केरल में कथित बलात्कार के बाद बच्ची की हत्या, भड़का आक्रोश- प्रेस रिव्यू

केरल में कथित बलात्कार के बाद बच्ची की हत्या, भड़का आक्रोश

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हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ केरल के एरनाकुलम ज़िले में एक 5 साल की बच्ची का शव मिलने के बाद पुलिस ने एक 29 वर्षीय व्यक्ति को बलात्कार और हत्या के आरोप में गिरफ़्तार किया है. स्थानीय अदालत ने अभियुक्त को 14 दिनों की हिरासत में भेज दिया है.

पुलिस का कहना है कि अभियुक्त अशफाक़ आलम मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और उसने घटना को अकेले ही अंजाम दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक़ रविवार को बच्ची का शव अंतिम संस्कार से पहले एक स्कूल में रखा गया जहां नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं समेत सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए.

बच्ची के परिजनों ने शुक्रवार को बच्ची के लापता होने की शिकायत दी थी जिसके बाद अभियुक्त अशफाक़ को गिरफ़्तार कर लिया गया था.

पुलिस के मुताबिक़ सीसीटीवी वीडियो में अभियुक्त इलाक़े में दिखा था और चश्मदीदों ने उसे घटनास्थल के पास देखा था.

पुलिस का कहना है कि अभियुक्त के ख़िलाफ़ अपहरण, हत्या, सबूत मिटाने के प्रयास की धाराओं के अलावा पोक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया है.

पुलिस का ये भी कहना है कि अभी तक की जांच में इस अपराध में किसी और के शामिल होने के संकेत नहीं मिले नहीं है.

पुलिस के मुताबिक़, “ऐसे चश्मदीद मिले हैं जिन्होंने घटना से एक घंटा पहले अभियुक्त को बच्ची के साथ देखा था.”

केरल पुलिस बिहार पुलिस की मदद से आलम का आपराधिक रिकॉर्ड भी तलाश रही है.

अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक़ घटना के बाद लोगों का आक्रोश भड़क गया है और अभियुक्त के लिए सख़्त सज़ा की मांग की जा रही है.

कांग्रेस के स्थानीय विधायक अनवर सादात ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मेरी भी दो बेटियां हैं और हम सब अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं.”

उन्होंने कहा कि पुलिस को अभियुक्त के ख़िलाफ़ मज़बूत केस बनाना चाहिए और सख़्त से सख़्त सज़ा की मांग करनी चाहिए.

मृतक बच्ची के माता-पिता भी बिहार से ही आये प्रवासी मज़दूर हैं. वो कक्षा एक में पढ़ती थी.

रिपोर्ट के मुताबिक़ जिस वक़्त बच्ची का अपहरण किया गया था, उसके पिता काम पर गए थे और मां घर का काम कर रही थी.

इस कार्यकाल में भले ही यूसीसी ना लाये, मुद्दे को ज़िंदा रखेगी बीजेपी

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द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ भारतीय जनता पार्टी मौजूदा कार्यकाल के दौरान शायद समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को ना लाये.

यूसीसी बीजेपी के वैचारिक एजेंडे का अंतिम वादा है. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के का काम पहले ही हो चुका है.

अख़बार ने पार्टी के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि भले ही इस कार्यकाल के दौरान यूसीसी ना लाया जाए, पार्टी इसे मुद्दे पर राजनीतिक चर्चा के ज़रिए इसे ज़िंदा और ताज़ा रखेगी.

समान नागरिक संहिता एक ऐसा प्रस्तावित क़ानून है जो भारत में सभी धर्मों के लोगों की शादी, तलाक़, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान रूप से लागू होगा. फिलहाल भारत में व्यक्तिगत मामलों पर अलग-अलग धर्मों के लिए अलग-अलग क़ानून लागू हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जून को भोपाल में रैली के दौरान यूसीसी के मुद्दे पर बात की थी और ये माना जा रहा था कि ये क़ानून जल्द ही लाया जा सकता है.

हालांकि अख़बार ने पार्टी के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि इस क़ानून को लाने से पहले गहरे शोध और व्यापक सलाह-मशवरे की ज़रूरत है, ऐसे में मौजूदा कार्यकाल के दौरान शायद इसे ना लाया जा सके.

हालांकि इस मुद्दे को ज़िंदा रखने के लिए बीजेपी के कई नेताओं ने इस पर बयान दिये हैं. शुक्रवार को झारखंड से बीजेपी के लोकसभा सांसद सुनील कुमार सिंह ने यूसीसी पर प्राइवेट मेंबर बिल (निजी विधेयक) भी पेश किया, हालांकि लोकसभा इस दौरान स्थगित रही और विधेयकों पर चर्चा नहीं हुई.

बीजेपी शासित कई राज्यों की सरकारें राज्य में यूसीसी विधेयक लाने पर काम कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक़, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात पहले से ही इस दिशा में काम शुरू कर चुके हैं जबकि उत्तर प्रदेश और असम ने अभी इस दिशा में बड़े क़दम नहीं उठाये हैं.

जुलाई में देशभर में हुई बारिश से मानसून 6 प्रतिशत अधिक पहुंचा

दिल्ली में भारी बारिश

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द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इस साल जुलाई महीने में मानसून सामान्य से 15 प्रतिशत अधिक रहा है. जून के अंत में देशभर में 10 प्रतिशत की कमी थी लेकिन जुलाई के अंत में अब सामान्य से पांच प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ 35 दिनों तक असामान्य रूप से लंबे और सक्रिय मानसून की परिस्थितियों की वजह से अधिक बारिश हुई है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ अगस्त के दूसरे सप्ताह में मानसून कमज़ोर पड़ जाएगा.

दक्षिणी और मध्य भारत में पहले ही बारिश कम हो चुकी है. पिछले दो दिनों के दौरान राष्ट्रव्यापी बारिश का आंकड़ा गिर रहा है.

सक्रिय मानसून के दौरान इस साल देशभर में सामान्य से अधिक बारिश हुई है.

गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना में भारी बारिश की वजह से बाढ़ भी आई है. 30 जुलाई तक उत्तर-पश्चिम भारत में 33 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है जबकि मध्य भारत में 14 प्रतिशत और दक्षिण भारत में 6 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है.

हालांकि पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर भारत में 25 प्रतिशत बारिश कम हुई है.

कर्नाटकः 40 प्रतिशत रिश्वत के आरोपों की जांच करा सकती है सरकार

बसावराज बोम्मई

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इमेज कैप्शन, बसावराज बोम्मई की सरकार पर रिश्वत लेकर काम करने के आरोप लगे थे.

द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पूर्ववर्ती भाजपा सरकार पर लगे 40 प्रतिशत रिश्वत लेने के आरोपों की जांच करा सकती है.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सरकार पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई पर लगे 40 प्रतिशत कमीशन लेकर काम कराने के आरोपों की न्यायिक जांच करा सकती है.

बीते गुरुवार को हुई राज्य की कैबिनेट की बैठक में इस विषय पर चर्चा की गई.

कर्नाटक स्टेट कांट्रेक्टर्स एसोसिएशन ने ये आरोप लगाये थे और चुनावों के दौरान कांग्रेस ने इसे एक बड़ा मुद्दा बनाया था.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि जांच को विश्वसनीय बनाने के लिए हाई कोर्ट के किसी पूर्व जज से ये जांच कराई जा सकती है.

सरकार से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर न्यायिक जांच का फ़ैसला किया जाता है तो वो लोग सामने आ सकते हैं जिनके पास रिश्वत देने के दस्तावेज़ी सबूत होंगे.

आरोप हैं कि बीजेपी सरकार ने ठेके देने और अधिकारियों के तबादले करने में 40 प्रतिशत तक कमीशन (रिश्वत) ली थी.

इससे पहले कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खड़गे और अन्य मंत्री ये संकेत दे चुके हैं कि सरकार भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाने पर विचार कर ही है.

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई और बीजेपी के कई अन्य नेता सरकार को भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करवाने की चुनौती दे चुके हैं.

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