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अपने पार्टनर के लिए..... | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के महेश भूपति अपने पार्टनर के लिए क्या कर सकते हैं, ख़ासकर वैसी स्थिति में जब उनका पार्टनर सिंगल्स मैच खेल रहा हो. जवाब क्या हो सकता है. ज़्यादा से ज़्यादा उनका उत्साह बढ़ा सकते हैं. बिल्कुल. यही किया महेश भूपति ने डबल्स के अपने पार्टनर रादेक स्टिएपानेक के लिए. चेक गणराज्य के स्टिएपानेक कोर्ट नंबर 19 पर अपने प्रतिद्वंद्वी फ़्रांस के पॉल ऑनरी मैथ्यू के सामने संघर्ष कर रहे थे. वहाँ से गुज़रते हुए मैंने भी सोचा चलो भूपति के पार्टनर का खेल तो थोड़ा देखूँ. अभी मैं वहाँ पहुँचा ही था कि भूपति बड़ी तेज़ी में वहाँ से गुज़रे. उनके साथ दो लोग और थे. भीड़-भाड़ वाले इलाक़े से होते भूपति कोने में जा बैठे. लेकिन उस समय स्टिएपानेक की हालत ख़स्ता थी. वे पहला सेट हार गए थे और दूसरे सेट में पिछड़ रहे थे. जल्द ही उन्होंने दूसरा सेट भी गँवा दिया. भूपति का चेहरा उतर गया. लेकिन उन्होंने अपने पार्टनर का उत्साह बढ़ाने की कोशिश कम नहीं की. लेकिन स्टिएपानेक मैथ्यू के आगे टिक नहीं पाए और मैच हार गए. मैच हारने के बाद भूपति का क्या हुआ- ये तो पता नहीं. लेकिन इतना तो तय है कि अब वे और उनके पार्टनर अपने डबल्स मुक़ाबले के लिए जम कर तैयारी करेंगे. **************************************************************** बारिश और विंबलडन विंबलडन में बारिश ना हो तो, मज़ा ही क्या. विंबलडन और बारिश का वर्षों पुराना नाता है. पहले दिन 12 बजे दोपहर से मैच शुरू होने थे. लेकिन ऐन वक़्त पर झमा-झम बारिश शुरू हो गई.
बारिश आई तो विंबलडन से वर्षों से जुड़े लोगों पर कोई असर नहीं पड़ा. कई लोग दर्शक दीर्घा में छतरी ताने लंबे समय तक बैठे रहे. लेकिन ठंडी हवाओं के बीच कई सज्जन ऐसे थे कि सेंटर कोर्ट और कोर्ट नंबर एक के बेसमेंट में जा बैठे. बैठे ही नहीं ज़मीन को बिस्तर मान कर लेट गए. फिर खाना-पीना भी शुरू हो गया. भई, कई लोगों के लिए तो ऐसे मौक़े पिकनिक ही होते हैं. कभी-कभी वे मैच भी देखने पहुँच जाते हैं. वैसे ऐसा लोगों का ज़्यादा समय कोर्ट के बाहर की मस्ती में ही गुज़रता है. **************************************************************** सानिया तो सानिया ही है टेनिस के कोर्ट पर सानिया मिर्ज़ा का प्रदर्शन हाल के दिनों में बहुत अच्छा नहीं रहा है. लेकिन उनके प्रशंसकों की फ़ेहरिस्त कम नहीं हुई.
विंबलडन में मुझे भी एक सज्जन टकरा गए. बोले सानिया तो सानिया है. जब मैंने पूछा कि पेस और भूपति ने तो कई ग्रैंड स्लैम जीते हैं, तो उन्हें प्राथमिकता क्यों नहीं. बोले- सानिया सिंगल्स खेलती है. पेस और भूपति डबल्स खेलते हैं. उल्टा उन्होंने मुझसे पूछ लिया. आप बताइए कौन सा टॉप खिलाड़ी डबल्स खेलता है. इसलिए सानिया आगे है क्योंकि वो सिंगल्स में अपना धाक जमा चुकी है. हाँ चलते-चलते सानिया के ग्लैमर की भी बात मानी और कहा ग्लैमर के कारण भी मीडिया उन्हें प्राथमिकता देती है. **************************************************************** बारिश की ज़िम्मेदारी मेरी विंबलडन की व्यवस्था में लगे हज़ारों लोगों में स्टीवर्ड्स की भी बड़ी रोचक भूमिका है. हँसते-हँसाते वे आपको सही रास्ता दिखाते हैं और थोड़ी बहुत मस्ती भी कर लेते हैं.
इसी काम में लगे एक सज्जन ने जब एक ग्रुप में बैठे कुछ लोगों के साथ मस्ती करनी शुरू की तो बारिश के कारण निराश बैठे लोगों को शायद ये अच्छा नहीं लगा. उनके बार-बार हल्की-फुल्की बातों के बावजूद किसी ने उन्हें ज़्यादा भाव नहीं दिया. तो सज्जन ने बड़े ही मोहक भाव से कहा- इस बारिश की ज़िम्मेदारी मैं लेता हूँ. फिर क्या था हँसी के ठहाके कम पड़ लगे. |
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