कश्मीर में कब और कैसे बिगड़े हालात..

कश्मीर प्रदर्शन

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भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर की कश्मीर घाटी में हिंसक विरोध-प्रदर्शन का दौर चल रहा है.

चार दिन के हिंसक प्रदर्शन में अब तक 30 लोगों की मौत हो गई है और दो सौ से अधिक लोगों के घायल हुए है. घायलों में सुरक्षा बलों के क़रीब सौ जवान भी शामिल हैं.

मरने वालों में एक पुलिसकर्मी भी शामिल है जिसके वाहन को गुस्साई भीड़ ने झेलम नदी में धकेल दिया था.

आइए देखते हैं कश्मीर में कब और कैसे बिगड़े हालात-

08 जुलाई : कश्मीर में हिंसक विरोध-प्रदर्शन के ताज़ा दौर की शुरूआत उस समय हुई जब हिजबुल मुजाहिदीन के 'कमांडर' बुरहान वानी और उनके दो साथी सुरक्षा बलों के साथ आठ जुलाई को अनंतनाग ज़िले में हुई मुठभेड़ में मारे गए.

बुरहान वानी.

बुरहान हिजबुल के पहले ऐसे 'कमांडर' थे जिसने अपनी और अपने साथियों की हथियार लिए हुए तस्वीरें सोशल मीडिया पर लगाईं.

पिछले हफ़्ते एक वीडियो जारी कर बुरहान ने कहा था कि अमरनाथ यात्रियों पर कोई हमला नहीं किया जाएगा.

वानी की मौत के बाद अलगाववादियों ने नौ जुलाई को बंद की अपील की. इसे देखते हुए प्रशासन ने कश्मीर के कई इलाकों में कर्फ़्यू लगा दिया.

बुरहान वानी के जनाजे में उमड़ी भीड़.

09जुलाई : बुरहान को नौ जुलाई को श्रीनगर के पास त्राल में दफ़ना दिया गया. उनकी शव यात्रा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी.

हिंसक विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने कई ज़िलों में मोबाइल इंटरनेट को बंद कर दिया और हर साल होने वाली अमरनाथ यात्रा को स्थगित कर दिया.

प्रदेश की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने लोगों से शांति बनाए रखने और सुरक्षा बलों से भीड़ को नियंत्रित करने में बल का कम प्रयोग करने की अपील की.

10 जुलाई : उग्र भीड़ ने अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी को उसकी गाड़ी समेत झेलम नदी में धकेल दिया. इससे पुलिसकर्मी की मौत हो गई.

वहीं त्राल और शोपियां में उग्र भीड़ ने दो पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया.

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हिंसक प्रदर्शन के दौरान हुई गोलीबारी में पांच लोगों की मौत और हिंसक प्रदर्शनों में घायल पांच लोगों की मौत हो गई.

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में उच्च अधिकारियों के साथ कश्मीर के हालात की समीक्षा की.

गृहमंत्री ने महबूबा मुफ़्ती से बात कर उन्हें केंद्र की ओर से हरसंभव मदद पहुंचाने का आश्वासन दिया. केंद्र अतिरिक्त सुरक्षा बलों को कश्मीर भेजा.

पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकता युवा.

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महबूबा ने राजनीतिक दलों और अलगाववादियों राज्य के हालात को शांत करने में मदद मांगी और युवाओं से इस तरह के प्रदर्शनों में शामिल न होने की अपील की.

11 जुलाई : कश्मीर के कई इलाकों में अभी भी कर्फ्यू लागू है लेकिन सोमवार को भी हिंसा की ख़बरें आई. मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद. अमरनाथ यात्रा दो दिन बाद फिर शुरू की गई. हज़ारों यात्रियों को सुरक्षित निकालकर जम्मू के लिए रवाना किया गया.

दक्षिण कश्मीर में प्रदर्शन में मारे गए लोगों के शवों को लाया गया तो हिंसक प्रदर्शन हुए जिसमें फायरिंग में और लोगों की मौत हो गई.

अलगाववादियों ने महबूबा मुफ़्ती की बातचीत की अपील को रद्द कर बुधवार तक बंद का एलान किया है. बंद और कर्फ्यू के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है.

कर्फ्यू

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बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र ने सीआरपीएफ़ के आठ सौ अतिरिक्त जवान भेजने का फ़ैसला किया .

इस बीच सोमवार को सोपोर में एक पुलिस चौकी को आग लगाई गई और पुलवामा में सैनिक एयरबेस पत्थराव और आगज़नी की गई.

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