पंजाब: भगवंत मान कैबिनेट के 10 मंत्रियों ने ली शपथ

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पंजाब में आम आदमी पार्टी की बहुमत से जीत के बाद शनिवार को भगवंत मान कैबिनेट के 10 मंत्रियों ने शपथ ली. ये शपथ ग्रहण समारोह चंडीगढ़ में राजभवन में आयोजित किया गया था.
समारोह में हिस्सा लेने मुख्यमंत्री भगवंत मान की बेटी सीरत कौर मान और बेटे दिलशान मान भी पहुंचे थे.
इस मौके पर आम आदमी पार्टी के विधायक हरपाल सिंह चीमा, कुलदीप सिंह धालीवाल, डॉ बलजीत कौर, हरभजन सिंह, डॉ विजय सिंगला, लाल चंद, गुरमीत सिंह, लालजीत सिंह भुल्लर, ब्रह्म शंकर और हरजोत सिंह बैंस को राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने शपथ दिलाई.
इस समारोह में हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय भी मौजूद रहे.
इससे पहले 10 मार्च को आए चुनाव नतीजों में पंजाब की 117 विधानसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी ने 92 सीटों पर जीत दर्ज़ की. 16 मार्च को भगवंत मान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. 17 मार्च को मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत पंजाब के नवनिर्वाचित विधायकों ने विधानसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली थी.
भगवंत मान ने अपने कैबिनेट का ऐलान करते हुए कहा था, ''पंजाब का नया मंत्रिमंडल कल शपथ ग्रहण करेगा. पंजाब की AAP सरकार में होने वाले सभी मंत्रियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ.
पंजाब की जनता ने हम सबको बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी दी है, हमें दिन-रात मेहनत कर लोगों की सेवा करनी है, पंजाब को एक ईमानदार सरकार देनी है. हमें रंगला पंजाब बनाना है.''
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सभी 10 मंत्रियों के नाम इस तरह से हैं-
- हरपाल सिंह चीमा- दिड़बा
- डॉ. बलजीत कौर- मलोटी
- हरभजन सिंह ईटीओ- जंडियाला
- विजय सिंगला- मानसा
- गुरमीत सिंह- बरनाला
- कुलदीप सिंह धालीवाल- अजनाला
- लालजीत सिंह भुल्लर- पट्टी
- ब्रह्म शंकर (जिंपा)- होशियारपुर
- लाल चंद कटारुचक- भोआ
- हरजोत सिंह बैंस- आनंदपुर साहिब

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1. हरपाल सिंह चीमा
2017 में चुनी गई विधानसभा में सुखपाल सिंह खैरा के बाद AAP ने दिर्बा, संगरूर के विधायक हरपाल सिंह चीमा को विपक्ष का नेता बनाया था.
हरपाल सिंह नाभा के रहने वाले हैं और पेशे से वकील हैं. वह दिड़बा सुरक्षित सीट से दूसरी बार आम आदमी पार्टी के विधायक चुने गए हैं.
हरपाल चीमा ने अपने करियर की शुरुआत पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला में एक छात्र नेता के रूप में की थी. वे ज़िला बार एसोसिएशन संगरूर के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

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2. डॉ. बलजीत कौर
राज्य की मलौत सीट पर डॉ. बलजीत कौर ने अकाली दल के हरप्रीत सिंह को 40 हज़ार से अधिक मतों के अंतर से हराया.
वे फरीदकोट के पूर्व सांसद साधु सिंह की बेटी हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपने पिता के लिए चुनाव प्रचार भी किया था.
बलजीत कौर करीब चार साल पहले आम आदमी पार्टी में शामिल हुई थीं और पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ीं.
बलजीत कौर पेशे से आंखों की डॉक्टर हैं. उन्होंने एमबीबीएस और एमएस की पढ़ाई की है. उन्हें भारत सरकार द्वारा सर्वश्रेष्ठ सर्जन से भी सम्मानित किया जा चुका है.
सिविल अस्पताल मुक्तसर में नेत्र रोग विशेषज्ञ के पद पर कार्यरत बलजीत कौर ने चार महीने पहले रिटायरमेंट ली है. रिटायर होने के बाद उन्होंने एक निजी क्लिनिक शुरू करके अपनी सेवाएं शुरू कीं.
एक निजी टीवी चैनल से बात करते हुए बलजीत कौर ने अपने नाम का एलान होने पर कहा, ''मुझे ख़ुद इसकी जानकारी नहीं थी. जब लोग बधाई देने लगे तो मुझे इसके बारे में पता चला.''
3. हरभजन सिंह ईटीओ
हरभजन सिंह ईटीओ जंडियाला आरक्षित सीट से विधानसभा पहुंचे हैं. उनके खिलाफ़ शिरोमणि अकाली दल के सतिंदरजीत सिंह छज्जलवाड़ी और कांग्रेस के सुखविंदर सिंह डैनी उम्मीदवार थे.
चुनाव आयोग को दिए हलफ़नामे के मुताबिक़, हरभजन सिंह पेशे से वकील हैं और उनकी पत्नी सरकारी कर्मचारी हैं.
उनका कहना है कि उनकी आय वकालत और पेंशन से हुई है.

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4. डॉ. विजय सिंगला
डॉ. विजय सिंगला मानसा विधानसभा क्षेत्र से अपना पहला चुनाव जीतकर पंजाब विधानसभा पहुंचे हैं.
उनकी सीट इसलिए हॉट बन गई, क्योंकि कांग्रेस ने गायक सिद्धू मूसेवाला को वहां से उम्मीदवार बनाया था.
डॉ. विजय सिंगला पेशे से दांतों के डॉक्टर हैं. मज़े की बात ये है कि वहां से सभी प्रमुख दलों के उम्मीदवार पहली बार ही चुनाव लड़ रहे थे.

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5. गुरमीत सिंह मीत हेयर
गुरमीत सिंह मीत हेयर बरनाला से दूसरी बार आम आदमी पार्टी के विधायक बने हैं. इस बार उन्होंने अकाली दल के कुलवंत सिंह को वहां से हराया है.
चुनाव आयोग को दिए गए हलफ़नामे के अनुसार, उनकी आय के मुख्य स्रोत विधायक का वेतन और कृषि है.
उन्होंने विवेकानंद प्रौद्योगिकी संस्थान से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है.
क़रीब एक दशक पहले वे आईएएस की तैयारी कर रहे थे और अन्ना हजारे आंदोलन के समय आम आदमी पार्टी में शामिल हो गए.
6. कुलदीप सिंह धालीवाल
कुलदीप सिंह धालीवाल अमृतसर ज़िले के जगदेव कलां गांव के रहने वाले हैं.
उन्होंने अजनाला सीट से जीत हासिल की है. उनके खिलाफ़ इस सीट पर कांग्रेस के हरप्रताप सिंह अजनाला और पंजाब लोक कांग्रेस के सुरजीत सिंह खड़े थे.
कुलदीप सिंह 10वीं तक पढ़े हैं. उनका परिवार कांग्रेस का सदस्य रह चुका है. उनके भाई कांग्रेस के सरपंच रह चुके हैं.
7. लालजीत सिंह भुल्लर
लालजीत सिंह भुल्लर पट्टी के रहने वाले हैं. वे पट्टी विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक चुने गए हैं.
उनका मुक़ाबला कांग्रेस के हरमिंदर सिंह और पंजाब लोक कांग्रेस के जसकरन गिल से था. लालजीत 12वीं तक पढ़े लिखे हैं.
8. ब्रह्म शंकर शर्मा
ब्रह्म शंकर शर्मा होशियारपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने होशियारपुर विधानसभा सीट से जीत दर्ज़ की है.
इस सीट पर उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के सुंदर शाम अरोड़ा और भाजपा के तीक्ष्ण सूद थे. ब्रह्म शंकर भी 12वीं तक पढ़े हैं.

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9. लाल चंद कटारुचक
लाल चंद पठानकोट के कटारुचक गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने भोज विधानसभा सीट से जीत हासिल की है.
उनके खिलाफ़ कांग्रेस से जोगिंदर पाल और बीजेपी से सीमा रानी खड़ी थीं. लाल चंद 10वीं तक पढ़े हैं.
चुनाव आयोग को दी जानकारी में उन्होंने बताया है कि उनके पास कोई अचल संपत्ति नहीं है.
हलफ़नामे के अनुसार, वे एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और उनकी कोई आय नहीं है. हालांकि, चल संपत्ति के रूप में उनके पास एक स्विफ़्ट कार और एक होंडा एक्टिवा है.

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10. हरजोत सिंह बैंस
हरजोत सिंह बैंस रूपनगर जिले के गंभीरपुर गांव के रहने वाले हैं.
उन्होंने आम आदमी पार्टी की ओर से आनंदपुर साहिब निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है. उनके खिलाफ़ कांग्रेस के कंवर पाल सिंह और बीजेपी के डॉ. परमिंदर शर्मा खड़े थे.
हरजोत सिंह पेशे से वकील हैं और उन्होंने बीए एलएलबी की पढ़ाई की है.
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