वुमेन एशिया कपः छन से टूटा हरमनप्रीत एंड कंपनी का सपना

श्रीलंकाई टीम जीत का जश्न मनाती हुई

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    • Author, संजय किशोर
    • पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए

एशिया कप में भारत के दबदबे में सेंध लग गई है. भारतीय महिला क्रिकेट टीम का तिलस्म टूट गया है.

सात बार की चैंपियन टीम का आठवीं बार ख़िताब जीतने का सपना बिखर गया.

चमारी अथापट्टू की कप्तानी, हर्षिता समरविक्रमा की तूफ़ानी बल्लेबाज़ी और कविशा दिलहारी के ऑलराउंड प्रदर्शन की बदौलत श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीम पहली बार एशिया कप चैंपियन बन गई है.

20 साल के इतिहास में भारत के अलावा बांग्लादेश के बाद श्रीलंका दूसरी टीम है जिसने इस ख़िताब पर क़ब्ज़ा किया है. भारत ने सात बार ये ख़िताब जीता जबकि 2018 में एक बार बांग्लादेश ने ये ख़िताब जीता था.

स्मृति मंधाना ने एक शानदार पारी खेली मगर जेमीमा रॉड्रिक्स और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋचा घोष की कैमियो पारी भी काम नहीं आई.

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पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला ग़लत

टॉस जीतकर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया.

फ़ाइनल मैच श्रीलंका के दांबुला क्रिकेट स्टेडियम की उसी पिच पर खेला गया जिसपर दोनों सेमी फ़ाइनल मुक़ाबले खेले गए थे.

हालांकि इस टूर्नामेंट में फ़ाइनल से पहले खेले गए 14 मैचों में नौ में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम विजयी रही थी.

सुपर हॉट फ़ॉर्म में चल रही श्रीलंका की कप्तान चमारी अथापट्टू ने कहा भी कि टॉस जीतकर भी उनकी टीम पहले गेंदबाज़ी ही करती.

स्मृति मंधाना और शेफ़ाली वर्मा ने भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई और पावर प्ले में बग़ैर किसी नुक़सान के भारत के 44 रन बने. इसमें स्मृति का योगदान था 26 रन और शेफ़ाली ने 17 गेंदों पर 16 रन बनाए.

शेफ़ाली सातवें ओवर की दूसरी गेंद पर इसी स्कोर पर आउट हो गईं. भारत के लिए यह बड़ा झटका था.

श्रीलंका की सबसे कामयाब गेंदबाज़ कविशा दिलहारी आक्रामक शेफ़ाली को रोकने में सफल रहीं.

भारतीय टीम ने किया निराश

शेफ़ाली वर्मा

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तीसरे नंबर पर आई उमा छेत्री नौ रन बना पाईं. मंधाना और शेफ़ाली ने हरमनप्रीत कौर को पूरे टूर्नामेंट में बहुत ज़्यादा बल्लेबाज़ी करने का मौक़ा नहीं दिया था.

कप्तान हरमनप्रीत को फ़ाइनल में मौक़ा तो मिला लेकिन उन्होंने निराश किया और केवल 11 रन बना पाईं.

श्रीलंकाई गेंदबाज़ लगातार विकेट लेते रहे और रन गति को कभी भी बढ़ने नहीं दिया. जेमीमा रॉड्रिक्स ने 16 गेंदों पर 29 रन बनाए.

17वें ओवर में रॉड्रिक्स के बाद स्मृति मंधाना भी आउट हो गईं. उन्होंने 47 गेंदों पर 60 रन बनाए जिसमें चार चौके शामिल थे.

जेमीमा रॉड्रिक्स के बाद ऋचा घोष ने थोड़े शॉट्स दिखाए और 14 गेंदों पर 30 रन बनाकर स्कोर 165 तक पहुँचाया.

भारतीय टीम 20 ओवरों में छह विकेट पर 165 रन बना पाई. कविशा दिलहारी ने 36 रन देकर शेफ़ाली वर्मा और स्मृति मंधाना के अहम विकेट लिए.

दिलहारी श्रीलंका की कामयाबी में अहम भूमिका निभाती रही हैं. इस साल उन्होंने 16 मैच खेले हैं और सिर्फ़ तीन मैच में उन्हें विकेट नहीं मिले.

अपने होमग्राउंड पर खेल रहे श्रीलंका के बल्लेबाज़ों ने भारतीट टीम के दिए लक्ष्य को बौना बना दिया.

ओपनर विश्मी गुणारत्ने दूसरे ओवर में रन आउट हो गईं मगर कप्तान चमारी अथापट्टू और हर्षिता समरविक्रमा ने भारतीय गेंदबाज़ी की बखिया उधेड़ कर रख दी.

छठे ओवर में अथापट्टू ने लेफ़्ट आर्म स्पिनर तनुजा कंवर को निशाना बनाया और 16 रन निकाले. हालांकि भारत की तरह श्रीलंका के भी पावर प्ले में 44 रन ही बने.

टूर्नामेंट अथापट्टू के नाम

चमारी अथापट्टू

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टूर्नामेंट की सबसे कामयाब बल्लेबाज़ और श्रीलंका की हर जीत में अहम भूमिका निभाने वाली कप्तान चमारी अथापट्टू ने फ़ाइनल में भी ज़बरदस्त बल्लेबाज़ी की.

टूर्नामेंट में उन्हें दो बार लेफ़्ट आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिनर ने आउट किया था- सेमी फ़ाइनल में पाकिस्तान की सादिया इक़बाल और उससे पहले बांग्लादेश की नाहिदा अख़्तर ने उन्हें अपना शिकार बनाया था.

मगर भारतीय स्पिनर तनुजा और राधा यादव की उन्होंने जमकर धुनाई की. सातवाँ ओवर डालने आई राधा यादव ने नौ रन दे दिए.

भारतीय गेंदबाज़ों के लिए दोनों खब्बू बल्लेबाज़ों को रोकना असंभव साबित हुआ. उन्होंने 43 गेंद पर 61 रन बनाए.

एशिया कप 2024 की पाँच पारियों में उन्होंने 146.85 की स्ट्राइक रेट से 304 रन बनाए जिसमें एक शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं.

अथापट्टू 12वें ओवर में आउट हुईं. दीप्ति शर्मा ने उन्हें क्लीन बोल्ड किया और स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया.

अथापट्टू और हर्षिता समरविक्रमा के बीच 87 रनों की साझेदारी हुई.

हर्षिता ने खेली करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी

हर्षिता समरविक्रमा

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श्रीलंका को अगले आठ ओवर की 48 गेंदों पर 72 रन बनाने की चुनौती थी. भारतीय गेंदबाज़ यहाँ से भी जीत की पटकथा तैयार कर सकते थे. मगर ऐसा हो नहीं पाया.

छह साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहीं 26 साल की हर्षिता ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इस मैच के लिए बचाकर रखा था.

अपने करियर में अब तक सिर्फ़ चार अर्धशतक बना पाई हर्षिता ने मैच का रुख़ अपनी टीम की ओर मोड़ दिया और ऐसी पारी खेली जिसे वर्षों तक याद रखा जाएगा.

उन्होंने 51 गेंदों पर नाबाद 69 रन बनाए जिसमें छह चौके और दो छक्के शामिल थे. उन्होंने कविशा दिलहारी के साथ 40 गेंदों पर 73 रन जोड़े.

कविशा 16 गेंदों पर 30 रन बनाकर नॉट आउट रहीं.

हालांकि भारतीय टीम ने मैंच में कई कैच छोड़े. 15वें ओवर में स्मृति मंधाना ने हर्षिता का एक आसान कैच छोड़ दिया जब वह 45 रन पर थीं.

आठ गेंद रहते श्रीलंका चैंपियन

एशिया कप वुमेंस टी20 मैच

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हर्षिता और कविशा ने 8 गेंद बाक़ी रहते श्रीलंका को पहली बार एशिया कप चैंपियन बना दिया.

कविशा दिलहारी ने पूजा वस्त्राकर की गेंद पर छक्का लगाकर जीत दिलायी. हर्षिता को प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया.

पाँच पर टीम उप-विजेता रही थी. अक्टूबर में बांग्लादेश में होने वाले टी-20 विश्व कप में श्रीलंका की टीम बेहतर आत्मविश्वास के साथ खेलेगी.

टी-20 विश्व कप क्वालिफ़ायर के छह मैच जीतकर श्रीलंका ने जगह बनाई है. इस साल 17 टी-20 में श्रीलंका ने 14 जीते हैं.

हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पूरे टूर्नामेंट में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया और हर मैच में एकतरफ़ा जीत हासिल की. मगर फ़ाइनल में मानो आत्मसमर्पण कर दिया.

मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा, "हमने पूरे टूर्नामेंट में अच्छी क्रिकेट खेली लेकिन आज हमने काफी गड़बड़ियां कीं. यह एक अच्छा स्कोर था. श्रीलंका ने वास्तव में अच्छी बल्लेबाज़ी की और हमारी मुश्किलें कम नहीं होने दीं. ऐसे कई क्षेत्र हैं जिनमें हम सुधार कर सकते हैं और हम इस दिन को याद रखेंगे. श्रीलंका की टीम पिछले कुछ समय से अच्छी क्रिकेट खेल रही है. उन्हें बधाई और श्रेय उन्हें जाता है."

विजयी कप्तान चमारी अथापट्टू का कहना था, "मैं अपनी टीम के प्रदर्शन, विशेषकर बल्लेबाज़ी, ख़ासकर हर्षिता और दिलहारी के प्रदर्शन से वास्तव में खुश हूं. हमने पिछले 12 महीनों में अच्छा क्रिकेट खेला है और हम इसे जारी रखना चाहते हैं. इतनी भीड़ कभी नहीं देखी, इसलिए विशेष धन्यवाद श्रीलंकाई लोगों को जाता है जो खेल देखने आए. यह जीत न सिर्फ़ टीम के लिए बल्कि पूरे श्रीलंका के लिए अच्छी है क्योंकि हमें अगली पीढ़ी को प्रेरित करना है. मुझे आगे बढ़कर नेतृत्व करना होगा, यह देश के लिए मेरा कर्तव्य है.”

श्रीलंका के क्रिकेट बोर्ड ने टीम को एक लाख डॉलर के इनाम की घोषणा की.

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