पहले शांति बहाल हो, फिर बातचीत: राजनाथ

राजनाथ सिंह

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भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में हालात सामान्य और शांतिपूर्ण होने चाहिए, उसके बाद ही जिससे भी बातचीत की आवश्यकता होगी, बातचीत की जाएगी.

जम्मू-कश्मीर के दौरे के बाद रविवार को श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजनाथ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों में जो कुछ भी हुआ, उस पर उन्हें अफ़सोस है.

उन्होंने कहा, "हम कश्मीर के साथ जज़्बाती संबंध बनाना चाहते हैं और कश्मीर की जम्हूरियत में सिर्फ़ इंसानियत का स्थान रहेगा."

गृहमंत्री ने कहा कि पूरे हिंदुस्तान के लोगों की ख़्वाहिश है कि कश्मीर फिर से फ़िरदौस (यानी जन्नत) बनना चाहिए.

कश्मीर के दक्षिणी हिस्से में हिज़्बुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद घाटी में हुई हिंसक झड़पों में कई लोगों की मौत हुई थी.

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राजनाथ ने कहा कि हर मतभेद को बातचीत के ज़रिए ही सुलझाया जाना चाहिए, क्योंकि इसके अलावा कोई दूसरा समाधान नहीं हो सकता.

उन्होंने कहा कि कश्मीर के मसले में तीसरे पक्ष की दख़लअंदाज़ी नहीं चलेगी. उन्होंने कहा, "कश्मीर में पाकिस्तान की भूमिका पाक नहीं है. कश्मीर पर पाकिस्तान को अपनी सोच बदलनी चाहिए."

राजनाथ ने घाटी में सुरक्षाकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की घटनाओं पर भी चिंता जताई.

उन्होंने कहा कि पिछले दो दिनों में वे 30 से अधिक प्रतिनिधिमंडलों से मिले हैं.

राजनाथ ने कहा, "मेरी जानकारी के मुताबिक़ इन झड़पों में 2228 पुलिस के जवान, 1100 सीआरपीएफ़ के जवान और 2259 आम नागरिक घायल हुए हैं."

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