैं, 70 के दशक की शांतिप्रिया के या अभी वाली के? ख़ुद को शांतिप्रिया के क़रीब पाती हूँ. मैं हेमा जी और मधुबाला जी की प्रशंसक हूँ और व्यक्तिगत रूप से पारंपरिक भारतीय सुंदरता की मुरीद हूँ. मैं पहनावे में भी पारंपरिक भारतीय ड्रेस ही पसंद करती हूँ. कभी ये तो नहीं लगा कि फ़िल्म में पहले हाफ ही करती तो बेहतर रहता? नहीं, बतौर कलाकार आपको सबकुछ आज़माना पड़ता है और इससे आप अलग-अलग चीज़ें सीखते हैं. अब बात करते हैं आपके बचपन की. प्रकाश पादुकोण की बेटी होने के नाते आपने कभी ये नहीं सोचा कि खिलाड़ी बनूंगी? मैं स्कूल में एथलीट थी, बास्केट बॉल खेलती थी और कॉलेज में बेसबॉल खेलती थी. इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की बैडमिंटन खिलाड़ी थी लेकिन आजकल लोगों का ध्यान सिर्फ़ क्रिकेट पर है और उसे ही महत्व मिलता है. यह बात सोचने की है कि देश में दूसरे खेलों में भी प्रतिभाएं हैं.
जब आप बैडमिंटन खेलती थीं, तो कभी ये गंभीरता से सोचा कि इसे ही करियर बनाया जाए? जब मैं बैडमिंटन खेलती थी तब भी मुझे पता था कि मैं मॉडल बनना चाहती हूँ. इसलिए मैंने खेल पर इतना ज़्यादा ध्यान नहीं दिया. जब मैंने इस बारे में अपने माता-पिता से बात की तो उन्हें मेरे मॉडलिंग में जाने को लेकर कोई समस्या नहीं थी. अभी आपकी उम्र काफ़ी कम है और मैंने कहीं पढ़ा था कि आपने 13-14 की उम्र में ही पहली बार मॉडलिंग की थी. जब मैं बच्ची थी तभी मैंने प्रिंट के लिए एक-दो मॉडलिंग की थी. मेरी एक बहुत अच्छी दोस्त काव्या आनंद की मम्मी बहुत मशहूर मॉडल कॉर्डिनेटर हैं. उन्होंने ही मेरी माँ को सलाह दी कि मैं मॉडलिंग में जाऊं और उनके कहने पर बचपन में काम किया. लेकिन व्यावसायिक रूप से मैंने पहली मॉडलिंग 18 साल की उम्र में लिरिल के लिए की. अब आपकी सफलता से आपके माता-पिता भी बहुत ख़ुश होंगे? बिल्कुल, क्योंकि हमारे परिवार में से कोई भी मनोरंजन जगत में नहीं था और शुरू में उन्हें बहुत चिंता रहती थी कि मैं ये सब कर पाऊंगी या नहीं. या फिर मैं अपना ख़याल रख पाऊंगी कि नहीं लेकिन 'ओम शांति ओम' देखने के बाद वे काफ़ी खुश हैं. मैं जीवन में कोई भी फ़ैसला करूं मेरे माता-पिता मेरा समर्थन करने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे. अगर शाहरुख़ को छोड़ दिया जाए तो आपका पंसदीदा अभिनेता कौन हैं? नसीरुद्दीन शाह, अमिताभ जी और बोमन ईरानी. बॉलीवुड में सबसे अच्छा दिखने वाले अभिनेता कौन हैं? मेरे हिसाब से अक्षय कुमार. अक्षय पूरा पैकेज हैं. अभिनय की प्रतिभा तो है ही अच्छा दिखते भी हैं. कॉमेडी, एक्शन और गंभीर सभी तरह के रोल बख़ूबी करते हैं. आप अक्षय कुमार के साथ कोई फ़िल्म कर रही हैं? हाँ,'चाँदनी चौक टु चाइना' में मैं अक्षय कुमार के साथ काम कर हूँ. इस फ़िल्म के डायरेक्टर निखिल आडवाणी हैं और फरवरी में चीन में इसकी शूटिंग शुरू होगी. आजकल की अभिनेत्रियों में से आपकी पसंदीदा कौन हैं? रानी मुखर्जी, माधुरी दीक्षित और जूही चावला. क्या आपको किसी ने कभी कहा है कि आप में और ऐश्वर्या राय में थोड़ी-बहुत समानता है? मेरे लिए यह बहुत बड़ी प्रशंसा है. जब मैं स्कूल में थी तब ऐश्वर्या राय मिस वर्ल्ड बनी थीं और उन्होंने अपने जीवन में बहुत कुछ हासिल किया है. मैंने उनके काम को नज़दीक से देखा है, उन्होंने शानदार अभिनय किए हैं. आप दोनो देश के एक ही हिस्से की हैं? जी हाँ, मंगलौर से. फ़िल्मों में आने के लिए एक्टिंग की कोई ट्रेनिंग ली या फिर सबकुछ वैसे ही हो गया? अनुपम खेर के यहाँ तीन महीने का कोर्स किया था और इससे बहुत कुछ सीखने को मिला. इससे पहले मुझे फ़िल्म शूटिंग और सेट के बारे में कुछ भी पता नहीं था. मैं मानती हूँ कि काम करके ही सीखा जा सकता है लेकिन कोर्स करने से मुझे यह विश्वास हो गया कि मैं ये सब कर सकती हूँ. हम अभी आपके पसंदीदा अभिनेता-अभिनेत्रियों की बात कर रहे थे लेकिन आपके पसंदीदा खिलाड़ी कौन हैं. मेरे पिता प्रकाश पादुकोण. आपके पिता के अलावा? हमारे देश में इतने ज़्यादा महान खिलाड़ी नहीं हुए हैं. आप इतने क्रिकेट मैच में जाती हैं और लोग यह भी कयास लगाते हैं कि किसके लिए तालियाँ बजा रही हैं. तालियाँ किसी खिलाड़ी विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरी टीम के लिए बजाती हूँ. क्रिकेट टीम अच्छा खेल रही है और देश को गौरवान्वित कर रही है.
आपका नाम खिलाड़ियों से जोड़ा जाता है. कोई कहता है कि आप महेंद्र सिंह धोनी की वजह से जाती हैं तो कोई कहता है कि युवराज के लिए जाती हैं. कहा भी जाता है कि बिना आग के धुआँ नहीं उठता. इसमें मैं क्या कह सकती हूँ. लोग इसी तरह अफ़वाह उड़ाते रहेंगे और मीडिया लिखती रहेगी लेकिन मेरा परिवार और मेरे दोस्त सब जानते हैं. चलिए मान लेते हैं कि किसी क्रिकेटर के लिए आपके दिल में कुछ नहीं है तो फिर किसके लिए है? यह बहुत ही निजी मामला है. ड्रीम मैन में क्या-क्या चाहती हैं? मैं किसी का नाम नहीं लूंगी लेकिन अपने जीवन में ऐसा आदमी चाहूँगी जैसा मेरी माँ के जीवन में मेरे पिता थे. ड्रीम मैन में क्या-क्या होना चाहिए इसके लिए महिलाएं लंबी सूचा बना सकती हैं लेकिन अंत में यही मायने रखता है कि आदमी ऐसा हो कि आप उसके साथ ज़िंदगी गुजार सकें और दोनों एक-दूसरे के साथ ख़ुश रह सकें. अच्छा दिखना, पैसा और बड़ी शख़्सियत होना ज़रूरी नहीं है. आपने अंग्रेज़ी फ़िल्में भी देखी होंगी, क्या लगता है हम उनसे बेहतर हैं या फिर हमें और रास्ता तय करना है? दोनों जगह अलग-अलग तरह की फ़िल्में बनती हैं इसलिए तुलना नहीं की जा सकती. अक्सर लोग कहते हैं कि हमें उनलोगों जैसी फ़िल्में बनानी चाहिए लेकिन मैं नहीं मानती. हमलोग बहुत अच्छी फ़िल्में बनाते हैं और इसकी तारीफ़ वे लोग भी करते हैं. जो हम कर सकते हैं वो सिर्फ़ हम कर सकते हैं और कोई नहीं कर सकता. अब तो आप भी इस दुनिया की हिस्सा हैं लेकिन क्या पहले भी फ़िल्में देखती थीं? मेरे पिता खिलाड़ी रहे हैं इसलिए हमलोग फ़िल्मों से ज़्यादा खेल और खेल से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होते थे. मैं बहुत ज़्यादा फ़िल्में नहीं देखती थी लेकिन पसंद तो था ही. इसके अलावा गाने और नाचने का शौक भी था. आपकी पसंदीदा फ़िल्म कौन सी है? 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' और 'मैंने प्यार किया'. शाहरुख़ ख़ान में और क्या ख़ास बात है? शाहरुख़ से आप बहुत कुछ सीख सकते हैं. वह लंबे समय से शीर्ष पर हैं और यह आसान नहीं है. शीर्ष पर पहुँचना आसान है लेकिन वहाँ बने रहना बहुत ही मुश्किल है इसलिए उनसे बहुत कुछ सीखा जा सकता है. मैं यह नहीं कहती कि दूसरे लोगों में ये ख़ूबियाँ नहीं है लेकिन मैंने शाहरुख़ के साथ काम किया और उनके बारे में ही कह सकती हूँ. हो सकता है कि दूसरों के साथ काम करने के बाद उनके बारे में भी मेरे विचार यही हों. किन-किन चीज़ों का शौक है? मुझे नाचने का शौक है और खाना बनाना पसंद है. मैं कोंकणी खाना बनाना पसंद करती हूँ. इसके अलावा खेलना और दोस्तों के साथ फ़िल्में देखना पसंद है. किस डायरेक्टर के साथ काम करना चाहती हैं? मैं तो सभी डायरेक्टर के साथ काम करना चाहती हूँ. आप सारे खेल खेलना चाहती हैं. सभी डायरेक्टर के साथ काम करना चाहती हैं, ये क्या है? देखिए एक ही ज़िंदगी है और इसी में सब कुछ करना है. आप अपने आपको किस तरह पेश करना चाहेंगी? मैं हर काम को मज़े के साथ करना चाहती हूँ और कोई काम सिर्फ़ करना है इसलिए नहीं करना चाहती. मज़ा तो सफ़र में है, मंजिल में नहीं. कोई ख़ास रोल करने की तमन्ना? मैं एक्शन करना चाहती थी और वह अक्षय के साथ एक फ़िल्म में कर रही हूँ. मुझे लगता है कि बतौर कलाकार हमें नई-नई चीज़ें आज़माना चाहिए. आपका सबसे मज़बूत पक्ष क्या है? अभी मैं अपने बारे में कुछ नहीं कह सकती. मैंने अभी तक एक ही फ़िल्म की है और दूसरे अभिनेता और अभिनेत्री ही मेरा मज़बूत और कमज़ोर पक्ष बता सकते हैं. सबसे पसंदीदी खाना? दक्षिण भारतीय खाना. छुट्टियाँ बिताने के लिए पसंदीदा जगह कौन सी है? भारत में केरल बहुत पसंद है. इसके अलावा उत्तर भारत जाना चाहती हूँ ख़ासकर हिमालय की तरफ़. आपका पहला आकर्षण? अर्जुन रामपाल. मेरे ख़याल से अर्जुन बहुत सुंदर देखते हैं, लंबे हैं और चॉकलेटी भी हैं. मुझे उनके साथ काम करने का मौक़ा मिला तो मैं बहुत ख़ुश होऊंगी. अर्जुन भी फ़िल्म में आने से पहले मॉडल थे और उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला. वीरान द्वीप पर छोड़ दी जाएं, तो किसके साथ होना चाहेंगी? आपके प्रशंसक भविष्य में आपसे क्या उम्मीद कर सकते हैं? मैं सिर्फ़ अच्छा काम करना चाहती हूँ और आगे बढ़ना चाहती हूँ. अभी कौन-कौन सी फ़िल्में कर रही हैं? जनवरी में रणबीर कपूर के साथ फ़िल्म काम कर रही हूँ जिसके डायरेक्टर सिदार्थ आनंद हैं और इसे यशराज फिल्म्स बना रहे हैं. इसके बाद अक्षय कुमार के साथ एक फ़िल्म करूंगी जिसे निखिल आडवाणी डायरेक्ट कर रहे हैं और रोहन सिप्पी और रमेश सिप्पी इसके निर्माता हैं. |
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