मोदी कर रहे हैं कश्मीर पर हाई लेवल मीटिंग

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भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर के कश्मीर घाटी में हालात अभी भी तनावपूर्ण है, कई इलाक़ों में कर्फ़्यू लगा हुआ है.
बीबीसी संवाददाता रियाज़ मसरूर के मुताबिक़ लोगों को क़रीब छह साल बाद इतने लंबे कर्फ़्यू का सामना करना पड़ रहा है.
इससे पहले 2010 में क़रीब डेढ़ महीने तक घाटी में कर्फ़्यू लगा था.
इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर के मुद्दे पर कैबिनेट की बैठक कर रहे हैं. इतना ही नहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने अपना अमरीका दौरा स्थगित कर दिया है.
हिज़बुल मुजाहिदीन के कथित कमांडर बुरहान वानी की बीते शुक्रवार को अनंतनाग में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में हुई मौत के बाद घाटी में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे.
सुरक्षाबलों की कार्रवाई में अबतक क़रीब 30 लोगों को मौत हो चुकी है. अस्पताल घायलों से भरे पड़े हैं.
कर्फ़्यू लगे चार दिन हो चुके हैं, अब अगर इसे और बढ़ाया जाता है, तो मानवीय संकट पैदा हो जाएगा.
सोमवार से लोगों को खाने-पीने की चीज़ों, बच्चों के खाने-पीने का सामान खोजने और बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने में आ रही मुश्किलों की ख़बरें आ रही हैं.
हालात को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी.

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इसके बाद मुख्यमंत्री ने अलगाववादियों से अपील की कि वो हालात को सामान्य बनाने में सरकार की मदद करें.
यह प्रदेश की पीडीपी-भाजपा सरकार की ओर से उठाया गया असामान्य क़दम था, क्योंकि भाजपा मानती है कि अलगाववादी किसी का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं. उनकी कोई राजनीतिक सोच नहीं है. भाजपा उन्हें अलग-थलग करने की नीति पर चल रही थी.
घाटी के हालात को देखते हुए प्रदेश सरकार ने अपने रुख़ में लचीलापन लाते हुए ऐसी अपील की है.
दूसरी ओर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी राजनीतिक पहल शुरू करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री उमर अब्दुल्ला से बातचीत कर कश्मीर में शांति के लिए पहल करने की अपील की.
हालांकि यह क़दम अभी शुरुआती दौर में है. लेकिन देखना यह होगा कि अलगाववादी कैसी प्रतिक्रिया देते हैं.
राजनाथ सिंह ने सोमवार को दिल्ली में केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक कर कश्मीर के हालात पर चर्चा की. बैठक में सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी मौज़ूद थे.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अफ़्रीकी देशों की यात्रा पूरी कर भारत लौट आए हैं. मंगलवार को वो कश्मीर के हालात की समीक्षा करेंगे.
इस बीच अमरीका ने भारत प्रशासित कश्मीर में प्रदर्शनकारियों और भारतीय सेना के बीच संघर्ष पर चिंता जताई है.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने सोमवार को इस मामले के शांतिपूर्ण समाधान पर ज़ोर दिया.
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