दक्षिण कोरिया में विमान हादसा: रनवे के पास दीवार क्यों थी?

इमेज स्रोत, Reuters
- Author, डेविड मर्सर
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
विमानन विशेषज्ञों ने रनवे के पास बनी 'असामान्य' कंक्रीट की दीवार और दक्षिण कोरिया विमान दुर्घटना में इसकी भूमिका पर सवाल उठाए हैं. रविवार को हुई इस दुर्घटना में 179 लोग मारे गए थे.
विमान के क्रैश होने की फुटेज में दिखाया गया है कि मुआन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जेजू एयर का विमान रनवे से उतरने के बाद एक दीवार से टकराता है और उसमें तुरंत आग लग जाती है.
दक्षिण कोरिया की अब तक की सबसे भीषण विमान दुर्घटना के कारणों की जांच कर रहे अधिकारी रनवे के अंत से लगभग 250 मीटर दूर कंक्रीट की दीवार की जगह पर गौर कर रहे हैं.
वायु सुरक्षा विशेषज्ञ डेविड लियरमाउंट ने कहा कि अगर ये दीवार नहीं होती तो विमान 'रुक जाता' और उसमें सवार अधिकांश या संभवतः सभी लोग जीवित बच निकलते.

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

पायलट ने बताया कि विमान एक पक्षी से टकरा गया था. पक्षी के टकराने के बाद पायलट ने लैंडिंग में परिवर्तन किया और विपरीत दिशा से उतरने की अनुमति मांगी.
विमान 2,800 मीटर के रनवे पर कुछ दूरी तक नीचे आया और ऐसा लगा कि उसने अपने पहियों या किसी अन्य लैंडिंग गियर का इस्तेमाल किए बिना ही लैंडिंग की.
एविएशन एक्सपर्ट लियरमाउंट ने कहा, ''विमान के रनवे पर उतरना 'फ्लैपलेस/गियरलेस लैंडिंग' के दौरान जितना अच्छा हो सकता था, उतना था. यानी पंख समतल थे. विमान का अगला हिस्सा इतना ऊंचा नहीं था कि उसका पिछला हिस्सा छिटक जाए.''
उनका कहना है कि रनवे पर फिसलने के बावजूद विमान को कोई खास नुकसान नहीं हुआ था.
उन्होंने कहा, "इतने सारे लोगों की मौत का कारण लैंडिंग नहीं थी. उनकी मौत का कारण थी रनवे के अंत से कुछ दूरी पर कंक्रीट की दीवार."
जर्मनी के म्यूनिख स्थित लुफ्थांसा एयरलाइन के पायलट क्रिश्चियन बेकर्ट ने कंक्रीट की दीवार को 'असामान्य' बताते हुए समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "आमतौर पर हवाई अड्डे के आख़िर में रनवे के बाद कोई दीवार नहीं होती है."
दक्षिण कोरिया की योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार उस कंक्रीट की दीवार पर एक नेविगेशन सिस्टम लगा हुआ था जो विमान की लैंडिंग में मददगार होता है.
दक्षिण कोरिया के परिवहन मंत्रालय ने क्या कहा

इमेज स्रोत, Reuters
दक्षिण कोरिया के परिवहन मंत्रालय ने कहा है कि देश के अन्य हवाई अड्डों और कुछ विदेशी हवाई अड्डों पर कंक्रीट संरचनाओं के साथ उपकरण लगाए गए हैं.
हालांकि अधिकारी इस बात की जांच करेंगे कि क्या कंक्रीट की ऐसी दीवारों को थोड़ा कमज़ोर बनाया जा सकता था ताकि ये आसानी से टूट जाएं.
48 वर्षों के अनुभव वाले पायलट क्रिस किंग्सवुड ने ठीक वैसा ही विमान उड़ाया है जो इस दुर्घटना में शामिल था.
किंग्सवुड ने बीबीसी को बताया, "रनवे के एक निश्चित दायरे और दूरी के भीतर की बाधाओं का 'कमज़ोर' होना आवश्यक है. जिसका अर्थ है कि अगर कोई विमान ऐसी बाधाओं से टकराता है तो वे टूट जाएं."

अपनी बात समझाते हुए किंग्सवुड कहते हैं, "जहाँ तक मैं समझता हूँ विमान रनवे पर बहुत तेज़ गति से चल रहा था और वो रनवे की शुरुआत से काफ़ी आगे उतरा. यही कारण था कि विमान रनवे के अंत से भी काफ़ी आगे निकला और दीवार से टकरा गया. इसकी निश्चित रूप से जाँच होनी चाहिए.''
"हवाई जहाज़ मजबूत नहीं होते. उन्हें जानबूझ कर जितना संभव हो हल्का बनाया जाता है. विमानों को हाई स्पीड पर अपने पेट के बल रनवे पर उतरने के लिए डिज़ाइन नहीं किया जाता है."
"ईंधन विमान के पंखों में रखी होती है. इसलिए अगर पंख टूट जाएं तो आग लगने की संभावना बहुत अधिक होती है. इसलिए यह निश्चित नहीं है कि अगर दीवार नहीं होती तो परिणाम बिल्कुल अलग होता."
उन्होंने कहा, "मुझे डर है कि अगर हम दुनिया के कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का निरीक्षण करें तो हमें वहां अनेक बाधाएं मिलेंगी. ऐसी बाधाएं जिनसे ख़तरा पैदा हो सकता है."
विमानन विश्लेषक क्या कह रहे हैं?

विमानन विश्लेषक सैली गेथिन ने सवाल उठाया कि क्या पायलट को पता था कि रनवे के अंत के बाद कंक्रीट की एक दीवार है?
उन्होंने बीबीसी समाचार को बताया,"हमें यह जानना है कि क्या पायलटों को पता था कि रनवे के आख़िर में एक मज़बूत दीवार है. ये जानना ज़रूरी है कि क्या पायलटों को कंट्रोल टावर ने दूसरी बार रनवे के उपयोग को रोकने का निर्देश दिया था तो यह बात ब्लैक बॉक्स की जांच में सामने आनी चाहिए.''
"मुझे लगता है कि ऐसे बहुत सारे सवाल हैं."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़ रूम की ओर से प्रकाशित















