कॉमनवेल्थ खेल 2022: हॉकी में भारत की कनाडा पर 8-0 से बड़ी जीत, मिल सकता है मेडल

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- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
भारत ने शानदार प्रदर्शन से कॉमनवेल्थ गेम्स की पुरुष हॉकी में कनाडा पर अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है. उसे 8-0 से मात देकर भारत ने ग्रुप में टॉप पर रहना लगभग पक्का कर लिया है.
इस जीत के बाद गोल अंतर के हिसाब से भारत की स्थिति इंग्लैंड से बहुत बेहतर हो गई है. अब इंग्लैंड को आख़िरी मैच में कनाडा पर दर्जनभर गोलों के अंतर से जीत पानी होगी, तब ही वह भारत को दूसरे स्थान पर छोड़ पाएगा.
भारत का ग्रुप में शीर्ष पर रहना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके बाद ही वो सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया से खेलने से बच सकेगा, जिससे उसके पदक जीतने की संभावनाएं बढ़ जाएँगी.
भारत शीर्ष पर रहता है तो उसको न्यूज़ीलैंड से खेलना होगा. वैसे तो न्यूज़ीलैंड को भी कमज़ोर नहीं माना जा सकता है, पर ऑस्ट्रेलिया के मुकाबले न्यूज़ीलैंड से सेमीफाइनल खेलना कहीं बेहतर है.
भारत ने इससे पहले कनाडा पर सबसे बड़ी जीत 2018 के विश्व कप और 1988 के सोल ओलंपिक में दर्ज की थी.
वैसे तो भारत ने 2019 के सुल्तान अजलन शाह टूर्नामेंट में कनाडा पर सात गोल जमाए थे. पर तीन गोल खाने की वजह से इसे सबसे बड़ी जीत नहीं मानी जाती है.
लेकिन बुधवार की जीत ने पिछली सभी जीतों को पीछे छोड़ दिया है.

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आकाशदीप सिंह ने मैच को बनाया यादगार
भारतीय फारवर्ड आकाशदीप सिंह पिछले साल हुए टोक्यो ओलंपिक में अनफ़िट होने की वजह से भाग नहीं ले सके थे. एक बार टीम से बाहर होने पर कई बार खिलाड़ी का मनोबल कमजोर हो जाता है. लेकिन एफआईएच प्रो लीग से वापसी करने वाले इस खिलाड़ी ने इस मुकाबले में दो गोल जमाकर मैच को अपने लिए यादगार बना दिया.
यही नहीं उन्होंने तमाम हमले बोलकर मनदीप और ललित उपाध्याय के लिए मौक़े भी बनाए. यह देखकर अच्छा लगा कि वह अब पूरी रंगत के साथ खेल रहे हैं. आकाशदीप ने पांचवां और आठवां गोल किया. यह दोनों ही गोल बहुत ही उम्दा अंदाज़ में किए गए.
भारतीय फारवर्ड लाइन पर पिछले मैच में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ ख़राब प्रदर्शन का बोझ था. लेकिन इस मैच में फारवर्ड लाइन ने जिस अंदाज़ में हमले किए, उससे लगा कि वह पिछले मैच के दवाब से पूरी तरह उबर गई है. भारत को हमले करने में इसलिए भी आसानी हुई, क्योंकि कनाडा का डिफ़ेंस गेंद को ढंग से क्लियर करने में मुश्किल महसूस कर रहा था. यही नहीं उनकी हड़बड़ाहट में ग़लत पासिंग भी उनके ऊपर से हमलों का दवाब कम नहीं होने दे रही थी.

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अमित रोहिदास का फील्ड गोल
अमित रोहिदास को फुल बैक के रूप में जाना जाता है और उन्होंने पेनल्टी कॉर्नरों पर कुछ गोल जमाए भी हैं. लेकिन उन्होंने कनाडा के ख़िलाफ़ मैदानी गोल जमाकर सभी को हतप्रभ कर दिया. इस गोल का आधार बनाने वाले वरुण कुमार रहे. वरुण कुमार ने लंबी दूरी से सर्किल के टॉप पर खड़े अमित को कोंणीय पास दिया और उन्होंने सर्किल में प्रवेश करके गोल भेद दिया.
वरुण कुमार पिछले मैच की खराब यादों को इस प्रयास से भुलाने में जरूर सफल रहे होंगे. असल में पिछले मैच में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ उन्हें दो बार पीले कार्ड दिखाए गए. पर आज उनके प्रदर्शन से लगा कि आत्मविश्वास लौट आया है.
भारत ने पिछले मैच में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ आख़िरी समय में दिखाई ढिलाई से उबरते हुए आक्रामक अंदाज़ में खेल की शुरुआत करने में सफल रहा. वैसे भी कनाडा की टीम को हाल के समय की सबसे कमजोर टीम माना जा रहा है. इसकी वजह इसके आधे खिलाड़ियों को 10 मैचों का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी नहीं होना है. पर यह भी सच है कि जब भारतीय फारवर्ड लय में खेलते हैं तो दिग्गज टीमों को भी उन्हें रोकने में कामयाबी नहीं मिल पाती है.

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हरमनप्रीत रहे बढ़त दिलाने वाले
मौजूदा समय में हरमनप्रीत सिंह भारत की जीतों में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी रहे हैं. उन्होंने चौथे मिनट में एक के बाद एक मिले दो पेनल्टी कॉर्नरों को बर्बाद करने के बाद तीसरे पर ड्रेग फ्लिक से गोल करके भारत को बढ़त दिला दी.
हरमनप्रीत का इस कॉमनवेल्थ गेम्स का पांचवां गोल रहा. वह यहीं नहीं रुके और उन्होंने आठवें पेनल्टी कॉर्नर पर अपना दूसरा और भारत का छठा गोल कर दिया. यह उनका इन गेम्स का छठा गोल है और उन्होंने अब तक पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञों में सबसे ज़्यादा गोल जमाए हैं. अभी कुछ समय पहले वह एफआईएच प्रो लीग में सबसे ज़्यादा 16 गोल जमाने वाले खिलाड़ी रहे थे.
भारत के तीसरे गोल में भी हरमनप्रीत की होशियारी की भूमिका रही. उन्होंने पांचवें पेनल्टी कॉर्नर पर खुद शॉट लेने के बजाय अपने पीछे खड़े वरुण की तरफ गेंद बढ़ा दी और उनके शॉट पर गेंद गोलची से रिबाउंड होने पर वहां मौजूद ललित उपाध्याय ने गेंद को कब्जे में लेकर पुश से गोल में डाल दिया.
इसके बाद भारत ने बाएं छोर से हमला बोला और हार्दिक ने सर्किल में सही पोजिशन में खड़े गुरजंत को पास दिया और उन्होंने अच्छा डिफलेक्शन से गेंद को गोल की दिशा दे दी. भारत के 4-0 की बढ़त मिल जाने के बाद उनके खेल की रफ्तार में थोड़ी गिरावट आई अैर इसका फ़ायदा उठाकर कनाडा ने पहला पेनल्टी कॉर्नर लिया. पर इस मैच से पहले वह 12 पेनल्टी कॉर्नर बर्बाद कर चुके थे, इसका भी वही हाल हुआ.
तीसरे क्वार्टर में भारत ने फिर से हमलों को गति देना शुरू किया और उन्हें एक के बाद एक तमाम मौके मिले. लेकिन कई मौके बर्बाद करने के बाद 39वें मिनट में आकाशदीप सिंह ने बेहतरीन गोल करके बढ़त को 5-0 कर दिया.
हरमनप्रीत के छठा गोल जमाने के बाद लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले मनदीप सिंह के नाम भी एक गोल चढ़ गया. उन्होंने खेल समाप्ति से तीन मिनट पहले सर्किल के टॉप से रिवर्स शॉट से यह गोल भेदा.
कनाडा के खिलाड़ियों ने हमलों पर बहुत फोकस किया भी नहीं, क्योंकि उन्हें ज़्यादातर समय बचाव से समय ही नहीं मिला. पूरे मैच के दौरान वह गिनती के तीन -चार बार ही भारतीय सर्किल में प्रवेश पा सके. लेकिन हड़बड़ाहट में गोल पर सही निशाना ही नहीं साध सके. इस कारण ही पहले हाफ़ में भारतीय गोल पर पीआर श्रीजेश और दूसरे हाफ में कृष्ण बहादुर पाठक आराम करते नजर आए.
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