सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड की जांच से जुड़े 7 सवाल और उनके जवाब

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- Author, सरबजीत सिंह धालीवाल
- पदनाम, बीबीसी पंजाबी
पंजाबी गायक और युवा कांग्रेसी नेता शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूसेवाला की 29 मई की शाम मनसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
इस हत्या के बाद पंजाब सरकार आश्वासन दे रही है कि अभियुक्तों को बख़्शा नहीं जाएगा.
हालांकि छह दिन बीतने के बाद भी पंजाब पुलिस अभी तक अभियुक्तों के ठिकाने को लेकर कोई जानकारी नहीं दे पाई है.
शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह से मुलाक़ात की है.
लेकिन इस हत्याकांड से जुड़े ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब अभी तक नहीं मिले हैं. एक नज़र उन सवालों पर.
मूसेवाला हत्याकांड की जांच कहां तक पहुंची है?
पंजाब पुलिस अलग-अलग टीम इस मामले में छापेमारी कर रही है लेकिन कोई ठोस बात सामने नहीं आ पाई है. पंजाब सरकार ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के जज की अध्यक्षता में एक न्यायिक जांच आयोग की घोषणा की है.
पंजाब पुलिस हत्या के मामले में पहले ही एसआईटी गठित कर चुकी है. एसआईटी अभी तक इस हत्याकांड के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाई है. हालांकि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक वीके भावरा ने जांच दल का दायरा बढ़ा दिया है.
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब वीके भावरा ने एडीजीपी एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के प्रमुख प्रमोद बान की देखरेख में विशेष जांच दल को नए सिरे से गठित किया है. अब, छह सदस्यीय एसआईटी में नए अध्यक्ष पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) पीएपी जसकरण सिंह और दो नए सदस्य एआईजी एजीटीएफ गुरमीत सिंह चौहान और एसएसपी मनसा गौरव तोरा शामिल होंगे.
एसआईटी में अभी तक एसपी जांच मनसा धर्मवीर सिंह, डीएसपी जांच बठिंडा विश्वजीत सिंह और सीआईए प्रभारी मनसा पृथ्वीपाल सिंह के रूप में तीन सदस्य तैनात थे.
अपने ताजा आदेश में डीजीपी ने कहा कि एसआईटी रोज़ाना जांच करेगी, इस जघन्य अपराध के दोषियों को गिरफ़्तार करेगी और जांच पूरी होने पर सीआरपीसी मामले को उठाएगी. आईपीसी की धारा 173 के तहत पुलिस रिपोर्ट अधिकार क्षेत्र के सक्षम न्यायालय को प्रस्तुत की जाएगी.
अब तक कितनी गिरफ़्तारियां हो चुकी हैं?
पुलिस ने अब तक एक युवा मनप्रीत सिंह को आधिकारिक रूप से गिरफ़्तार करने का दावा किया है.
लेकिन सूत्रों के मुताबिक कुछ अन्य लोगों को भी पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.
मनसा के एसएसपी गौरव तोरा के मुताबिक, दो और लोगों को फिरोजपुर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर ले जाया गया है.
तोरा ने यह भी दावा किया कि पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं और जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा किया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने कुछ युवकों को बाहरी राज्यों से भी गिरफ़्तार किया है. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त वाहन भी बरामद कर लिया है.
पुलिस के अनुसार हत्या में चोरी के वाहन का इस्तेमाल किया गया था और उन पर लगाई गई नंबर प्लेट नकली थे.
अब तक की गई कार्रवाई से परिवार कितना संतुष्ट है?
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के मुताबिक, परिवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर हत्या की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की है.
शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सिद् मूसावाला के पिता से मिल रहे हैं. उनसे पहले केंद्रीय मंत्री शेखावत गुरुवार को सिद्धू मूसेवाला के परिजनों से मिले थे.
उधर, मूसेवाला के परिवार ने भी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से आरोपियों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की.
पंजाब सरकार ने घोषणा की है कि हत्या में शामिल किसी को भी बख़्शा नहीं जाएगा.

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पंजाब सरकार विभिन्न मशहूर हस्तियों और कथित गैंगस्टरों से सुरक्षा की मांग के बारे में क्या कर रही है?
पंजाब सरकार अब तक 424 से अधिक प्रमुख व्यक्तियों की सुरक्षा बहाल कर चुकी है.
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में, पंजाब सरकार ने जवाब दिया है कि ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के चलते सुरक्षाबलों की ज़रूरत के चलते सुरक्षा वापस ली गई थी, लेकिन बरसी के बाद यानी 7 जून के बाद सभी लोगों की सुरक्षा बहाल कर दी जाएगी.
हालांकि ये तर्क भगवंत मान सरकार ने मूसेवाला की हत्या के बाद दिया है, पहले ये माना जा रहा था कि सरकार राज्य में वीआईपी कल्चर पर अंकुश लगाना चाहती थी और उसके चलते ये क़दम उठाया गया था.
लॉरेंस बिश्नोई के बारे में पुलिस का क्या तर्क है?
पंजाब के डीजीपी वीके भावरा पहले ही कह चुके हैं कि हत्या के पीछे लॉरेंस बिश्नोई का हाथ था.
वैसे मूसावाला की हत्या की ज़िम्मेदारी सबसे पहले गोल्डी बरार ने ली थी. पंजाब पुलिस के मुताबिक गोल्डी बरार, लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर काम करता है. गोल्डी फिलहाल कनाडा में है और लॉरेंस दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है.
पंजाब पुलिस फिलहाल लॉरेन्स से हत्या के सिलसिले में पूछताछ के लिए क़ानूनी कार्रवाई में लगी हुई है. लॉरेंस पहले ही अदालत से अपील कर चुका है कि उसे पंजाब पुलिस के हवाले न किया जाए, हालांकि लॉरेंस को अभी तक इस मामले में कोर्ट से राहत नहीं मिली है. लॉरेंस ने आशंका जतायी है कि पंजाब पुलिस उसका फ़र्ज़ी इनकाउंटर कर सकती है.
सचिन बिश्नोई के दावों पर क्या कहती है पुलिस?
पंजाब पुलिस ने सिद्धू मुसेवाले की हत्या के सचिन बिश्नोई के दावे की पुष्टि नहीं की है.
एक निजी चैनल के रिपोर्टर ने दावा किया है कि उनसे सचिन बिश्नोई नाम के एक युवक ने संपर्क किया था, जो लॉरेंस बिश्नोई का रिश्तेदार होने का दावा करता है।
एक निजी चैनल के मुताबिक, चैनल को दिए अपने ऑडियो इंटरव्यू में सचिन बिश्नोई नाम के युवक का दावा है कि उसने मूसेवाल की हत्या की है.
हालांकि, सचिन बिश्नोई कौन हैं या उन्होंने चैनल से कहां बात की थी, इस पर न तो चैनल ने और न ही पंजाब पुलिस ने अब तक कोई टिप्पणी की है. बावजूद इसके ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है.
सिद्धू मूसेवाला के ख़िलाफ़ चल रहे आर्म्स एक्ट के मामलों का क्या होगा?
कानूनी जानकारों के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति के ख़िलाफ़ कोई मामला बनता है और इस प्रक्रिया में उसकी मौत हो जाती है तो उसके ख़िलाफ़ कानूनी प्रक्रिया समाप्त हो जाती है.
हां, इसी मामले में अगर कोई अन्य अपराधी है तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.
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