हैदराबाद धमाकों से जुड़ी जानकारी मिली, अभी नहीं बाँट सकते: पुलिस

आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में हुए धमाकों के सिलसिले में पुलिस ने कहा है कि धमाकों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है लेकिन फिलहाल इसे साझा नहीं किया जा सकता. हैदराबाद में गुरुवार की शाम को धमाके हुए थे.
साइब्राबाद के पुलिस कमिश्नर डी तिरुमला राव ने कहा है, "हमें धमाकों से जुड़ी कई जानकारियाँ मिल रही हैं, हम जल्द पता लगा लेंगे कि धमाके किसने किए. लेकिन अभी ये जानकारी साझा नहीं की जा सकती क्योंकि इससे जाँच पर असर पड़ेगा."
पुलिस ने इस बात से इनकार किया है कि उन्होंने किसी को गिरफ्तार किया है. लेकिन इस बात पर पुलिस ने कोई टिप्पणी नहीं की है कि क्या किसी को हिरासत में लिया गया है या नहीं. इससे पहले हैदराबाद पुलिस में बीबीसी के सूत्रों ने बताया था कि शहरी इलाके से एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ हो रही है.
वहीं ये जानकारी भी सामने आई है कि जिस जगह धमाका हुआ था वहाँ का सीसीटीवी कैमरा उस समय काम नहीं कर रहा था क्योंकि उसकी तारें कटी हुई थीं. हालांकि पुलिस ने कहा है कि ये कैमरे केवल ट्रैफिक प्रबंधन के लिए लगाए गए थे और वैसे भी इनसे कोई मदद नहीं मिलती.
इन धमाकों में <link type="page"> <caption> मरने वालों की संख्या 16</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130221_hyderabad_dilsukh_blast_ms.shtml" platform="highweb"/> </link> हो गई है जबकि 119 लोग अब भी घायल हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं.
ग़मगीन माहौल
केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने संसद में कहा है कि फिलहाल ये कहना जल्दबाजी होगी कि किन व्यक्तियों या संगठन ने इन धमाकों को अंजाम दिया है.
हैदराबाद के <link type="page"> <caption> दिलसुख नगर</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130222_dilsukhnagar_hyderabad_ks.shtml" platform="highweb"/> </link> इलाकें में शुक्रवार को <link type="page"> <caption> माहौल</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130221_blast_witness_sm.shtml" platform="highweb"/> </link> काफ़ी ग़मगीन है. राष्ट्रीय जाँच एजेंसियों और ख़ुफ़िया विभाग के अधिकारी रात से ही धमाके की जगह पर सूत्र तलाश कर रहे हैं. जिन इलाकों में धमाके हुए हैं, उन्हें सील कर दिया गया है और वहाँ किसी को जाने की अनुमति नहीं है.
संसद में बयान देने से पहले गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने हैदराबाद पहुँच कर घटनास्थल का दौरा किया है. घटनास्थल और अस्पताल का दौरा करने के बाद उन्होंने ख़ुफिया जानकारी के बारे में कहा कि पहले एक आम अलर्ट जारी किया गया था.
उन्होंने स्पष्ट किया, "हमला कहाँ होगा, इसके बारे में कोई ख़ास अलर्ट नहीं था."
उनके साथ राज्य के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी भी मौजूद थे.
<link type="page"> <caption> एक झटके में सब कुछ बदल गया- तस्वीरें</caption> <url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/02/130221_hyderabad_blast_pix_ml.shtml" platform="highweb"/> </link>
रात में ही कई नेताओं और मंत्रियों ने घटनास्थल का दौरा किया था.
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी आज हैदराबाद आने वाले हैं. धमाकों के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने आज आंध्र प्रदेश बंद का आह्वान किया है.
बुरा हाल

इस बीच शहर के जिन-जिन अस्पतालों में लोग भर्ती हैं, वहाँ का माहौल काफ़ी ग़मगीन है. अपने परिजनों को गँवा चुके लोगों का हाल तो काफ़ी बुरा है.
उन्हें ये स्वीकार करने में काफ़ी मुश्किल पेश आ रही है कि उन्होंने अपने परिजनों को गँवा दिया है. रातभर में मारे गए लोगों को पोस्टमार्टम होता रहा और शव उनके परिजनों को दे दिए हैं.
आज इन लोगों का अंतिम संस्कार किया जाएगा. गंभीर रूप से घायलों को सरकारी अस्पताल से निकाल कर प्राइवेट अस्पतालों में भेजा गया है ताकि उनका बेहतर इलाज हो सके.
मारे गए लोगों के परिजनों को केंद्र सरकार ने दो-दो लाख रुपए और राज्य सरकार ने छह-छह लाख रुपए देने का ऐलान किया है. घायलों के इलाज का पूरा ख़र्च सरकार वहन करेगी.
राज्य पुलिस के निदेशक वी दिनेश रेड्डी ने कहा है कि हैदराबाद में हुए धमाकों में आईईडी का इस्तेमाल हुआ और इसमें नाइट्रो कंपाउंड था.
उनका कहना था कि नाइट्रो कंपाउंड के कारण ही धमाके की तीव्रता काफ़ी थी और जो लोग मारे गए, उनके शरीर को काफ़ी नुक़सान पहुँचा था.












