पाकिस्तान: जमीयत उलेमा ए इस्लाम की रैली में धमाका, कम से कम 44 की मौत

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पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी प्रांत ख़ैबर पख़्तूनख़्वा के बाजौर ज़िले में रविवार को जमीयत उलेमा ए इस्लाम फज़्ल (जेयूआई-एफ़) की रैली में हुए धमाके में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई. धमाके में कम से कम 100 लोग घायल हुए हैं.
पुलिस ने बीबीसी को बताया कि उन्हें ऐसे सबूत मिले हैं जो ये इशारा करते हैं कि ये एक आत्मघाती हमला हो सकता है.
अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. अधिकारियों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है.
रिपोर्टों के मुताबिक धमाके में जमीयत के एक प्रमुख स्थानीय नेता की भी मौत हो गई है. उनका नाम मौलाना जियाउल्लाह जान बताया गया है.
घायलों को ज़िला अस्पताल में दाखिल कराया गया है, कुछ घायलों को पास के इलाक़ों के अस्पतालों में दाखिल कराया गया है.
गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को पेशावर लाने के लिए हेलीकॉप्टर बाजौर भेजा गया है. पेशावर में लेडी रीडिंग हॉस्पिटल में घायलों के इलाज की व्यवस्था की गई है.

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अभी तक किसी चरमपंथी संगठन ने धमाके की ज़िम्मेदारी नहीं ली है और न ही पुलिस ने धमाके की वजह की जानकारी दी है.
ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत की सीमा अफ़ग़ानिस्तान से लगती है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और दूसरे नेताओं ने धमाके की निंदा की है.
प्रधानमंत्री शरीफ़ ने इस मामले में गृह मंत्री और ख़ैबर पख़्तूनख़्वा की सरकार से रिपोर्ट मांगी है. घटना की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.
इस बीच सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो देखे जा सकते हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि ये घटना के बाजौर में हुए धमाके की है.

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प्रत्यक्षदर्शी ने क्या बताया
अधिकारियों ने बताया है कि रैली बाजौर ज़िले के ख़ार तहसील इलाक़े में बुलाई गई थी. इसमें हिस्सा लेने के लिए सैंकड़ों लोग मौजूद थे.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार क़रीब 400 पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक इस रैली में हिस्सा लेने पहुंचे थे.
24 साल के सबी उल्लाह का एक हाथ धमाके में ज़ख्मी हो गया है. उन्होंने एएफ़पी को बताया, "हम पार्टी के आला नेताओं का इंतज़ार कर रहे थे, अचानक वहां ज़ोर से एक आवाज़ गूंजी. कुछ देर बाद होश आया तो देखा कि मैं एक अन्य व्यक्ति के पास गिरा हुआ हूं. उस व्यक्ति का हाथ कट गया था. मैं हवा में खून और गंध महसूस कर सकता था."
रेस्क्यू सेवा 1122 के प्रवक्ता ने बताया कि विस्फोट ख़ार के दुबई मोड़ इलाक़े के पास हुआ.
स्थानीय टीवी चैनल धमाके के बाद की तस्वीरें प्रसारित कर रहे थे जिनमें एंबुलेंस के जरिए लोगों को अस्पताल ले जाता देखा जा सकता था.
अधिकारियों के मुताबिक घायलों की बड़ी तादाद के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने में परेशानी हो रही थी. गंभीर रूप से घायल हुए कई लोग अस्पतालों और क्लीनिक के हॉल में अपनी बारी का इतंज़ार कर रहे थे.
इसके बाद अधिकारियों ने ज़िला अस्पताल में हेल्थ इमर्जेंसी (स्वास्थ्य आपातकाल) लगाने का एलान किया.

प्रधानमंत्री शरीफ़ ने क्या कहा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने धमाके की निंदा की है.
उन्होने कहा, "आतंकवादियों ने उन लोगों को निशाना बनाया है जो धर्म और देश के बारे में बात करते हैं."
पीएम शरीफ़ ने पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और कहा है,"आतंकवादी पाकिस्तान के दुश्मन हैं और हमें पाकिस्तान के दुश्मनों को ख़त्म करना है."
पीएम शरीफ़ ने इस मामले में गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह और ख़ैबर पख़्तूनख़्वा की प्रांतीय सरकार से रिपोर्ट मांगी है.
वहीं गृह मंत्री सनाउल्लाह ने कहा है कि घटना के दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा.
उन्होंने कहा, "देश विरोधी तत्व पाकिस्तान में अराजकता फ़ैलाना चाहते हैं. घटना के दोषियों को क़ानून के कठघरे में लाया जाएगा."

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जमीयत ने बताया साजिश
जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के महासचिव और सीनेटर मौलाना अब्दुल गफ़ूर हैदरी ने विस्फोट की निंदा की है.
उन्होंने कहा है कि एक सोची-समझी साज़िश के तहत देश का माहौल ख़राब किया जा रहा है.
उन्होंने कहा, “जमीयत उलेमा इस्लाम शांति के रास्ते पर चलने वाली पार्टी है. हमने हमेशा शांति का रास्ता आजमाया है.”
प्रांत के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मुहम्मद आज़म ख़ान और दूसरे नेताओं ने धमाके की निंदा की है और लोगों की मौत पर दुख जाहिर किया है.
पाकिस्तान में बीते कुछ महीनों के दौरान चरमपंथी गतिविधियां बढ़ गई हैं.
इस साल के शुरुआत में ख़ैबर पख़्तूनख़्वा सूबे की राजधानी पेशावर एक मस्जिद को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला किया गया था. इसमें कई लोगों की मौत हो गई थी.

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क्या है जेयूआई-एफ़?
जमीयत उलेमा ए इस्लाम फज़्ल (जेयूआई-एफ़) पाकिस्तान की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी है. ये पार्टी पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन में शामिल है.
पाकिस्तान में इस साल के आख़िर में चुनाव हो सकते हैं. जेयूआई-एफ़ इसी की तैयारी में जुटी है और रविवार की रैली उनके लिए अपनी ताक़त दिखाने का एक मौका मानी जा रही थी.
पार्टी के नेता फज़ल उर रहमान ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से मांग की है कि वो धमाके की जांच कराएं.
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