'हाल के दिनों मेें ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं'

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पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ख़ुर्शीद महमूद कसूरी की किताब का विमोचन मुंबई में आयोजित करने वाले सुधींद्र कुलकर्णी पर शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने स्याही फेंकी.
शिवसेना ने अपने कार्यकर्ताओं की इस हरकत का बचाव करते हुए इसे सही ठहराया है, लेकिन इसकी चौतरफ़ा निंदा हो रही है.
कुलकर्णी पर स्याही फेंके जाने की कड़ी निंदा करते हुए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि विरोध संविधान और क़ानून के दायरे में होना चाहिए लेकिन किसी को शारीरिक क्षति नहीं पहुंचाई जानी चाहिए.
आम आदमी पार्टी ने देवेंद्र फडणवीस सरकार पर हमला बोला और कहा कि सरकार राज्य में क़ानून और व्यवस्था बहाल करने में नाकाम रही है. आप ने आरोप लगाया कि मुंबई में 'सांस्कृतिक चरमपंथ' का शासन है.
तो इसके उलट शिव सेना सांसद संजय राउत ने घटना का समर्थन करते हुए इसे प्रखर राष्ट्रवाद का प्रदर्शन बताया.
वे कहते हैं, “हमने पहले ही कसूरी की पुस्तक प्रकाशन का विरोध किया था. पाकिस्तान लगातार भारत विरोधी गतिविधियां करता है, और कुछ लोग बजाय इसके कि इसका विरोध करें, पाकिस्तानी कलाकार तथा राजकीय नेताओं के कार्यक्रम आयोजित करते है. हम यह कभी बर्दाश्त नहीं कर सकते.”
हिंसा की प्रवृति

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महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चाह्वाण का कहना है कि किताब के विमोचन का कार्यक्रम रुकना नहीं चाहिए.
उन्होंने शिवसेना के कार्यकर्ताओं को सबक़ सिखाने की ज़रूरत जताई और कहा कि इस मसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना बयान देना चाहिए.
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी कुलकर्णी पर स्याही फेंके जाने की कड़ी निंदा की है.
उन्होंने कहा, "हाल के दिनों में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं. ये घटनाएं लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं. कम से कम हमारे साथ जितने लोग जुड़े हैं वे इस प्रकार की हिंसा की प्रवृति को पूरी तरह से अस्वीकार करें."
तो भाजपा नेता सिद्धार्थ नाथ सिंह का कहना है कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के फ़ैसले को चुनौती नहीं देनी चाहिए.
सकारात्मक सोच की ज़रूरत

सोमवार की सुबह सुधींद्र कुलकर्णी के घर के सामने कुछ अज्ञात लोगों ने कुलकर्णी पर स्याही फेंकी थी. कुलकर्णी ने बयान में कहा था कि वे शिवसेना के कार्यकर्ता थे.
उन पर स्याही फेंके जाने की भर्त्सना करते हुए ख़ुर्शीद महमूद कसूरी ने कहा, "विरोध करना लोगों का मौलिक अधिकार है. लेकिन जो कुलकर्णी के साथ हुआ वो विरोध नहीं है."
उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया के सारे देशों की नींव सकारात्मक सोच पर टिकी है और हमें सकारात्मक सोच की ही ज़रूरत है.
डर नहीं
कसूरी ने कहा कि वो इस हमले से नाख़ुश हैं. उन्होंने कहा, "जो कुलकर्णी के साथ हुआ है मैं उससे नाख़ुश हूँ. मैं एक पुराना राजनीतिक कार्यकर्ता हूँ और जेल में भी रहा हूँ, मेरे लिए ये चीज़ें नई नहीं हैं. भारत और पाकिस्तान की आम जनता की समझ बूझ पर शक़ नहीं किया जाना चाहिए."
वहीं कुलकर्णी ने कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है. उन्होंने कहा, "हम शांति वर्ता में यक़ीन रखते हैं. जो कार्यक्रम हमने किया है वो बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए हैं इसलिए कार्यक्रम होकर रहेगा."
कुलकर्णी ने कहा, "ना बंदूक से ना धमकी से ना गोली से बात बनेगी बोली से."
कांग्रेस नेता टॉम वडक्कन ने शिवसेना पर हमला करते हुए कहा कि शिवसेना किस तरह के देशभक्ति की बात करती है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कभी किसी ने देखा है उन्हें शहीदों का सम्मान करते हुए.

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टॉम वडक्कन कहते हैं, "शिवसेना गुजराती, बिहारी, यूपी के लोगों का अपमान करती रही है."
स्याही फेंके जाने के मामले में मुंबई के एनटॉप हिल स्टेशन थाना में अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर लिया गया है.
भारतीय दंड संहिता की धारा 341, 146, 147 और 148 149 के तहत एफ़आईआर दर्ज की गई है.
नेहरु सेंटर पर सुरक्षा की पुख़्ता व्यवस्था की गई है. यहीं सोमवार को शाम साढ़े पांच बजे कसूरी की किताब का विमोचन होना है.
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