BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
मंगलवार, 13 नवंबर, 2007 को 11:20 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
एक ख़ास मुलाक़ात, अदनान समी के साथ

अदनान समी
अदनान समी अपनी गायकी के ख़ास अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं
बीबीसी हिंदी सेवा के विशेष कार्यक्रम 'एक मुलाक़ात' में हम भारत के जाने-माने लोगों की ज़िंदगी के अनछुए पहलुओं से आपको अवगत कराते हैं.

इस हफ्ते हमारे मेहमान हैं, हरदिल अजीज़ सिंगर, म्यूजिकल हैवीवेट, जो आजकल देखे जा रहे हैं एक नए लीन लुक में, जी हां, बीबीसी एक मुलाक़ात में इस हफ्ते हमारे मेहमान हैं ख़ासे पापुलर सिंगर अदनान सामी.

अदनान समी साहब, बीबीसी एक मुलाक़ात में आप शामिल हो रहे हैं, आपका बहुत-बहुत शुक्रिया. हम बैठ हुए हैं आपके ड्राइंग रूम में. मेरी नज़र सबसे पहले पड़ रही है इस तस्वीर पर. आपकी और बच्चन साहब की तस्वीर है. अमिताभ बच्चन और अदनान समी, जिनको मैं पहचानता नहीं, क्योंकि यह आपके बचपन की तस्वीर है. ये बताएं इस पर लिखा है, विद लाट्स ऑफ लव एंड एडमिरेशन और बच्चन साहब के दस्तख़त हैं, तो क्या बचपन में भी आपके इतने बड़े-बड़े फैन थे. क्या किस्सा है इस तस्वीर के पीछे?

इस तस्वीर के पीछे एक बहुत ही दिलचस्प-सी कहानी है. यह तस्वीर हमने खींची थी दुबई में जब मैं तक़रीबन 11 साल का बच्चा था. उसके ऊपर ऑटोग्राफ़ वगैरह कुछ भी नहीं था. अब कुछ साल पहले मेरी मुलाक़ात हुई थी अमित जी से किसी काम के सिलसिले में, बातों-बातों में मैनें उनसे कहा, आप जानते हैं कि आपके और मेरे बीच एक अधूरा सा बिजनेस बचा हुआ है, तो उन्हें ताज्जुब हुआ कि कौन-सा बिजनेस है. उन्होंने कहा क्यों, ऐसी क्या बात है.

यह गॉडफादर की तरह का डॉयलाग बोल रहे हैं...

मैंने उन्हें अचानक यह तस्वीर दिखाई और कहा कि इसपर आपने अभी तक ऑटोग्राफ़ नहीं दिए हैं. वो हंस पड़े, उन्होंने कहा कि मैं इसपर आटोग्राफ़ सिर्फ़ इस शर्त पर दूंगा कि इसकी एक कॉपी मुझे भी चाहिए. मरे पास इस फ़ोटो की दूसरी कॉपी भी थी. वो मैंने उनको दे दी. इसके बाद उन्होंने ऑटोग्राफ दिए जिसे देखकर लोग अक्सर हैरान होते हैं कि एक छोटे से बच्चे की पिक्चर पर लव तो समझ में आता है, लेकिन यह एडमिरेशन क्या है. उन्हें इस बच्चे से क्या प्रेरणा मिली होगी. उसके पीछे का राज़ यह है कि उन्होंने पिक्चर पर साइन अब किया है क्योंकि वो बहुत ही दयालु और अच्छे इंसान हैं, तो इस पिक्चर के पीछे की कहानी यह है.

क्या बात है, लेकिन अदनान समी बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा के तो थे ही, इसे थोड़ा-सा हम भी बूस्ट कर सकते हैं, मैंने सुना है किसी से कि बीबीसी का भी रोल रहा है. उन्होंने भी आपको खोजा था.

ये चाइल्ड प्रोडजी का जो इल्ज़ाम है, ये इल्ज़ाम मैं बीबीसी को देता हूँ. क्योंकि मैं जब छोटा था तो बीबीसी ने मेरे ऊपर एक प्रोग्राम किया था. उनके इस प्रोग्राम से मेरे माता-पिता को यह एहसास हुआ कि अगर बीबीसी कह रहा है कि यह टैलेंटेड बच्चा है तो यह टैलेंटेड होगा, इसको सीरियसली लेना चाहिए, वरना कभी कभी घर की मुर्गी दाल बराबर होती हैं.जिसके लिए मैं बीबीसी का आभारी हूं.

बहुत-बहुत शुक्रिया इस हौसलाआफ़ज़ाई के लिए, मैं पूरे बीबीसी की तरफ़ से शुक्रिया कहता हूं. अच्छा ये बताएं क्या आप सिर्फ पियानो बजाते थे उस वक़्त.

जी, उस वक्त मैं सिर्फ़ पियानो बजाता था. गाने की तरफ़ मेरा कोई ध्यान नहीं था. मैं गाने कंपोज़ करता था. मैने तक़रीबन नौ साल की उम्र में कंपोज़ करना शुरू किया. मैं वेस्टर्न क्लासिकल और जैज़ बजाता था. इंडियन क्लासिकल म्यूजिक की तरफ़ ध्यान मेरा बाद में गया. मैंने शिव कुमार शर्मा जी से सीखा भी है. यह संगीत के क्षेत्र में मेरे क्रमिक विकास की यात्रा थी.

अदनान समी साहब बीबीसी एक मुलाक़ात की एक ख़ासियत यह भी है कि हम अपने मेहमान से, आपके साथ तो यह ख़ासियत ज़्यादा लागू होनी चाहिए, उसकी पसंद का एक गाना पूछते हैं. इससे पहले की हम आगे बढ़े अपनी पंसद का एक गाना बताइए, प्लीज़.

पंचम दा का मैं बहुत बड़ा फ़ैन हूँ, उनका एक बहुत ख़ूबसूरत गाना है, बाँहों में चले आओ...

आप पर एक पेनाल्टी है कि आपको एक लाइन तो गुगगुनानी ही पड़ेगी.

(अदनान गाना गाकर सुनाते हैं...)

आप पॉपुलर सिंगर तो हैं ही, लेकिन बहुत लोग यह नहीं जानते कि आपका पहला शौक पियानो था, कंपोजर भी हैं. आपको कभी मलाल रहा कि लोग आपकी इस बहुमुखी प्रतिभा को जानें और सराहें.

नहीं, ऐसी बात नहीं है क्योंकि मुझे मालूम हैं कि गाना जो है, वह आगे आता है. वह कई चीज़ों की ढक लेता है. जैसे यही गाना है, बाहों में चले आ...सबको मालूम हैं कि यह लता जी का गाना है, लेकिन कई लोग जो इसमें बहुत दिलचस्पी नहीं रखते, उन्हें नहीं पता कि इस गाने को कंपोज़ किसने किया है. ये टेक्निकल बातें हैं क्योंकि आवाज़ लता जी की है, इसलिए इसे लता जी का गाना माना जाता है. अब जैसे की कोई एक्टर कई बार बहुत बढ़िया सीन कर देता है, उसमें कई बार लोग निर्देशक या डॉयलाग लिखने वाले की भूमिका को नहीं समझते हैं. जैसे की एक डॉयलाग है, मेरे पास माँ है.. इसे सब लोग इसे शशि कपूर से जोड़ते हैं. इस सीन शशि जी और अमित जी है. जबिक इसे जावेद अख़्तर और सलीम ने लिखा था. मैं इसे स्वीकार करता हूँ, कई दफ़ा लोग कहते हैं कि आप कंपोज़ भी करते हैं तो मैं कहता हूँ, हाँ.

मुझे लगता है कि पियानो पर सबसे तेज़ आपकी अंगुलियां चलती हैं. मुझे लगता है कि सबसे तेज़ पियानो बजाने का विश्व रिकार्ड आपने बनाया है.

उसके पीछे कभी-कभी मुझे हंसी भी आती हैं क्योंकि म्यूजिक न हुआ स्पोर्ट्स हो गया है. यह इत्तेफ़ाक की बात है, क्योंकि मैंने कभी अपनी ज़िंदगी में नहीं सोचा था था कि मेरा ये लक्ष्य है कि मैं दुनिया का सबसे तेज़ पियानो वादक बन जाऊं. जैसे 100 मीटर की दौड़ कर रहे हों तो कोई स्टॉप वाच लेकर बैठा रहता है. इत्तेफ़ाक से मैं एक परफ़ार्मेंस दे रहा था जो क़्लासिकल परफ़ार्मेंस थी. जब मैं अचानक तेज़ लय में गया तो ख़त्म होने से पहले लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि यह विश्व रिकार्ड बन गया है. यह कहानी बड़ी तेज़ी से पंख लगाकर फैली.

अदनान सामी
 ये चाइल्ड प्रोडजी का जो इल्ज़ाम है, ये इल्ज़ाम मैं बीबीसी को देता हूँ. क्योंकि मैं जब छोटा था तो बीबीसी ने मेरे ऊपर एक प्रोग्राम किया था. उनके इस प्रोग्राम से मेरे माता-पिता को यह एहसास हुआ कि अगर बीबीसी कह रहा है कि यह टैलेंटेड बच्चा है तो यह टैलेंटेड होगा, इसको सीरियसली लेना चाहिए, वरना कभी कभी घर की मुर्गी दाल बराबर होती हैं.जिसके लिए मैं बीबीसी का आभारी हूँ

बढ़िया कहानी है यह, ईश्वर आपकी ऐसी खूब कहानियों को पंख लगाए और वे तेज़ी से उड़े, ये तो किस्मत की बात है. अच्छा ये बताइए बचपन आपका इंग्लैंड में गुज़रा. हम उसकी बात करेंगे अभी, पर उसके पहले अदनान समी अपनी पंसद का एक और गाना बताएंगे?

मैं फ़िल्म लकी का गाना सुनाना चाहूंगा, सुन ज़रा सोनिए सुन ज़रा...

अच्छा तो हम बचपन की बात पर आ रहे हैं, कैसा था आपका बचपन?

बचपन मेरा बहुत अच्छा रहा है (हंसते हैं). बचपन मेरा ब्रिटेन में गुज़रा. बोर्डिंग स्कूल में मैने अपनी पढ़ाई की. मेरे ख़याल से वो मेरी जिंदगी के सबसे ख़ूबसूरत दिन थे.

क्या यह सही है कि वहीं पर किसी कंसर्ट में आशा भोसले ने सबसे पहले आपको देखा था. कुछ किस्सा हुआ था उनके साथ?

हां जी, हम लंदन में मिले थे. वह गर्मियों में वहाँ आई थीं, हमारे कुछ कॉमन दोस्त थे जिन्होंने उनसे मेरी मुलाकात करवाई थी, मेरे पास अपनी एक कैसेट थी जो मैंने आशा जी को सुनाई, जिसके बाद उन्होंने मुझे बहुत प्यार किया.

मेरे ख़याल से शायद मैं 11वीं में पढ़ता था. मुझे याद है कि जब मैंने पहली बार उसी कंसर्ट में आशा जी को सुना तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए थे. मेरी आँखों में आँसू आ गए थे. जब उन्होंने पहला गाना, चुरा लिया है तुमने... से शुरू किया. यह मेरे लिए बहुत बड़ा अवसर था. आशा जी ने कहा कि मैं एक दिन तुम्हारे साथ गाना पसंद करूंगी. उसके बाद उन्होंने मुझे पंचम दा से मिलवाया. आप जानते ही है कि पंचम दा बहुत मज़ाकिया इंसान थे. उन्होंने जब सुना तो कहा कि यह तुमने बजाया है तो मैंने कहा, जी मैने बजाया है. उन्होंने मेरी ओर देखा..

जैसे मान नहीं रहे हों..

हाँ, जैसे मान नहीं रहे हों. मैंने फिर कहा कि मैंने ही बजाया है, तो उन्होंने कहा, अगर तुमने बजाया है तो बहुत अच्छा बजाया है. मैने फिर कहा कि जी मैंने ही बजाया है तो उन्होंने कहा हाँ-हाँ अगर तुमने बजाया है तो बहुत अच्छा बजाया है. ऐसा कई बार हम दोहराते रहे. पंचम दा यात्राओं के दौरान अपने पास एक छोटा-सा कैशियो रखते थे. उन्होंने कहा कि वही चीज इसपर बजाकर दिखाओ तुम. मैंने वहीं चीज उसपर बजाई, तब जाकर उन्होंने कहा कि हाँ वाकई तुमने ही बजाया है. ये सभी क्षण मेरे लिए बहुत बड़े थे.

बीबीसी एक मुलाक़ात सुनने वालों को आगे बढ़ने से पहले एक और गाना बताएं अदनान

अभी आशा जी की बात हो रही थी तो उन्हीं का गाना सुनना चाहिए, जिसने मुझे रुला दिया था. जब मैने उनको लाइव सुना. चुरा लिया है तुमने जो दिल को...

जब से आए हैं भारत, दुबई के रहने वाले, इंग्लैंड के बोर्डिंग में पढ़े हुए. किसी लोकल आदमी के रिकॉर्ड की तरह दिखते ही नहीं, जो यहां पढ़ा हो. क्या राज है इसका, क्या विनिंग फ़ार्मूला पकड़ लिया है आपने.

सच कह रहा हूँ, इस तरह की कोई बात नहीं है.

अगर कोई फ़ार्मूला है तो हम लेकर जाएंगे ही उसे यहाँ से

अगर कोई फ़ार्मूला होता तो हर चीज़ जिसे इंसान करें उसे चार चाँद लग जाएं, बाकी दुनिया भी वही काम करे. जिससे सब कोई जीतें. यहाँ ऐसा कोई फ़ार्मूला नहीं है. अगर आप किसी चीज को फ़ार्मूला के तहत लेबल कर सकते हैं, तो वह यही होगा कि आप जो भी करें, दिल से करें. अगर आप कोई काम दिल से नहीं करेंगे तो वह किसी के दिल में नहीं उतरेगी.

कुछ तो और गुर होगा, कुछ तो और खेल कर रहे होंगे आप, कुछ जादू-टोना, कुछ सम्मोहन, कुछ काला जादू.

मेरा सबसे बड़ा हथियार मेरी माँ की दुआ है क्योंकि माँ की दुआ से बड़ी चीज़ हो ही नहीं सकती. मैं एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखता हूँ जिसका संगीत और मनोरंजन के क्षेत्र से कोई वास्ता नहीं हैं. मैं वकालत पढ़ रहा था इंग्लैंड में, मैंने पत्रकारिता में स्नातक भी किया है.

चलिए हम तो बचे, वरना हम सबकी नौकरियां भी जातीं.

नहीं, इसके पीछे राज़ यह था कि अगर मै संगीतज्ञ नहीं बना तो सबसे पहले मैं उन रिकार्ड कंपनियों के ख़िलाफ़ लिखूंगा, जिन्होंने मुझे रिजेक्ट किया था. मैं उनकी ऐसी की तैसी कर देता. उसके बाद भी अगर कोई ठीक परिणाम नहीं निकलता तो मैं उन्हें मार डालता.

मेरी माँ ने मेरे संगीत को कभी गंभीरता से नहीं लिया, उनका मानना था कि मैं संगीत को केवल शौक तक ही सीमित रखूँ, ज़िंदगी चलाने के लिए मैं कोई गंभीर चीज करूं. मेरी माँ की तमन्ना थी कि मेरा बेटा वकालत की पढ़ाई करे, मैंने उसे पूरा किया. जब मैंने वकालत की पढ़ाई पूरी की तो उसके बाद मैंने अम्मी से कहा कि अबतक मैंने वो सब किया जो आप चाहती थीं, अब मैं वो करना चाहता हूं जो मैं चाहता हूं. इससे वह बहुत अपसेट हो गईं. उन्होंने कहा यह भी कोई काम है, अगर तुम्हें यही सब करना था तो इतनी मेहनत क्यों की हमने.

आज भी मैं पीछे मुड़कर उन दिनों की तरफ़ देखता हूँ, जब मैं संगीत के क्षेत्र में बहुत संघर्ष कर रहा था. मेरे लिए कोई भी दरवाज़ा नहीं खुला था. मैंने अपनी माँ से कहा था कि आपने मेरे लिए कुछ नहीं किया है, तो उन्होंने कहा तुम मेरे बेटे हो, तुम जो भी करो, तुम्हारे लिए मैं हमेशा दुआएं करुंगी. मैंने उन्हें भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल किया. मेरे ख़याल में सबसे बड़ा फ़ार्मूला माँ की दुआ है.

अच्छा यह बताइए, जो अमिताभ बच्चन के साथ फ़ोटो लगी हुई है उसके पास में एक और फोटोग्राफ़ भी है जिसमें आपके साथ माधुरी हैं, अमिषा पटेल हैं, नम्रता शिरोडकर हैं, इतनी खूबसूरत अभिनेत्रियों ने भी आपके म्यूज़िक वीडियो में काम किया है, अमिताभ बच्चन और गोविंदा ने भी काम किया है. इसके बाद भी आप कहते हैं कि सब माँ की दुआओं का खेल हैं, कुछ तो खु़द का भी खेल है बॉस?

अदनान समी
 रोज़ क्या, दिन में तीन-तीन दफ़े फिसल जाता है. मेरा दिल बहुत ज़्यादा केयरलेस है. मैं प्यार में पड़ना पसंद करता हूँ. प्यार बहुत ख़ूबसूरत एहसास है, जिसके बारे में आप लिख सकते हैं, गा सकते हैं. सबसे खूबसूरत चीज जिसे ख़ुदा ने हमें दिया है, वह है प्यार

जब भी कोई आइडिया या कोई चरित्र या स्टोरी लाइन आता है, जहाँ मुझे ऐसा महसूस हुआ कि इसमें किसी बड़े अभिनेता या अभिनेत्री को काम करना चाहिए तो फिर आप उनसे अनुरोध करें, मेरा विश्वास है कि अगर आप कोई शॉट करना चाहते हैं तो ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा, नहीं होगा. अगर क़िस्मत में लिखा है कि होगा तो हो जाएगा. अगर किस्मत में नहीं लिखा होगा तो आप चाहे जितना हाथ-पैर मारें, नहीं होगा. जहाँ तक अमित जी का ताल्लुक है तो उसमें कोई ख़ास योजना नहीं थी. मेरा सपना था कि मैं अमित जी के साथ काम करुँ. उनके लिए मैंने एक गाना बनाया. मैं चाहता था कि वह यह गाना गाएं और परफ़ार्म करें.

कौन-सा गाना था वह?

कभी नहीं....बहुत ही मज़ेदार गाना है.

इतनी ज़बरदस्त जो आपकी छवि है, आपके प्रशंसक हैं, ख़ासकर लड़कियों के बीच में, आजकल तो आप काफ़ी दुबले हो रहे हैं. एक ज़माने में तो आप और फूलकर कुप्पा हो जाते होंगे.

नहीं, मैं अपना सर्वोत्तम देने की कोशिश करता हूँ क्योंकि मेरे पिता ने कहा था कि अगर लोग तुम्हें प्यार कर रहे हैं तो वह इसलिए कर रहे हैं कि तुम मेहनत कर रहे हो. जो तुम काम कर रहे हो उसकी वजह से लोग तुम्हें प्यार कर रहे हैं. तुम उनके प्यार में अपने आपको मत घुमा लेना, जो असली चीज है उसे कभी मत भूलना, जिस दिन वो चीज ख़त्म हो जाएगी, यह भी ख़त्म हो जाएगा क्योंकि इस तरह से बहुत से लोग दुनिया में आए भी हैं और गए भी हैं. सिर्फ वे लोग दुनिया में एक जगह पर टिके रहे हैं जो अपने काम और मेहनत को कभी नहीं भूले हैं. कभी-कभी लोग इस प्रोफे़शन में जब सफल हो जाते हैं तो वे दूसरी चीजों में इनवाल्व हो जाते हैं लेकिन असली काम नहीं करते हैं. जब वे असली बात को भूल जाते हैं तब उन्हें लोग भी भूल जाते हैं. यह बात मेरे दिल–दिमाग़ में बैठ गई है. मैं जब वर्ल्ड टूर पर जाता हूँ और वहाँ हज़ारों लोग के सामने बजाता हूँ. उसके बाद मैं अपने म्यूजिक रूम में जाता हूँ. सारा खेल यहीं से है. मैं सोचता हूँ कि यहीं से मुझे दोबारा आगे जाना है.

ठीक है, हम समझते हैं कि आपसे लोग क्यों प्यार करते हैं लेकिन कभी-कभी तो दिल फिसलता ही होगा?

ओह... तो ऐसा है.

रोज़ फ़िसलता होगा, बचपन चल रहा है?

रोज़ क्या, दिन में तीन-तीन दफ़े फिसल जाता है. मेरा दिल बहुत ज़्यादा केयरलेस है. मैं प्यार में पड़ना पसंद करता हूँ. प्यार बहुत ख़ूबसूरत एहसास है, जिसके बारे में आप लिख सकते हैं, गा सकते हैं. सबसे खूबसूरत चीज जिसे ख़ुदा ने हमें दिया है, वह है प्यार.

अदनान समी, जिनकी अंगुलियाँ पाँच साल की उम्र में पियानो पर थिरकने लगीं, उन्हें इश्क किस उम्र में हुआ?

मुझे याद ही नहीं है. क्योंकि इश्क मैंने बहुत कम उम्र से शुरू कर दिया था.

अगर मोहब्बत और मौसिकी में से अगर चुनना हो तो?

अगर मोहब्बत और मौसिकी में से एक को चुनना हो तो मैं म्यूज़िक यानी मौसिकी पसंद करूँगा और जिंदगी भर मोहब्बत के बारे में गाता रहूँगा. अंत में मोहब्बत भी कर लूँगा.

आप थोड़ी देर पहले बता रहे थे आपने स्टेडियमों में, कंसर्ट में, पब्लिक में गाया है, साथ में बुहत बड़े-बड़े लोगों के लिए, राष्ट्राध्यक्ष के लिए भी गाया है. कुछ अलग अनुभव होता है जब श्रोता कोई वीवीआईपी होता है या सब सामान्य होता है.

हर तरह के श्रोताओं का अपना एक तरीक़ा होता है एप्रिशिएट करने का. जब आप एक स्टेडियम में गा रहे होते हैं तो दर्शक कभी सीटियां बजा रहे होते हैं. यह सब प्यार का इज़हार है, हर एक प्यार का इज़हार ख़ूबसूरत होता है, लेकिन जब आप किसी बादशाह के सामने बजा रहे हैं तो उनसे आप यह उम्मीद नहीं रख सकते कि वह उठकर कुर्सी के ऊपर चढ़कर सीटियां बजाना शुरू कर देंगे. वो अपने अंदाज़ में प्यार का इज़हार करेंगे, वह भी बहुत ख़ूबसूरत है. जहाँ तक मेरा ताल्लुक हैं एक कलाकार के रूप में तो मेरे आगे जो भी दर्शक होगा, वह मेरे लिए एक बादशाह होगा और एक रानी होगी.

अदनान समी, इससे पहले की बीबीसी एक मुलाक़ात में आगे बढ़ें, प्लीज़ एक और गाना अपनी पसंद का बताइए.

कभी तो नज़र मिलाओ... कभी तो क़रीब आओ...

अच्छा वैसे तो आप ने बताया कि आपने वक़ालत पढ़ा था, पत्रकारिता की पढ़ाई की थी. पर अगर आप सिंगर नहीं बनते तो क्या बनते?

सैड सिंगर, फ़्रस्टेडेड सिंगर. बाद में वकील और उसके बाद पत्रकार बनता.

एक अल्टरनेटिव करियर मैं भी आपको सुझा सकता हूँ. जिसमें आप सुपरहिट हो जाएंगे. ऐसे ही कि आप वजन कैसे कम कर रहे हैं. सच बताऊँ कि मैं कभी सोच भी नहीं सकता था कि आप जैसा कोई आदमी अपना वेट कम कर सकता है.

सच बताऊँ, कोई एक साल पहले अगर यह भविष्यवाणी करता कि एक साल के अंदर-अंदर आप टेनिस खेल रहे होंगे या स्कवैश खेल रहे होंगे तो मैं उस आदमी को सौ रुपये देता और कहता कि इसकी दवा लेकर आओ क्योंकि तुम पूरी तरह झूठ बोल रहे हो. जब मैंने यह क़दम उठाया तो मेरे सामने एक पहाड़ था, वो कहते हैं न कि क़तरा-क़तरा दरिया बनता है. मैं अपने परिवार का आभारी हूँ. जब मेरा 10 किलो वजन कम हुआ था तो मुझे नज़र नहीं आ रहा था, जैसे कि आप दरिया से चम्मच भर पानी निकालें तो उसपर कोई असर नहीं पड़ेगा. उसके बावजूद लोगों ने कहा कि वजन कम हुआ है. नज़र आ रहा है.

कमाल हो गया, दिख रहा है, पैंटें ढीली हो गईं.

हां, बिल्कुल सही. लोगों ने मेरा हौसला बढ़ाया. मैंने कहा, ठीक हैं यार हो रहा होगा, मुझे तो नज़र नहीं आ रहा है. इसके बाद मैंने 117 किलो वज़न कम किय़ा.

117 किलो?

जी, मेरी अम्मी कहतीं हैं कि तुमने तो पूरा एक तंदुरुस्त इंसान कम किया है.

अदनान समी, बीबीसी एक मुलाक़ात में इतने दिल खोलकर आपने हमसे बात करी. अच्छी चाय-कॉफी भी पिलाई, गाने भी सुनाए गुनगुनाकर. आपका बहुत-बहुत शुक्रिया.

शुक्रिया.

अभिनेत्री विद्या बालनमुलाक़ात विद्या बालन से
इस बार एक ख़ास मुलाक़ात नई पीढ़ी की अभिनेत्री विद्या बालन के साथ.
शेखर सुमनएक मुलाक़ात
टेलीविज़न होस्ट और अभिनेता शेखर सुमन के साथ एक मुलाक़ात.
रब्बी शेरगिलएक मुलाक़ात
अपनी सूफ़ियाना आवाज़ के लिए मशहूर गायक रब्बी के साथ एक मुलाक़ात.
सुनिधि चौहानएक ख़ास मुलाक़ात
आज के दौर की मशहूर पार्श्व गायिका सुनिधि चौहान के साथ 'एक मुलाक़ात'.
शत्रुघ्न सिन्हाएक मुलाक़ात
भाजपा नेता और फ़िल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा के साथ एक मुलाक़ात.
सुब्रत रॉयसुब्रत रॉय से मुलाक़ात
सहारा समूह के प्रमुख 'सहारा श्री' सुब्रत रॉय के साथ एक मुलाक़ात.
चक दे इंडिया की लड़कियाँएक मुलाक़ात
कोमल चौटाला, विद्या शर्मा, बिंदिया और प्रीति सबरवाल से एक मुलाक़ात. याद आया?
इससे जुड़ी ख़बरें
एक मुलाक़ात: राम जेठमलानी के साथ
14 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस
एक मुलाक़ात: शीला दीक्षित से
02 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
एक मुलाक़ात: लालकृष्ण आडवाणी से
26 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
मुलाक़ात- लालकृष्ण आडवाणी के साथ
26 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
कविता कृष्णमूर्ति के साथ 'एक मुलाक़ात'
24 जून, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
शुभा मुदगल के साथ 'एक मुलाक़ात'
26 अगस्त, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
कैलाश खेर के साथ 'एक मुलाक़ात'
16 सितंबर, 2007 | मनोरंजन एक्सप्रेस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>