चीन के नए हालात पूरी दुनिया के आगे फिर खड़ा करेंगे संकट?

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- Author, मारिको ओई
- पदनाम, एशिया बिज़नेस संवाददाता
युद्ध, मुद्रास्फ़ीति और अब चीन में फिर से कोविड लॉकडाउन. यह वैश्विक सप्लाई चेन के लिए एक वास्तविक तूफ़ान की तरह है कि कैसे वस्तुएं दूसरे देशों में और मुझ तक पहुंचेंगी.
चीन में जब कोई ख़लल पैदा होती है तो इसका पूरी दुनिया पर काफ़ी असर पड़ता है क्योंकि दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी मैन्युफ़ैक्चरिंग क्षमता चीन में ही मौजूद है.
अगर आप कुछ ऑनलाइन ख़रीद रह रहे हैं तो ऐसी संभावना अधिक है कि वो शेंचेन में बनी हो.
चीन के दक्षिण पूर्व में मौजूद इस शहर की आबादी 1.75 करोड़ है जहां पर चीन के तक़रीबन आधे ऑनलाइन रिटेल एक्सपोर्टर्स मौजूद हैं.
इसी कारण जब कोरोना के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई तो शेंचेन में रविवार को छह दिन का लॉकडाउन लागू किया गया. इसके कारण दुनिया के धंधों को भारी झटका लगा है.
कोरोना की पाबंदियां शांघाई, जिलिन और गुआंगज़ू जैसे बड़े शहरों और प्रांतों में भी लागू की गई हैं.

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बंदरगाहों पर जहाज़ों की भीड़
दुनिया के मालवाहक जहाज़ों की निगरानी करने वाले प्रोजेक्ट44 के अनुसार, चीन के कई बंदरगाहों पर अभी से जहाज़ों की संख्या में बढ़ोतरी होनी शुरू हो चुकी है.
प्रोजेक्ट44 के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडम कॉम्पन ने कहा, "येंतियन बंदरगाह पर खड़े जहाज़ों में हमने 28.5% की बढ़ोतरी देखी है जो कि यूरोप और उत्तरी अमेरिका सामान निर्यात करने का सबसे बड़ा बंदरगाह है."
ये वही बंदरगाह है जिसे बीते साल कोविड के कारण बंद कर दिया गया था और इसकी वजह से क्रिसमस में सामानों की डिलीवरी में देरी हुई थी.
कोरोना प्रतिबंध तब लगाए गए हैं जब फ़रवरी में चीनी लूनर न्यू ईयर की छुट्टियों के बाद चीन में मैन्युफ़ैक्चरिंग आउटपुट ने उभरना शुरू किया था.
चीन के नए कोविड प्रतिबंध काफ़ी कड़े हैं लेकिन माना जा रहा है कि यह काफ़ी लंबे नहीं रहने वाले हैं.

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कंपनियों की क्या है तैयारी
ब्रिटिश चैंबर ऑफ़ कॉमर्स चाइना के मैनेजिंग डायरेक्टर स्टीफ़ लिंच कहते हैं, "ये दो धारी तलवार है."
"चीन ने बहुत तेज़ी से ये किया जिसके कारण दिक़्क़तें पैदा हुई हैं लेकिन इसकी तुलना में चीज़ें बहुत जल्द सामान्य होंगी."
ऐसा लगता है कि कंपनियां इस समय काफ़ी बेहतर तरीक़े से तैयार हैं.
लिंच बताते हैं, "हम ऐसे लॉकडाउन देख चुके हैं तो इसलिए कंपनियों ने एक मज़बूत सप्लाई चेन मैनेजमेंट तैयार किया है."
उदाहरण के लिए ई-कॉमर्स की सबसे बड़ी कंपनी अमेज़न ने चीन स्थित कई इन्वेंट्री ख़रीदी हैं जो ओमिक्रॉन के मामले बढ़ने के दौरान किसी भी दिक़्क़त से बचा जा सके. हालिया प्रतिबंधों से कोई बड़ी समस्या इसके लिए पैदा होगी ऐसा नहीं लगता है.

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अमेज़न प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा, "हम इन पाबंदियों के बाद अपने उपलब्ध माल को इस क्षेत्र के पड़ोसी गोदामों में भेजने में सक्षम हैं."
एक दूसरा उदाहरण फ़ॉक्सकॉन का है जो कि एप्पल के आईफ़ोन का निर्माण करती है. उसने अपने उत्पादन को दूसरी मैन्युफ़ैक्चरिंग साइट्स में शिफ़्ट किया है जबकि उसने अपने कर्मचारियों को एक बबल सिस्टम में काम करने को कहा है. इसमें उसके कैंपस में लोग रहेंगे और काम करेंगे.
हैंग सेंग बैंक चाइना के वरिष्ठ अर्थशास्त्री डेन वांग कहते हैं, "फ़ॉक्सकॉन के लिए यह शायद आसान हो."
"लेकिन वो अन्य निर्माता जो अधिकतर इसी क्षेत्र में हैं और पार्ट्स भेजने के लिए अन्य परिवहन पर निर्भर हैं उनके लिए यह बहुत मुश्किल होगा क्योंकि चीन के अंदर परिवहन भी बाधित है."

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चीन की वर्तमान नीति
चीन में ये ताज़ा हालात उसकी ज़ीरो कोविड पॉलिसी के कारण बने हैं.
गुरुवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश के शीर्ष नेताओं के साथ एक बैठक में कहा था कि देश इस नीति पर टिका रहेगा. उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया था कि महामारी के प्रतिबंधों के कारण आर्थिक तकलीफ़ें नहीं होंगी.
ऐसे संकेत मिले हैं कि इससे भारी ख़र्च बढ़ रहे हैं और कुछ बड़ी कंपनियां चीनी बाज़ार में अपनी उपस्थिति पर पुनर्विचार कर रही हैं.
सिंगापुर की सबसे बड़ी माल ढुलाई कंपनी हाउलियो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलविन इया कहते हैं कि उद्योग अब बहुत अधिक लचीले हो गए हैं और चीन के अलावा दूसरे विकल्पों की ओर भी देख रहे हैं.
वो कहते हैं, "कई मुख्य खिलाड़ियों ने अपने संसाधनों और योजनाओं को विविध बनाया है, और वो अपने सभी विकल्पों को एक ही जगह नहीं रख रहे हैं."

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"दक्षिण पूर्व के नज़रिए से देखें तो हम संभावित चीज़ें होती देख सकते हैं, वियतनाम, मलेशिया और इंडोनेशिया की फ़ैक्ट्रियों में ऑर्डर में बढ़ोतरी हुई है."
ज़ेनेटा के चीफ़ एनालिस्ट पीटर सैंड इस बात पर सहमति जताते हैं.
वो कहते हैं, "कंपनी ने अपनी आपातकालीन योजनाओं के तहत अपनी इन्वेंट्री से लेकर पड़ोसी देशों में उत्पादन की इकाइयों को बढ़ाया है ताकि उन उपभोक्ताओं के लिए उत्पादन बंद न हो जहां पर उनकी अधिक मांग है क्योंकि यह सबसे महंगा विकल्प हो सकता है."
अमेरिकन चैंबर ऑफ़ कॉमर्स इन चाइना के माइकल हार्ट ने कहा है कि उसके कई सदस्य अपने काम को वहां से ट्रांसफ़र करने का सोच रहे हैं लेकिन इनकी संख्या अभी भी कम है.
"लेकिन जो लोग अपना काम कहीं ओर भेजने का सोच रहा हैं उनकी संख्या बीते साल 22% थी और उन्होंने कोविड प्रतिबंधों का हवाला दिया था जो कि उसके पिछले साल से 5% अधिक था."
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