अमेरिका ने कहा- कनाडा के आरोप पर हम भारत से बात कर रहे हैं, कोई विशेष छूट नहीं मिलेगी

 अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन

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कनाडा में खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन ने कहा कि अमेरिका, भारत को कोई ‘विशेष छूट’ नहीं देगा.

उनका कहना है कि इस मामले में अमेरिका, उच्च स्तर पर भारतीय अधिकारियों के संपर्क में हैं.

हाल ही में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में निज्जर की हत्या में भारत सरकार के एजेंट के होने की आशंका जताई थी.

अमेरिका, भारत के साथ अपने रिश्ते मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है. इस साल की शुरुआत में पीएम नरेंद्र मोदी, अमेरिकी की राजकीय यात्रा पर गए थे, जहाँ राष्ट्रीय जो बाइडन ने उनकी मेज़बानी की थी.

इस मामले में अमेरिका की चिंता क्या दोनों देशों के मज़बूत होते संबंधों को प्रभावित कर सकती है? इस सवाल के जवाब में जैक सुलिवन ने कहा कि अमेरिका अपने सिद्धांतों के लिए खड़ा रहेगा, फिर चाहे कोई भी देश प्रभावित क्यों न हो.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए चिंता का विषय है. यह एक ऐसी चीज़ है, जिसे हमें गंभीरता से लेते हैं. यह एक ऐसा मामला है जिस पर हम काम करना जारी रखेंगे और किसी देश की परवाह किए बिना हम ऐसा करेंगे.”

उन्होंने कहा, “इस तरह के काम के लिए आपको कोई विशेष छूट नहीं मिलती है. देश की परवाह किए बिना हम खड़े होंगे और अपने बुनियादी सिद्धांतों की रक्षा करेंगे. हम कनाडा जैसे सहयोगियों के साथ भी नज़दीक से काम करेंगे, क्योंकि इस मामले में जांच और राजनयिक प्रक्रिया को कनाडा आगे बढ़ा रहा है.”

सुलिवन ने कहा कि अमेरिका इस मामले में दोनों देशों के साथ संपर्क में है.

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अमेरिकी मीडिया में कुछ रिपोर्ट्स भी प्रकाशित हुई थीं, जिसमें कहा जा रहा था कि इस मामले में अमेरिका कनाडा से दूरी बना रहा है.

इसके जवाब में सुलिवन ने कहा, “मैं इस बात को मज़बूती से ख़ारिज करता हूं कि अमेरिका और कनाडा के बीच कोई मतभेद है. जो आरोप कनाडा ने लगाए हैं, उसे लेकर हमें चिंता है और हम चाहेंगे कि इस जांच को आगे बढ़ाया जाए और अपराधियों को ज़िम्मेदार ठहराया जाए.”

अमेरिकी थिंक टैंक 'द विल्सन सेंटर' में साउथ एशिया इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर माइकल कुगलमैन ने अमेरिकी सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन के बयान को महत्वपूर्ण बताया है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने साफ़ तौर पर कहा कि भारत को इस मामले में फ्री पास नहीं मिलेगा. ऐसा शायद ही कभी होता है कि जब अमेरिकी अधिकारी सार्वजनिक तौर पर इस तरह की बात करे.

वहीं रैंड कॉर्पोरेशन में राष्ट्रीय सुरक्षा और इंडो पैसेफिक विशेषज्ञ डेरेक जे ग्रॉसमैन लिखते हैं कि बाइडन सरकार के सामने मूल्य बनाम हितों के टकराव की स्थिति है, जिसके चलते विदेश नीति लगातार बदतर होती जा रही है.

ग्रॉसमैन ने लिखा है कि ईरान, सऊदी अरब, वियतनाम के बाद अब भारत के साथ भी अमेरिका की ऐसी स्थिति पैदा हो रही है.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची

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भारत ने कहा, कोई जानकारी साझा नहीं की

भारत सरकार पहले दिन से ही कनाडा के आरोपों को ख़ारिज कर रही हैं. गुरुवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी इस मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब दिए.

उन्होंने कहा, “निज्जर की हत्या से जुड़ी कोई भी ख़ुफ़िया जानकारी कनाडा की ओर से साझा नहीं की गई है.”

अरिंदम ने कहा, ''कोई भी विशेष जानकारी कनाडा ने साझा नहीं किया है. न ही आरोप के पहले और न ही बाद में. हम किसी भी ख़ास सूचना पर गौर करना चाहेंगे, लेकिन अभी तक हमें कोई सूचना नहीं मिली है."

उन्होंने कनाडा पर का खालिस्तान समर्थकों को पनाह देने का भी आरोप लगाया.

अरिंदम बागची

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अरिंदम ने कहा, “कनाडा में सुरक्षित पनाह दे रहे हैं, जिनके ख़िलाफ़ आतंकवाद के आरोप हैं. उन्हें सुरक्षित ठिकाना मुहैया न कराएं."

"वे वहां कार्रवाई करें या ट्रायल के लिए भेजें. वहां 20 नागरिकों के मामले हैं. हमने इस मामले में प्रत्यर्पण या अन्य तरह के आग्रह किए हैं.”

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो

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कनाडा के पास सबूत?

कनाडा के पब्लिक ब्रॉडकास्टर सीबीसी ने सूत्रों के हवाले लिखा है कि उनकी सरकार ने निज्जर की हत्या मामले में सिग्नल से जुड़ी खुफिया जानकारी इकट्ठा की है, जिसके चलते भारत के साथ संबंध ख़राब हुए हैं.

सीबीसी न्यूज़ ने कनाडाई सरकार के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि कनाडा सरकार के पास जो ख़ुफ़िया जानकारी है, उसमें मौजूदा भारतीय राजनयिकों समेत भारतीय अधिकारियों के बीच क्या बात हुई, वह शामिल है.

सीबीसी का कहना है कि यह जानकारी सिर्फ़ कनाडा से नहीं आई है, बल्कि कुछ जानकारी फाइव आइज इंटेलिजेंस अलायंस के एक सहयोगी ने भी दी है, जिसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया है.

 ग्राफिक्स

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कनाडा का कहना है कि निज्जर की हत्या मामले में सहयोग के लिए कई बार उनके अधिकारी भारत आए हैं.

खालिस्तानी समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और कथित तौर पर कनाडा की सुरक्षा ख़ुफ़िया सेवा ने उन्हें चेतावनी दी थी कि उन्हें जान का ख़तरा है.

कनाडा के राष्ट्रीय सुरक्षा और इंटेलिजेंस सलाहकार जोड़ी थॉमस अगस्त महीने में चार दिनों के लिए और सितंबर में पांच दिनों के लिए भारत में थे.

वहीं कनाडा के पीएम ट्रूडो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के बाद न्यूयॉर्क में कहा कि बहुत गंभीरता के साथ उन्होंने इस मामले को संसद में उठाने का फ़ैसला लिया था.

उन्होंने कहा कि फ़िलहाल उनकी सरकार ने अपने सबूत जारी नहीं किए हैं और कहा कि वे क़ानूनी प्रक्रिया के दौरान सामने आ सकते हैं.

खुफिया रिपोर्ट्स के बारे में जब कनाडा की उप प्रधानमंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे इस मामले में जांच और फाइव आइज़ सहयोगियों के प्रति कनाडा के ज़िम्मेदारी को जोखिम में नहीं डाल सकती हैं.

उन्होंने सीबीसी न्यूज नेटवर्क के पावर एंड पॉलिटिक्स होस्ट डेविड कोचरन से कहा, "यह साझेदारी काफ़ी हद तक उन पर निर्भर करती है... विश्वास में लेकर ही खुफिया बातचीत की जाती है.”

पीएम मोदी के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन

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ख़ुफ़िया जानकारी में कौन मदद कर रहा है?

फाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक़ दिल्ली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और दूसरे पश्चिमी नेताओं ने पीएम मोदी के साथ मुलाक़ात के वक़्त कनाडा के दावों को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी.

अखबार के मुताबिक़ जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई बातचीत से परिचित तीन लोगों ने कहा कि फाइव आइज़ के कई सदस्यों ने पीएम मोदी के साथ हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का मामला उठाया था.

उनमें से एक व्यक्ति ने कहा कि जो बाइडन को लगा कि इस मुद्दे को सीधा अपने भारतीय समकक्ष के साथ उठाना महत्वपूर्ण है.

फाइव आइज़ इंटेलिजेंस में शामिल देश एक दूसरे से खुफिया सूचना साझा करते हैं, इसमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड, यूके और अमेरिका शामिल हैं.

वहीं व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की प्रवक्ता एड्रिएन वॉटसन ने कहा कि दूसरे देशों में ऐसी आवाजों को निशाना बनाना जो आपके ख़िलाफ़ हैं, वह स्वीकार्य नहीं है और हम इसके ख़िलाफ़ क़दम उठाते रहेंगे.

अख़बार के मुताबिक़ इस मामले से परिचित दो लोगों ने कहा कि कनाडा ने अपने सहयोगियों से मामले को सीधा पीएम मोदी के सामने उठाने के लिए कहा था और ख़ुद कनाडा ने इस मामले को निजी तौर पर उठाया था.

निज्जर की हत्या मामले ने दोनों देशों के संबंधों को ऐसी स्थिति में ला दिया है कि भारत ने गुरुवार को कनाडा के नागरिकों को वीज़ा जारी करना बंद कर दिया है और कनाडा में अपनी राजनयिक उपस्थिति को कम करने का भी आदेश दिया है.

अरिंदम बागची ने गुरुवार को कहा कि भारत ने कनाडा को नई दिल्ली में अपने राजनयिक मिशन को छोटा करने के लिए कहा था.

उन्होंने कहा कि कनाडा का नई दिल्ली मिशन भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा था, इसलिए यह आदेश दिया गया था.

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