रूस में बाढ़, 130 से ज्यादा लोगों की मौत

रूस में अधिकारियों के अनुसार देश के दक्षिणी इलाक़ों में तूफ़ानी बारिश की वजह से आई बाढ़ और भूस्खलन में 130 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.
करासन्दार के इलाक़े में शुक्रवार की रात अचानक आई बाढ़ को अब तक के इतिहास में सबसे भयानक बाढ़ क़रार दिया गया है.
चश्मदीदों का कहना है कि ज्यादा तर लोग सो रहे थे जब बाढ़ आई और इस कारण लोगों में अफ़रा-तफ़री मच गई.
रूस के टीवी चैनलों पर दिखाई जाने वाली तस्वीरों में हज़ारों मकान को पानी में डूबे हुए और लोगों को उनकी छतों पर पनाह लिए दिखाया गया है.
करासन्दार के गवर्नर का कहना है कि पानी की रफ़्तार और शक्ति इतनी ज़्यादा थी कि उसने सड़कों को उखाड़ दिया.
क्रिम्स्क में सबसे ज़्यादा नुक़सान
अधिकारियों के मुताबिक़ उस इलाक़े में आई बाढ़ से लगभग 13 हज़ार लोग प्रभावित हुए हैं.
सबसे ज़्यादा नुक़सान क्रिम्स्क के इलाक़े में हुआ है.
राजधानी मॉस्को से बड़ी संख्या में राहत कर्मी हेलिकॉप्टर और विमानों के ज़रिए प्रभावित इलाक़े में पहुंचाए गए हैं.
इस प्राकृतिक विपदा से होने वाले नुक़सान का जायज़ा लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिन पुतिन ने भी प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और अधिकारियों से आपातकालीन बैठक की.
मारे जाने वालों में ज्यादातर लोग क्रिम्स्क के रहने वाले हैं. अब भी कई लोग लापता हैं और आशंका है कि मरने वालों की संख्या ज़्यादा हो सकती है.
इलाक़े में तेल की पाइपलाइन का संचालन करने वाली कंपनी ट्रान्ज़नेफ़्ट का कहना है कि पाइपलाइन को भयानक बाढ़ से फ़िलहाल कोई नुक़सान नहीं पहुंचा है लेकिन एहतियात के तौर पर कंपनी ने कच्चे तेल को नोवोरोसाजिक बंदरगाह से ले जाने पर रोक लगा दी है.












