कोलकाता में बांग्लादेशी सांसद अज़ीम की हत्या: कसाई ने मौके पर जाकर बताया- कैसे किया था कत्ल

- Author, अमिताभ भट्टासाली
- पदनाम, बीबीसी बांग्ला, कोलकाता
चेतावनी- इस रिपोर्ट के कुछ हिस्सों से मानसिक तनाव हो सकता है.
पुलिस ने बांग्लादेश के सांसद अनावरुल अज़ीम की हत्या के मामले में गिरफ़्तार जिहाद हावलादार के ज़रिए पूरी घटना को समझा है.
बंगाल पुलिस को पता चला है कि अज़ीम के कपड़े और मोबाइल के अलावा उनके शरीर से चमड़ी हटाने के बाद शव के टुकड़ों को कहां-कहां फेंका गया था.
ढाका मेट्रोपोलिटन पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (ख़ुफ़िया विभाग) मोहम्मद हारून उर रशीद ने बताया है कि जिहाद ने सोमवार को उन लोगों के सामने इस बात का विस्तार से ब्योरा दिया था कि सांसद की हत्या कैसे की गई थी.
उनका कहना था, "पश्चिम बंगाल की सीआईडी टीम घटना को रीक्रिएट करने के लिए जिहाद को कोलकाता से सटे न्यू टाउन इलाक़े के उस फ्लैट में ले गई थी, जहां सांसद अज़ीम रह रहे थे. हम लोग भी मौक़े पर मौजूद थे."

राज्य पुलिस के ख़ुफ़िया विभाग के एक अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, "जिहाद ने उस फ्लैट में घटी घटनाओं का विस्तृत ब्योरा दिया था. लेकिन इस मामले में ढाका में गिरफ़्तार अमानुल्लाह समेत दूसरे अभियुक्तों के साथ उसके बयान पूरी तरह मेल नहीं खा रहे थे. इसलिए उस फ्लैट से ही कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए ढाका और कोलकाता में गिरफ़्तार अभियुक्तों को आमने-सामने बिठा कर पूछताछ की गई."
इससे पहले ढाका के पुलिस अधिकारी मोहम्मद हारून उर रशीद ने रविवार शाम को ही यहां ख़ुफ़िया विभाग की हिरासत में रहे प्रमुख अभियुक्त जिहाद से ख़ुद पूछताछ की थी.
जिहाद को फिलहाल यहां ख़ुफ़िया विभाग के मुख्यालय भवानी भवन में रखा गया है और वहीं उनसे पूछताछ की जा रही है.
ढाका से यहां आए ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारियों ने न्यू टाउन के उस प्लैट का भी दौरा किया था जहां सांसद की हत्या की गई थी.
रशीद ने भवानी भवन के अलावा उस फ्लैट से भी कई बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ढाका पुलिस की गिरफ़्त में रहे अभियुक्तों से बात की थी.
घटना की रेकी से क्या पता चला

जिहाद ने उस फ्लैट में पुलिस अधिकारियों को घटना का जो ब्योरा दिया है उससे पता चला कि सांसद अज़ीम 13 मई को दोपहर क़रीब तीन बजे दो अभियुक्तों-फैसल और अमानुल्लाह के साथ फ्लैट पहुंचे थे.
उस समय तीसरा अभियुक्त सेलेस्टी रहमान उस डुप्लेक्स फ्लैट की ऊपरी मंज़िल पर मौजूद था. उसके अलावा फ्लैट में जिहाद और सियाम नीचे ही थे.
ख़ुफ़िया विभाग ने जिहाद को गिरफ़्तार कर लिया है. लेकिन सियाम अब तक लापता है. जांचकर्ताओं का कहना है कि वह शायद नेपाल भाग गया है.
जिहाद के बयान के मुताबिक़, "फ्लैट में घुसते ही अभियुक्तों ने सांसद की नाक पर क्लोरोफॉर्म में भिगोया हुआ एक कपड़ा रख कर उनको बेहोश कर दिया. इसके बाद उस फ्लैट के किचन के पास गला घोंटकर अज़ीम की हत्या कर दी गई."
ख़ुफ़िया विभाग के एक अधिकारी का कहना था, "फ्लैट के ड्रॉइंग-डाइनिंग रूम वाले इलाक़े में एक सीसीटीवी कैमरा लगा है. लेकिन हत्या के करीब एक सप्ताह पहले सात मई को ही सेलेस्टी रहमान ने उस पर टेप से एक कपड़ा चिपका दिया था."
अभिजात्य घरों में आम तौर पर घर में काम करने वाली मेड पर निगाह रखने के लिए ऐसे सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं. फिलहाल यह साफ़ नहीं है कि उस सीसीटीवी का फुटेज किसके पास है.
शव ठिकाने लगाने की योजना

इस हत्याकांड के अभियुक्तों ने ढाका और राज्य पुलिस को पहले ही बताया था कि हत्या के बाद सांसद के शव को ठिकाने लगाने की योजना पहले ही तय कर ली गई थी.
सोमवार को जिहाद की ओर से पुलिस के समक्ष दिए बयान के मुताबिक़, "किचन के पास हत्या करने के बाद जिहाद ने सांसद के शरीर से चमड़ी उतार दिया और हड्डी और मांस को अलग-अलग कर दिया. उनका सिर भी धड़ से अलग कर दिया गया."
जिहाद ने सांसद के शव के टुकड़े किए और खोपड़ी तोड़ दी. उसने बताया है कि उसने इस काम के लिए खुखरी जैसे एक धारदार हथियार का इस्तेमाल किया था. अमानुल्लाह ने कोलकाता से ही उसे ख़रीदा था. उसके बाद अज़ीम के शव के टुकड़ों को छोटे-छोटे पैकेटों में भरा गया.
ढाका पुलिस के ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारी हारून उर रशीद ने बाद में बताया, "हमने उस फ्लैट में जिहाद की ज़ुबानी विस्तार से सुना कि सांसद अज़ीम की हत्या किस नृशंस तरीके से की गई थी. सिर्फ़ हत्या ही नहीं की गई. इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए किस तरह शरीर के टुकड़े किए गए और मांस को हड्डियों से अलग किया गया था. एक पुलिस अधिकारी होने के बावजूद मुझे इस बात पर भरोसा नहीं हो रहा था कि अभियुक्त इतने निष्ठुर और पत्थरदिल भी हो सकते हैं."
अभियुक्तों ने सबूत मिटाने के लिए एक और काम किया था.
जिहाद के बयान के मुताबिक़, "फ्लैट में भीतर जाने से पहले तीनों लोगों ने अपने जूते खोल कर दरवाज़े के पास रखे शू कैबिनेट में रखे थे. लेकिन उस फ्लैट के दरवाज़े के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से जांचकर्ताओं ने देखा था कि 13 मई की शाम को अभियुक्त फ्लैट का दरवाजा खोल कर जूतों को निकाल कर भीतर ले जा रहे हैं. जिहाद ने भी सोमवार को इस बात की पुष्टि की है.
अज़ीम के कपड़े कहां गए?

राज्य पुलिस के खुफिया विभाग के एक अधिकारी बताते हैं, "घटना को रीक्रिएट करते समय जिहाद ने बताया कि सांसद अज़ीम के शव के टुकड़े करने के बाद उसे छोटे पैकटों में भर कर वह भांगड़ स्थित कृष्णमाटी ब्रिज की ओर ले गया था. उसके पास शव के टुकड़े करने वाला हथियार, अनवारुल अज़ीम के कपड़े और मोबाइल भी था."
जिहाद ने कृष्णमाटी ब्रिज की ओर जाते समय गाबतला बाज़ार नामक एक जगह पर अज़ीम के कपड़े और मोबाइल फेंक दिए थे. वहां बागजोला नहर भी बहती है."
ढाका पुलिस के ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख के सामने जिहाद ने बताया है कि उसने कृष्णमाटी ब्रिज के पास बांसों के एक झुरमुट के पास नीचे उतर कर शव के टुकड़ों और हत्या में इस्तेमाल होने वाले हथियार को नहर के पानी में फेंक दिया था.
ख़ुफ़िया विभाग मौके पर बीते तीन दिनों से नौका और गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान चला रहा है. रशीद समेत राज्य ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारी सोमवार को भी वहां गए थे.
उन्होंने मौके पर पत्रकारों को बताया, "हम जिहाद के साथ लेकर नहर के किनारे आए हैं. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने शव को कहां फेंका था. शव बरामद करने की रणनीति पर विचार चल रहा है. उम्मीद है कि सांसद का शव या उसके टुकड़े शीघ्र बरामद हो जाएंगे."
सिर के टुकड़े दूसरी जगह ले गया था फ़ैसल

जांच अधिकारियों का कहना है कि एक ओर जिहाद जब सासंद के शव के टुकड़े, कड़े और मोबाइल ले कर भांगड़ की ओर रवाना हुआ था तो दूसरी ओर, फ़ैसल सांसद के सिर के टुकड़े लेकर उत्तर चौबीस परगना की ओर रवाना हो गया था. सिर के टुकड़े वहां शासन इलाक़े में फेंक दिए गए थे.
यानी कुल तीन स्थानों पर शव के हिस्से अलग-अलग फेंके गए और दूसरे सबूत भी मिटा दिए गए.
अभियुक्त सियाम अनावरुल अज़ीम का मोबाइल लेकर बिहार होकर नेपाल की ओर चला गया था. उसने कई बार मोबाइल चालू किया था और उसी से कोलकाता में अज़ीम के मित्र गोपाल विश्वास को कई बार मैसेज भेजे थे. यही नहीं, सियाम ने उस फोन से बांग्लादेश में सांसद के निजी सहायक को एक बार फोन भी किया था.
कोलकाता स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के एक अधिकारी ने बीबीसी बांग्ला को पहले ही बताया था कि सांसद अज़ीम के लापता होने के बाद पुलिस ने जब उनके मोबाइल की लोकेशन ट्रैक की थी तो वह बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर में मिली थी. तब तक सांसद की हत्या की ख़बर किसी का पता नहीं थी.
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह शायद हत्या के मूल योजना का हिस्सा था. इसका मक़सद यह था कि अज़ीम के परिजन या मित्र उनके लापता होने का शक़ ना कर सकें.
अभियुक्त सुनियोजित तरीके से हत्या करने और शव को ठिकाने लगाने के बाद सुरक्षित रूप से भाग निकलने के लिए ही सांसद के मोबाइल का इस्तेमाल कर समय बिता रहे थे.
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