बीएचयू छात्रा से कथित गैंगरेप: घटना के 60 दिन बाद तीन अभियुक्त गिरफ़्तार, बीजेपी पर क्यों हमलावर विपक्ष

गैंग रेप

इमेज स्रोत, Getty Images

    • Author, उत्पल पाठक
    • पदनाम, वाराणसी से बीबीसी के लिए

आईआईटी बीएचयू की छात्रा से कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है.वाराणसी की एक कोर्ट ने तीनों अभियुक्तों 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

आरोप के मुताबिक ये मामला बीती एक नवंबर को बीएचयू कैंपस में हुआ.

घटना के लगभग 60 दिनों बाद तीन अभियुक्तों कुणाल पांडेय, आनंद उर्फ अभिषेक चौहान और सक्षम पटेल को पुलिस ने गिरफ़्तार किया.

पुलिस के मुताबिक वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है.

काशी जोन के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बीबीसी हिंदी को बताया कि गिरफ्तारी के बाद 'तीनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म कुबूल कर लिया है.'

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीनों अभियुक्तों को रविवार शाम एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने तीनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया.

बीएचयू

पुलिस ने क्या बताया

वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में बीबीसी को जानकारी दी.

डीसीपी रामसेवक गौतम ने बताया, "तीनों अभियुक्तों को शनिवार देर रात उनके घरों से गिरफ़्तार किया गया. तीनों अभियुक्तों ने अपना अपराध कुबूल कर लिया."

उन्होंने बताया, "अभियुक्तों के पास मोबाइल फ़ोन जब्त किए गए हैं. घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है."

पुलिस ने क्या बताया

अभियुक्तों को घटना के करीब दो महीने बाद गिरफ़्तार किया गया.

इस देरी को लेकर पूछे गए सवाल पर डीसीपी गौतम ने बताया, "इस घटना को लेकर हमारी जांच और तलाशी अभियान जारी था. अभियुक्तों को गिरफ़्तार करने से पहले उन्हें समय देना हमारी रणनीति का हिस्सा था."

उन्होंने कहा, "पुलिस तीनों अभियुक्तों के बारे में जानकारी जुटा रही है. हम पता करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इनका पहले भी कोई आपराधिक रिकॉर्ड रहा है. जरूरी होने पर इनके ख़िलाफ़ गैंगेस्टर एक्ट भी लगाया जाएगा."

आईटी

इमेज स्रोत, बीबीसी

अभियुक्तों को लेकर बीजेपी से सवाल

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

ये भी दावा किया जा रहा है कि इस चर्चित मामले में गिरफ़्तार किए गए तीनों अभियुक्त बीजेपी के आईटी सेल से जुड़े हुए थे.

पार्टी के कई बड़े नेताओं के साथ इनकी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.

दावे के मुताबिक कुणाल पांडेय वाराणसी में बीजेपी आईटी सेल के संयोजक रह चुके हैं.

वहीं सक्षम पटेल बीजेपी की वाराणसी यूनिट में आईटी सेल के सह संयोजक रहे हैं.

आनंद उर्फ अभिषेक आईटी सेल कार्यसमिति के सदस्य रह चुके हैं.

सक्षम पटेल को लेकर दावा किया गया है कि वो बीजेपी काशी प्रांत के निवर्तमान अध्यक्ष दिलीप पटेल के निजी सचिव हैं.

इन दावों के समर्थन में तीनों अभियुक्तों के सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल का हवाला दिया जा रहा है. एक बीजेपी नेता के लेटरहेड पर इनकी नियुक्ति का एलान करने वाला पत्र भी वायरल है. बीबीसी इस पत्र की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है लेकिन कई लोग इसके सही होने का दावा कर रहे हैं.

बीजेपी के नेता भी अनौपचारिक बातचीत में पार्टी से इनके संबंधों की बात मान रहे हैं.

ताज़ा रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बीजेपी ने तीनों को पार्टी से निकाल दिया है.

हालांकि बीजेपी की ओर से इस बारे में कोई विज्ञप्ति या औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है.

अभियुक्तों के कथित तौर पर बीजेपी आईटी सेल से जुड़े होने को लेकर पूछे गए सवाल पर पुलिस अधिकारियों ने कहा, "इस बात से जांच पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा."

बीएचयू

इमेज स्रोत, ANURAG/BBC

क्या है मामला?

इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक़ नवंबर महीने की एक तारीख को रात लगभग डेढ़ बजे आईआईटी बीएचयू की बीटेक की छात्रा अपने छात्रावास न्यू गर्ल्स हॉस्टल से बाहर घूमने के लिए निकली थी.

कुछ दूरी पर स्थित गांधी स्मृति छात्रावास चौराहे पर उनका दोस्त मिल गया. वे दोनों कर्मन वीर बाबा मंदिर के पास थे तभी बुलेट सवार तीनों अभियुक्त वहां पहुंचे और उन्हें जबरदस्ती रोक लिया.

एफआईआर के मुताबिक़ अभियुक्तों ने छात्रा के दोस्त के साथ मारपीट की और बंदूक दिखाकर छात्रा को निर्वस्त्र करने के बाद उसके साथ अश्लील हरकत करते हुए वीडियो भी बनाया.

अभियुक्तों ने उन्हें धमकी दी कि अगर इस घटना का जिक्र किया तो वीडियो वायरल कर दिया जाएगा.

इस घटना के बाद अभियुक्तों की गिरफ़्तारी और कैंपस में सुरक्षा में चूक के मुद्दे लेकर आईआईटी बीएचयू और बीएचयू के दूसरे विभाग के छात्रों ने दस दिनों तक आंदोलन किया.

इसके बाद बीएचयू चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर और स्थानीय लंका थाना के थानाध्यक्ष को सस्पेंड कर दिया गया था.

 हंसराज विश्वकर्मा
इमेज कैप्शन, भाजपा जिलाध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा

बीजेपी ने क्या कहा

बीजेपी जिलाध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा ने एक अनौपचारिक बातचीत में कहा कि अभियुक्त आईटी सेल के सदस्य थे.

उन्होंने कहा कि वारदात में नाम आते ही अभियुक्तों को पार्टी से निकाल दिया गया था.

रविवार को वाराणसी में बीजेपी के कई बड़े नेता इस मामले पर सवालों से बचते दिखे.

शहर उत्तरी के विधायक और स्टाम्प मंत्री रविंद्र जायसवाल ने भी मीडिया वालों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि दोषियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई होगी.

अजय राय
इमेज कैप्शन, अजय राय

विपक्ष हमलावर

कांग्रेस इस मामले को लेकर बीजेपी से तीखे सवाल पूछ रही है.

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने घटना के कुछ दिन बाद ही आरोप लगाया था कि इसमें बीजेपी और विद्यार्थी परिषद के लोग शामिल हैं. इसके बाद इस मामले में लंका थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था.

अभियुक्तों की गिरफ़्तारी के बाद अजय राय ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर उनकी बीजेपी नेताओं के साथ तस्वीरें पोस्ट कीं. उन्होंने एक वीडियो जारी कर इस मामले में अपने पुराने बयानों को भी दोहराया.

अजय राय

इमेज स्रोत, SOCIAL MEDIA

छात्रा से कथित गैंगरेप के मामले में गिरफ़्तार अभियुक्तों को कड़ी सजा की मांग करते हुए समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने कहा "आजकल उत्तर प्रदेश अपराध प्रदेश बन चुका है. इसके लिए भाजपा नेता ही जिम्मेदार हैं."

उन्होंने कहा कि बीजेपी के महिला सशक्तिकरण के नारे जैसे 'नारी-वंदन', 'एंटी रोमियो' और 'बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ' केवल हवा-हवाई हैं.

पार्टी प्रवक्ता मनोज राय धूपचंडी ने सोशल मीडिया पर लिखा, "नारी वंदन का दिखावा करने वाली बीजेपी का असली चेहरा फिर सामने आ गया है."

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बीजेपी से कड़े सवाल पूछे थे. इसके बाद स्थानीय नेताओं ने सरकार की आलोचना शुरू कर दी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)