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रिटायर होने के बाद आपको कितने पैसों की ज़रूरत होगी
- Author, ब्रायन ओ’कोनोर
- पदनाम, बीबीसी कैपिटल
रिटायरमेंट के लिए मुझे कितने पैसों की जरूरत है? बहुत से लोगों के लिए यह सवाल उनकी प्राथमिकता सूची में बहुत नीचे रहती है.
घर के राशन खरीदने, किराया चुकाने या कर्ज लौटाने को इससे ज़्यादा अहमियत मिलती है.
इस बात की पूरी संभावना है कि रिटायरमेंट के लिए जितना आप सोचते हैं उससे कहीं अधिक पैसों की जरूरत होती है.
इसके कई कारण हैं जो बताते हैं कि बुढ़ापे के दिनों की हमारी अपेक्षाएं एक निश्चित आमदनी पर टिकी ज़िंदगी की हक़ीक़त से मेल नहीं खाती.
अमरीका में आधे से अधिक बेबी बूमर्स (1946 से 1964 के बीच जन्मे लोग) के रिटायरमेंट फंड में एक लाख डॉलर से ज़्यादा रकम है.
लेकिन अनुमान है कि रिटायरमेंट के बाद एक औसत दंपति के लिए स्वास्थ्य सेवा पर दो लाख 80 हजार डॉलर का खर्च है.
हक़ीक़त से बड़ी अपेक्षाएं
मेरिल लिंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमरीका के हर पांच में से एक व्यक्ति को ये नहीं मालूम कि रिटायरमेंट के लिए उन्हें कितने पैसों की जरूरत होगी.
उनकी बचत जरूरत से लगभग 20 फीसदी कम है. एक दूसरी रिपोर्ट इस भ्रम को उजागर करती है.
लगभग दो तिहाई अमरीकी बेबी बूमर्स को भरोसा है कि वे आरामदायक जीवनशैली के साथ रिटायर हो सकते हैं.
जबकि सिर्फ़ एक तिहाई से कुछ ही ज़्यादा लोग मानते हैं कि उन्होंने पर्याप्त पैसे बचाए हैं. करीब आधे लोगों का मानना है कि उनका जीवनस्तर अभी जैसा बना रहेगा.
ये संख्याएं अलग कहानी कहती हैं. हालांकि इसके लिए कुछ भ्रांतियों को दोष दिया जा सकता है.
'काश पहले पता होता'
रिटायरमेंट के लिए हम पर्याप्त बचत क्यों नहीं करते, इसका संबंध बुढ़ापे में कमाई को लेकर बनाई गई गलत धारणाओं से हो सकता है.
अमरीका में महिलाएं 39 साल की उम्र में अपने जीवन की सर्वोच्च कमाई क्षमता पर होती हैं, जबकि पुरुषों की आय उनके 40 के दशक के अंत तक बढ़ती रहती है.
बाद के वर्षों में भी उनका वेतन थोड़ा बढ़ता रहता है, लेकिन मुद्रास्फीति और जीवन-शैली से जुड़े खर्च इस बढ़ोतरी के फ़ायदे को ख़त्म कर देते हैं.
मान्य नियमों के मुताबिक रिटायरमेंट के लिए अपनी सालाना आय का 15 फीसदी बचाना चाहिए.
लेकिन आधे अमरीकी इससे बहुत कम बचाते हैं. कुछ लोग तो बिल्कुल भी बचत नहीं करते.
देर से बचत शुरू करना, चाहे रकम बड़ी ही क्यों न हो, पहले की बचत और उसपर मिलने वाले चक्रवृद्धि ब्याज की बराबरी नहीं कर सकता.
बूढ़े हो रहे समाज में...
अमरीकी वित्तीय सेवा कंपनी नॉर्थवेस्टर्न म्युचुअल के सर्वे के मुताबिक हर तीन में से एक बेबी बूमर्स के पास 25 हजार डॉलर या उससे कम की बचत है.
अन्य देश ज़्यादा बचत करते हैं- फिर भी अप्रत्याशित समस्याओं से घिर सकते हैं. उदाहरण के लिए, जर्मनी के लोग कर्तव्य समझकर बचत करते हैं.
वे उन सरकारी योजनाओं के लिए पैसे देते हैं जिनमें वर्तमान में काम करने वाले लोग रिटायर हो चुके लोगों की मदद करते हैं.
लेकिन बूढ़े हो रहे समाज की जनसांख्यिकी इस योजना पर असर डाल रही है.
रिटायर होने की उम्र लगातार बढ़ रही है और जर्मनी के अधिकतर लोगों को आरामदायक रिटायरमेंट के लिए अपनी सालाना आमदनी के चार गुना बचत की जरूरत है.
बाज़ार का फ़ायदा
ज़्यादातर लोग अपनी बचत को नगदी में रखते हैं और निवेश नहीं करते. इससे उनको शेयर बाज़ार का फ़ायदा नहीं मिल पाता.
कुछ लोगों को लगता है कि उनके पास बाज़ार में प्रवेश के लिए पर्याप्त पैसा है या वह मानते हैं कि नगद पैसे रखना निवेश करने से ज़्यादा सुरक्षित है.
ब्रिटेन की वित्तीय सलाहकार कंपनी "प्लान मनी" के डायरेक्टर पीटर चैडबोर्न का कहना है कि वित्तीय शिक्षा नहीं होने के कारण कई लोग गलतियां करते हैं.
"उदाहरण के लिए उनके कई ग्राहकों को यह नहीं मालूम कि रिटायरमेंट में अभी के बराबर आमदनी पाने के लिए उनको ज़्यादा पैसों की जरूरत है."
"जब लोगों को यह बताया जाता है तो वे कहते हैं कि काश किसी ने 10, 20 साल पहले यह समझाने में मदद की होती तो मैं सचेत हो जाता और कुछ अलग फ़ैसले लेता."
पेंशन आपके बुढ़ापे के लिए है...
ब्रिटेन में पेंशन पाने की उम्र 65 साल है, लेकिन 55 साल या उससे ज़्यादा उम्र के लोग अपनी पेंशन से एकमुश्त रकम निकालकर खर्च कर सकते हैं या निवेश कर सकते हैं.
विशेषज्ञों का कहना है कई लोग यहां चूक कर जाते हैं. पेंशन से पैसे निकालकर वह नगद या बैंक खाते में रख लेते हैं, जहां से पैसे आसानी से निकाले जा सकते हैं.
कुछ लोग ही अपने पैसे को लंबे समय के लिए निवेश करते हैं, जिससे उनका पैसा बढ़ता है.
ब्रिटेन का पेंशन रेगुलेटर रिटायर लोगों को सही वित्तीय फ़ैसले लेने के लिए प्रेरित कर रहा है.
मामूली से मामूली निवेश भी 4 फीसदी सालाना मुद्रास्फीति के असर को दूर करने में मदद कर सकता है.
पेंशन इंडस्ट्री पर भरोसा
मनी एडवाइस सर्विस की पॉलिसी मैनेजर टेरेसा फ्रिट्ज का कहना है कि रिटायर लोगों के कई फ़ैसले डर से प्रेरित होते हैं.
"कुछ लोग इसलिए पैसे निकालते हैं क्योंकि उनको पेंशन इंडस्ट्री पर भरोसा नहीं है."
"उनको डर है कि यदि उन्होंने पैसे अभी नहीं निकाले तो हो सकता है कि एक-दो साल बाद पैसे बचे ही नहीं. वे निवेश डूबने के कारण ऐसा नहीं कर रहे."
"बल्कि उनको डर रहता है कि हो सकता है कि कानून बदल जाए और वे अपने पैसे न निकाल पाएं या फिर पेंशन कंपनी ही न रहे."
"वे पेंशन में जमा राशि को अचानक मिला पैसा मानते हैं. ऐसा सोचना ख़तरनाक है क्योंकि वह पैसा जीवन भर उनके काम आने वाला है."
मनी एडवाइस सर्विस के मुताबिक रिटायर हुए अधिकतर लोग अपनी रिटायरमेंट की अवधि को कम करके आंकने की गलती भी करते हैं.
पैसे खत्म हो सकते हैं...
सिर्फ़ 20 साल के लिए योजना बनाने का मतलब है कि आपके पास पैसे खत्म हो सकते हैं.
विशेष तौर पर ब्रिटेन में 65 साल के पुरुषों और महिलाओं के लिए क्रमशः 87 और 90 साल ज़िंदा रहने की 50 फीसदी संभावना है.
इससे भी बुरी बात यह है कि जीवन के आखिरी वर्षों में इलाज के खर्चे सबसे ज़्यादा हो सकते हैं.
प्लान मनी के चैडबोर्ड कहते हैं, "लोगों की उम्र बढ़ रही है और लोग इसका ध्यान नहीं रख रहे हैं."
"अगर हमें देखभाल की जरूरत है तो हो सकता है कि हमें 6 महीने से भी ज़्यादा समय तक देखभाल की जरूरत हो सकती है."
उनसे पूछें जिनको पता है...
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, सैलरी बढ़ने पर भी बचत करना मुश्किल होता जाता है.
उम्र बढ़ने पर बड़े खर्च सामने आते हैं जो रिटायरमेंट के लक्ष्यों को दूर करते जाते हैं. जब रिटायरमेंट का समय करीब आता है तो वित्तीय फ़ैसले लेना और गंभीर होता है.
"आपके पास बचत की राशि है जिसके बारे में आपको फ़ैसला करना है."
"कोई भी दूसरा व्यक्ति यह बताने के लिए नहीं होगा कि अगर आप गलत फ़ैसला लेते हैं तो आपको पूरी ज़िंदगी राज्य के पेंशन पर गुजारा करना होगा."
"लोग जानते हैं कि एक निश्चित आय के लिए कैसे पैसे बचाए जाएं और कैसे उसका बजट बनाया जाए."
"लेकिन वे शायद ही यह समझ पाते हैं कि समझदारी से कैसे निवेश किया जाए. बहुत लोगों को यह देर से समझ आता है."
रिटायरमेंट के लिए योजना
वित्तीय सलाह देने वाले भी आधा काम करते हैं.
चैडबोर्न कहते हैं, "कोई व्यक्ति एक वित्तीय सलाहकार के पास जाता है और कहता है कि मुझे रिटायरमेंट के लिए बचत करनी है."
"सलाहकार उसे बताएगा कि जितना ज़्यादा संभव हो सके उतना पैसा पेंशन फंड में डालो. लेकिन यह सिर्फ़ आधा काम हुआ."
अनिश्चित अर्थव्यवस्था में रिटायरमेंट के लिए योजना बनाने का सबसे सही तरीका यथार्थवादी संभावनाओं को ध्यान में रखना है.
बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का तरीका ढूंढ़ लेने के बाद ही आप लंबी छुट्टियों और विलासिता के बारे में सोच सकते हैं.
जीवनशैली से जुड़े खर्च
चैडबोर्न कहते हैं, "मैं लोगों को अपने खर्च की जरूरतों को दो कॉलम में रखने की सलाह देता हूं."
"पहले कॉलम में जीवन की बुनियादी जरूरतों का खर्च है जिसे आमदनी के नियमित स्रोत से पूरा किया जा सकता है."
"इसके बाद ही आप दूसरे कॉलम में जा सकते हैं जिसमें आपकी जीवनशैली से जुड़े खर्च हैं. जैसे आप कितनी बार बाहर खाना चाहते हैं."
"आप कितनी गाड़ियां खरीदना चाहते हैं या आप कितनी छुट्टियों पर जाना चाहते हैं."
"इन खर्चों को दूसरी आमदनी से पूरा किया जा सकता है, क्योंकि मुद्रास्फीति को छोड़कर रिटायरमेंट में आपके खर्च करीब-करीब समान रहने वाले हैं."
सेहत की समस्या
जिनकी रिटायरमेंट की आमदनी कम है उन्हें कठिन फ़ैसले लेने होंगे. ज़्यादातर मामलों में इसका मतलब है छोटे घर में रहना और जीवन-शैली को सामान्य रखना.
फ्रिट्ज का कहना है कि लोगों को जल्दी और बार-बार वित्तीय सलाह लेनी चाहिए.
"अगर सेहत की कोई समस्या है तो आप डॉक्टर से संपर्क करने में संकोच नहीं करते."
"अगर हम पैसे के मामले में भी लोगों को ऐसा करने के लिए तैयार कर सकें तो यह उनकी बड़ी सेवा होगी."
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