'कथित गैंगरेप के बाद युवती की ख़ुदकुशी', पुलिस पर सवाल

बदायूं

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    • Author, समीरात्मज मिश्र
    • पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए

उत्तर प्रदेश के बदायूं ज़िले में कथित तौर पर गैंगरेप से पीड़ित एक नाबालिग लड़की ने घटना के दो दिन बाद आत्महत्या कर ली.

बताया जा रहा है कि गैंगरेप की शिकायत के बावजूद कार्रवाई में पुलिस की आनाकानी से आहत होकर लड़की ने आत्महत्या की है. वहीं पीड़ित परिवार का कहना है कि उन पर शिकायत वापस लेने और समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है.

बदायूं के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने बीबीसी को बताया, "रेप की शिकायत पर तीन लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज किया गया है और मुख्य अभियुक्त को गिरफ़्तार करके जेल भेज दिया गया है. लड़की का मेडिकल कराया गया था जिसमें शरीर पर चोट के निशान ज़रूर थे लेकिन गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई थी. तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई होगी."

क्या कहना है परिवार का

बदायूं के मूसाझाग इलाक़े की रहने वाली इस नाबालिग लड़की के परिवार का आरोप है कि 21 अगस्त को को गांव के ही कुछ लोग किडनैप करके गांव के ही प्राइमरी स्कूल में ले गए और वहां उसके साथ तीन लोगों ने रेप किया.

पीड़ित लड़की की मां का कहना था, "कुछ लोग घर पर आए और ज़बरन कंधे पर उठाकर लेते गए. उस समय घर पर कोई नहीं था. बेटे के आने के बाद जब लड़की को ढूंढ़ा गया तो वो स्कूल परिसर में ही बेहोशी की हालत में मिली. उसके बाद पुलिस को पूरी जानकारी दी गई."

शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और लड़की की मेडिकल जांच भी कराई गई लेकिन उसके बाद बदायूं के पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने मीडिया से बातचीत में गैंगरेप की पुष्टि होने से इनकार कर दिया. एसपी अशोक कुमार ने ये भी कहा कि लड़की अभियुक्त को जानती थी और दोनों के बीच अक़्सर कई बार फ़ोन पर बातचीत होती थी.

बदायूं के एसपी

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एसपी के इस बयान के बाद ही यानी 22 अगस्त की रात को लड़की ने ख़ुदकुशी कर ली जिसके बाद पुलिस महकमे से लेकर शासन तक हड़कंप मच गया. बरेली ज़ोन के आईजी डीके ठाकुर ने गांव पहुंचकर परिवार वालों से मुलाक़ात की और आश्वासन दिया कि दोषियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.

लड़की के परिजनों का कहना है कि शिकायत के बाद थाने से लेकर ऊपर तक पुलिस का जो रवैया रहा है, उसी से आहत होकर उसने आत्म हत्या कर ली. परिवार वाले इस मामले में एसपी के उस बयान का भी ज़िक्र कर रहे हैं जिसमें उन्होंने रेप से इनकार किया है और लड़के से फ़ोन पर अक्सर बातचीत होने की बात मीडिया को बताई है.

आईजी ने दिया जांच का भरोसा

लड़की के भाई ने बीबीसी को बताया कि उन लोगों को समझौता करने के लिए धमकियां भी मिल रही हैं, "हमसे कहा जा रहा है कि केस वापस ले लो और कुछ पैसा-वैसा ले लो नहीं तो ठीक नहीं होगा. ये बात फ़ोन पर कही गई है. किसने कहा है ये हम नहीं जानते. हम तो चाहते हैं कि हमें न्याय मिले."

हालांकि आईजी डीके ठाकुर का कहना है कि धमकी के आरोपों की जांच की जा रही है लेकिन केस वापस लेने का तो अब सवाल ही नहीं है क्योंकि एफ़आईआर रजिस्टर्ड है, लड़की के बयान हैं, इसकी जांच चल रही है, इसलिए पीड़ित पक्ष चाहे भी तो अब केस वापस नहीं ले सकता है.

डीके ठाकुर का भी कहना था कि मेडिकल रिपोर्ट में रेप जैसी बात नहीं आई है लेकिन चूंकि एफ़आईआर में ये शिकायत दर्ज कराई गई है, इसलिए हर एंगल से जांच हो रही है. उनके मुताबिक, रेप के मामले में ही अभियुक्त को गिरफ़्तार भी किया गया है और दो अन्य अज्ञात अभियुक्तों की गिरफ़्तारी भी जल्द ही हो जाएगी.

बदायूं

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लड़की के परिजनों का कहना है कि उसने शर्म के चलते आत्महत्या कर ली जबकि जानकारों के मुताबिक पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं ये 'ऑनर किलिंग' का मामला तो नहीं है.

एक पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "लड़की के शरीर पर चोट के निशान ज़रूर मिले हैं लेकिन चोट शरीर के बाहरी हिस्सों पर ही हैं, अंदरूनी जगहों पर नहीं. यानी लड़की के साथ मार-पीट की गई है, पर ये नहीं पता कि मार-पीट किसने की- घर वालों ने या फिर अभियुक्तों ने."

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