टी20 वर्ल्ड कप: टीम इंडिया ने हारी हुई बाजी को जीत में कैसे बदला

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भारत ने बारबाडोस के मैदान में दक्षिण अफ़्रीका को 7 रनों से हराकर टी 20 क्रिकेट विश्व कप 2024 का ख़िताब अपने नाम कर लिया है.
टी 20 के इस फ़ाइनल मैच में अंत तक रोमांच बना रहा. मैच की शुरुआत से ही कभी अफ़्रीकी टीम का पलड़ा भारी दिखा तो कभी भारत की टीम जीत की तरफ बढ़ते हुए दिखी.
बल्लेबाज़ी से लेकर गेंदबाज़ी तक में दोनों ही टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया. लेकिन अंत में दक्षिण अफ़्रीका की टीम को हार का सामना करना पड़ा.
टी 20 में भारत की यह दूसरी ख़िताबी जीत है. ख़ास बात यह है कि रोहित शर्मा की टीम अजेय टीम की तरह खेली और एक भी मैच हारे बिना ट्राफ़ी अपने नाम कर ली.
भारत की टीम ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए दक्षिण अफ़्रीका के सामने 177 रनों का लक्ष्य रखा था.
दक्षिण अफ़्रीका की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट पर 169 रन ही बना पाई.
इससे पहले भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया था. मैच की शुरुआत में ही 34 रनों पर तीन विकेट गंवाने के बाद ऐसे लग रहा था कि पहले बल्लेबाज़ी करने का भारत का फ़ैसला कहीं ग़लत साबित न हो जाए.

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बारबाडोस के विकेट ने तेज़ गेंदबाज़ों का अच्छा साथ दिया और दोनों ही टीमों के गेंदबाज़ों ने शुरू में बेहतरीन गेंदबाज़ी कर विपक्षी टीम को बड़े झटके दिए.
लेकिन बाद में भारत की पारी को विराट कोहली और अक्षर पटेल ने संभाला. विराट कोहली और अक्षर पटेल के बीच शानदार 74 रनों की साझेदारी रही, जिसकी बदौलत भारत की टीम 176 रनों के स्कोर तक पहुंच सकी.
मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट

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भारत की बल्लेबाजी की बात करें तो सबसे ज़्यादा विराट कोहली ने 76 रन बनाए. शानदार बल्लेबाज़ी के लिए विराट कोहली को प्लेयर ऑफ द मैच से नवाजा गया.
भारत की पारी में अक्षर पटेल ने 47 और शिवम दुबे ने 27 रनों का योगदान दिया.
दक्षिण अफ़्रीका के गेंदबाज़ों ने शुरू में अच्छी गेंदबाजी की थी. दूसरे ओवर में केशव महाराज ने रोहित शर्मा और ऋषभ पंत को आउट कर पवेलियन भेज दिया. वहीं पांचवें ओवर में सूर्यकुमार यादव 3 रन बनाकर चलते बने.
177 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ़्रीका की टीम की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही. दक्षिण अफ़्रीका की टीम ने दूसरे ओवर में ही पहला विकेट गंवाया. जसप्रीत बुमराह ने दूसरे ओवर की तीसरी गेंद पर रीजा हेंड्रिक्स को बोल्ड आउट किया.
वहीं अर्शदीप सिंह ने तीसरे ओवर की तीसरी गेंद पर एडम मार्करम को कैच आउट किया. विकेट के पीछे ऋषभ पंत ने शानदार कैच लपका.
इसके बाद ट्रिस्टन स्टब्स और क्विंटन डिकॉक ने पारी को संभाला.
दक्षिण अफ़्रीका की तरफ़ से हेनरिक्स क्लासेन ने शानदार 27 गेंदों में 52 रन बनाए.
15 ओवर के बाद दक्षिण अफ़्रीका का स्कोर 147 रन था. उसे जीतने के लिए 30 गेंदों में 30 रनों की ज़रूरत थी.
यहीं से मैच में भारत ने चमत्कार कर दिखाया. इस स्कोर पर भारत की हार लगभग तय दिख रही थी, लेकिन तभी 17वें ओवर की पहली गेंद पर हार्दिक पांड्या ने हेनरिक्स क्लासेन को आउट कर दिया.
पांड्या की गेंद बल्ले का किनारा लेते हुए विकेट के पीछे गई और ऋषभ पंत ने कैच लपक लिया. इस मैच का यह सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था.
सूर्य कुमार यादव का कैच

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शानदार गेंदबाज़ी करते हुए हार्दिक पांड्या ने 19 रन देकर तीन विकेट चटकाए.
जबकि जसप्रीत बुमराह ने भी 4 ओवर में महज़ 18 रन देकर दो विकेट लिए.
जिस वक़्त दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 5 विकेट पर 156 रन था और उसे 15 गेंदों पर 21 रनों की ज़रूरत थी, उसी वक़्त बुमराह की एक अंदर आती गेंद ने मार्को यंसन को चकमा दे दिया.
यंसन के बोल्ड होने के बाद दक्षिण अफ़्रीका की टीम पर दबाव और ज़्यादा बढ़ गया. इस विकेट के आउट होने के बाद मैच का पलड़ा भारत की तरफ झुक गया और अंत में दक्षिण अफ़्रीका को हार का सामना करना पड़ा.
मैच के आख़िरी ओवरों में भारत की टीम ने शानदार गेंदबाजी और फ़िल्डिंग की और दक्षिण अफ़्रीका के मनसूबों पर पानी फेर दिया.
दक्षिण अफ्रीका को जीत के लिए आख़िरी ओवर में 16 रनों की ज़रूरत थी. लेकिन मैच के अंतिम ओवर में सूर्य कुमार यादव ने बाउंड्री लाइन पर डेविड मिलर का शानदार कैच लपककर दक्षिण अफ़्रीका की रही सही उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया.
कोहली ने किया संन्यास का एलान

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भारतीय क्रिकेट टीम के विश्व विजेता बनने के बाद विराट कोहली ने टी20 इंटरनेशनल फॉर्मेट से संन्यास का एलान कर दिया.
प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने के बाद कोहली ने कहा, "यह मेरा आखिरी टी20 वर्ल्ड कप था. हम यही हासिल करना चाहते थे, एक दिन आपको लगता है कि आप रन नहीं बना सकते हैं और फिर ऐसा कुछ होता है. भगवान महान हैं. यह अभी और कभी ना होने वाली स्थिति है. मैंने भारत के लिए आखिरी टी20 मैच खेला है."
उन्होंने कहा, "हम इस कप को उठाना चाहते थे. यह एक ऐसा सीक्रेट है, जो सब जानते हैं. ऐसा नहीं है कि अगर हम हार गए होते, तो मैं इसका एलान नहींं करने वाला था. अब समय आ गया है कि अगली जेनरेशन टी20 गेम को आगे ले जाए. आईसीसी ट्रॉफी जीतने के लिए हमें काफी लंबा इंतजार करना पड़ा."
रोहित भी किया संन्यास का एलान

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टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने वर्ल्ड कप खिताब जीतने के बाद टी20 इंटरनेशनल से संन्यास का एलान कर दिया है.
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित शर्मा ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला गया टी20 वर्ल्ड कप का फाइनल मैच उनके टी20 इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच था.
रोहित शर्मा ने कहा, "यह मेरा भी आखिरी मुकाबला था. मैने हर लम्हें से प्यार किया. मैं यही चाहता था, मैं भारत के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहता था."

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अपने संन्यास और भारतीय टीम की जीत पर समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, ''किसी ने अभी-अभी मुझ से कहा कि जब मैंने 2007 में भारत की ओर से खेलना शुरू किया था तो देश ने वर्ल्ड कप जीता था. अब मैं वर्ल्ड कप जीतने के बाद टी20 इंटरनेशनल फॉर्मेट छोड़ रहा हूं.''
उन्होंने कहा, ''जब मैं पहली बार 2007 में भारत के लिए खेला था तो आयरलैंड गया था. वहां हमने 50 ओवरों का मैच खेला था. इसके तुरंत बाद हम दक्षिण अफ्रीका टी20 वर्ल्ड कप खेलने गए. हम उस समय भी जीते थे और इस बार भी जीते हैं. इस तरह समय का एक चक्र पूरा हो गया है.''
रोहित शर्मा हालांकि भारत के टेस्ट और वनडे क्रिकेट मैच खेलना जारी रखेंगे.
राहुल द्रविड़ ने क्या कहा?

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भारतीय क्रिकेट टीम की कोचिंग छोड़ने के बाद राहुल द्रविड़ ने कहा है कि टीम ने टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन किया.
उन्होंने इस जीत को संभव बनाने के लिए कप्तान रोहित शर्मा, टीम और सहयोगी स्टाफ का आभार व्यक्त किया.
राहुल द्रविड़ ने कहा, ''एक खिलाड़ी के रूप में, मैं ट्रॉफी (विश्व कप) नहीं जीत पाया. मैं इतना भाग्यशाली नहीं था लेकिन जब भी मैं खेला तो मैंने अपना बेहतरीन दिया. ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो विश्वकप नहीं जीत पाए. लेकिन मैं भाग्यशाली था कि मुझे भारतीय टीम का कोच बनने का मौका मिला.''
उन्होंने कहा, ''मैं भाग्यशाली था कि हमारे खिलाड़ियों के इस ग्रुप ने जीत को संभव बनाया. मुझे, रोहित और इस टीम के साथ काम करना अच्छा लगा. मुझे खुशी है कि हमने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया."
"मैं भाग्यशाली था कि मुझे कोचों और सहयोगी स्टाफ का एक ग्रुप मिला, जिनकी बदौलत हमें ये विश्व कप हासिल हो सका.''
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