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बैंकों के लिए पैकेज, सीआरआर दर घटी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
वैश्विक स्तर पर चल रहे आर्थिक संकट के चलते बाज़ार में नक़दी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने सीआरआर के दर में एक प्रतिशत की कटौती करने का निर्णय लिया है. कैश रिज़र्व रैश्यो यानी सीआरआर की दर अब 7.5 प्रतिशत से घटकर 6.5 प्रतिशत हो जाएगी. सीआरआर वो राशि है जो वाणिज्यिक बैंकों को रिज़र्व बैंक के खज़ाने में रखनी पड़ती है. इसके दर में कमी होने से बाज़ार में नक़द राशि की उपलब्धता बढ़ेगी. रिज़र्व बैंक का कहना का कहना है कि इससे बाज़ार में 40 हज़ार करोड़ की राशि और आएगी. सीआरआर की यह दर 11 अक्तूबर से लागू मानी जाएगी. रिज़र्व बैंक की इस घोषणा से पहले वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने बैंकों को 25 हज़ार करोड़ रुपयों का आर्थिक पैकेज देने की घोषणा की थी और बैंकों के लिए कई दिशा निर्देश जारी किए थे. इससे पहले रिज़र्व बैंक ने मंगलवार को म्युचुअल फंड के लिए 20 हज़ार करोड़ की राशि देने की घोषणा की थी. बैंकों को राहत वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भारतीय बैंकों को संकट से निपटने के लिए 25 हज़ार करोड़ के पैकेज देने के अलावा कई और क़दम उठाए जाने की घोषणा की है. इसमें कॉरपोरेट बांड्स के लिए विदेशी संस्थागत निवेश की सीमा बढ़ाना और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (सीएआर) की सीमा बढ़ाना भी शामिल है. पैकेज वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि कृषि ऋण माफ़ी और ऋण राहत योजना के तहत सरकार ने वाणिज्यिक बैंकों, ग्रामीण बैंकों और सहकारी संस्थाओं को 25 हज़ार करोड़ रुपए का पैकेज देने की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि यह सहायता की पहली किस्त है और सरकार के अनुरोध पर आरबीआई ने तुरंत ही यह राशि देने की सहमति दी है. वित्तमंत्री ने कहा कि इस राशि में से साढ़े सात हज़ार करोड़ रुपए की राशि वाणिज्यिक बैंकों को दी जाएगी जबकि 17 हज़ार करोड़ रुपए नाबार्ड को दिए जाएँगे और इसके लिए बैंकों को कोई गारंटी नहीं देनी पड़ेगी. चिदंबरम ने कहा कि कॉरपोरेट बांड्स के लिए विदेशी संस्थागत निवेश के लिए सीमा तीन अरब डॉलर से बढ़ाकर छह अरब डॉलर कर दी गई है. पर्याप्त पूँजी वित्तमंत्री ने कहा कि भारत के बैंकों के पास पर्याप्त पूँजी है और किसी भी बैंक के पास कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो (सीएआर) 10 प्रतिशत से कम नहीं है. भारत सरकार ने निर्णय लिया है कि बैंकों के लिए सीएआर की सीमा को 12 किसी सुविधाजनक तारीख़ से 12 प्रतिशत कर दिया जाएगा. उनका कहना था कि इस योजना की घोषणा बाद में की जाएगी. इसके अलावा रिज़र्व बैंक ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि वे ऋण लेने वालों और कार्यपूँजी लेने वालों के लिए पूंजी लेना आसान रखें. इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंकों को पूँजी के लेनदेन को आसान बनाने के लिए कई क़दम उठाने के निर्देश दिए गए हैं. |
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