कोच्चि ब्लास्ट: कौन हैं येहोवा विटनेस और कौन है धमाकों की ज़िम्मेदारी लेने वाला शख़्स

पीड़ित

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    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए

केरल के कोच्चि में येहोवा विटनेस ईसाई समुदाय के कन्वेंशन सेंटर में हुए धमाकों में दो महिलाओं की मौत हो गई है और 51 अन्य घायल हैं.

इस बीच, केरल पुलिस ने एक ऐसे शख़्स को हिरासत में लिया है, जिसने रविवार सुबह हुए इन दो बम धमाकों की ज़िम्मेदारी लेने का दावा किया है.

डोमिनिक मार्टिन नाम के इस शख़्स ने पुलिस के सामने सरेंडर करने से पहले सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म फ़ेसबुक पर इन धमाकों की ज़िम्मेदारी लेते हुए एक वीडियो पोस्ट किया.

मार्टिन का कहना था कि वह 16 साल से जिहोवा विटनेस समुदाय से जुड़े थे लेकिन कभी इस बारे में गंभीर नहीं थे.

मार्टिन ने कहा, “छह साल पहले मैंने उनकी शिक्षाओं पर विचार किया और पाया कि ये देश विरोधी हैं. मैंने उनसे अपने तौर-तरीक़े बदलने को कहा लेकिन उन्होंने मेरी चेतावनियों को नज़रअंदाज़ कर दिया.”

केरल पुलिस के एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अजीत कुमार ने पत्रकारों को बताया कि मार्टिन ने त्रिशूर ग्रामीण पुलिस स्टेशन में सरेंडर किया. उन्होंने कहा कि पुलिस मार्टिन के दावों की जांच कर रही है.

देर शाम को मार्टिन को धमाकों वाली जगह भी ले जाया गया.

इस मामले में पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या की कोशिश), विस्फ़ोटक अधिनियम की धारा 3 ए और यूएपीए की धारा 16 (1) के तहत मामला दर्ज किया है.

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने मामले की जांच के लिए एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) अजीत कुमार के नेतृत्व में 21 सदस्यों की एक एसआईटी का गठन किया है.

एडीजीपी (कानून और व्यवस्था) अजीत कुमार

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इमेज कैप्शन, एडीजीपी (कानून और व्यवस्था) अजीत कुमार के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई है

कब हुए धमाके

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ये धमाके उस समय हुए जब येहोवा विटनेस समुदाय के तीन दिवसीय कार्यक्रम के आख़िर में प्रार्थना हो रही थी.

केरल में इस समुदाय के प्रवक्ता टी.ए. श्रीकुमार ने बताया, “सुबह नौ बजकर 40 मिनट पर चेयरमैन ने सभी को उनके साथ प्रार्थना गाने को कहा. इसके तीन मिनट बाद धमाका हो गया."

श्रीकुमार ने बताया कि बड़े से हॉल के बीचोबीच दो धमाके हुए. वहां महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे. घायलों को तुरंत कलामासेरी अस्पताल और अन्य नज़दीकी अस्पतालों में ले जाया गया.

जब श्रीकुमार से मार्टिन नाम के शख़्स के दावों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह उन दावों को लेकर पड़ताल कर रहे हैं.

लेकिन श्रीकुमार ने स्पष्ट किया कि 'येहोवा विटनेस समुदाय किसी का भी पक्ष लेने में यक़ीन नहीं रखता है.'

उन्होंने कहा, “हम निष्पक्ष रहते हैं. किसी भी धार्मिक या राजनीतिक आंदोलन के साथ नहीं जुड़ते, न ही उनका समर्थन करते हैं. हम किसी के ख़िलाफ़ नहीं हैं. हम मानते हैं कि हर कोई अपनी मान्यताओं का पालन करने के लिए स्वतंत्र है.”

उनका यह बयान सोशल मीडिया पर हो रही उस चर्चा के बीच आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि 'धमाके इसलिए हुए क्योंकि उन्होंने इसराइल-ग़ज़ा संघर्ष को लेकर शनिवार को एक प्रार्थना आयोजित की थी.'

घायल लोग

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बुरी तरह जल गए हैं कई घायल

धमाकों को लेकर किए जा रहे कई तरह के दावों के बीच कलामासेरी अस्पताल में भर्ती घायलों के परिजन सन्न हैं.

केरल के इडुक्की से संबंध रखने वाले तमिल फ़िल्म निर्देशक लक्षमण प्रभु अपनी 57 वर्षीय सास और 15 साल की साली को देखने अस्पताल पहुंचे हैं.

वह कहते हैं, “मेरी सास की पीठ पूरी तरह जल गई है. उनकी टांगों में भी चोट आई है. उनका शरीर 50-55 प्रतिशत तक झुलस गया है.”

वह कहते हैं, “मेरी साली 10वीं में पढ़ती है. सास और साली दोनों येहोवा विटनेस हैं. मेरी पत्नी ईसाई (जैकबाइट) हैं और मैं हिंदू हूं.”

प्रभु और उनकी पत्नी घायल नहीं हुए क्योंकि वे घर पर ही थे.

आईसीयू के बाहर बैठीं कैरलीन सारा बताती हैं कि उनकी आंटी मॉली सीरियन 80 प्रतिशत झुलस गई हैं.

वह बताती हैं, "मेरी बहन वीनस शाजू पोन्नली 70 प्रतिशत झुलस गई हैं. उनके हाथों और पैरों को बुरी तरह नुक़सान पहुंचा है. वह चल नहीं पा रही हैं."

प्रभु की तरह सारा भी उस समय घर पर थीं, जब उन्हें ब्लास्ट की ख़बर मिली.

सारा और उनके माता-पिता रोमन कैथलिक हैं जबकि उनकी आंटी मॉली और उनकी बेटी येहोवा विटनेस हैं.

घटनास्थल

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कौन हैं येहोवा विटनेस

येहोवा विटनस ईसाइयों का एक छोटा सा समूह है जो मानता है कि जब दुनिया का अंत क़रीब होगा तो यीशु फिर आएंगे.

यह समुदाय उस समय चर्चा में आया था जब कोट्टायम में तीन स्कूली छात्रों ने मॉर्निंग असेंबली में अपनी धार्मिक मान्यताओं का हवाला देते हुए राष्ट्रगान गाने से इनकार कर दिया था.

इन छात्रों को स्कूल से निकाल दिया गया था जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए उनके पक्ष में फ़ैसला सुनाया था कि उन्हें स्कूल से निकालना उनकी 'धार्मिक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन' है.

धमाके के बाद की तस्वीर

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मार्टिन के दावे

धमाकों को अंजाम देने का दावा करने वाले मार्टिन ने अपने वीडियो में कहा है, “बच्चों को राष्ट्रगान न गाने के लिए सिखाया जा रहा है. जब वे बड़े होते हैं, उन्हें वोट न देने, सेना में न जाने या सरकारी नौकरी न करने की सीख जी जाती है."

"जब पूरा प्रदेश बाढ़ की चपेट में था, आपने सिर्फ़ अपने लोगों के घर साफ़ किए. मैं ऐसी शिक्षा का विरोध करता हूं, जिसमें कहा जाता है कि जो येहोवा विटनेस नहीं हैं, वे तबाह हो जाएंगे. मेरा मानना है कि ऐसे मत की हमारे देश में कोई जगह नहीं है.”

मार्टिन ने कहा कि 'मान्यताओं के आधार पर यह संगठन उन्हें ग़लत लगा और उन्हें दूसरों के मामले में दख़ल नहीं देना चाहिए.' मार्टिन का कहना था कि 'इनकी शिक्षा देश के लिए ग़लत है.'

उन्होंने कहा, “एक बार चार साल की बच्ची को कहा गया कि अपनी क्लासमेट से कैंडी मत लो. जब बच्चे को इतनी छोटी उम्र से ही अपने सहपाठियों को नफ़रत करना सिखाया जाएगा तो आप उनके दिमाग़ में ज़हर भर रहे हैं."

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