सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में चर्चित लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार कौन हैं?

सिद्धू मूसेवाला

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पंजाब के मानसा में रविवार की शाम को कुछ अज्ञात लोगों ने पंजाबी सिंगर और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

पुलिस का कहना है कि सिद्धू अपनी बुलेटप्रूफ़ गाड़ी में नहीं गए थे और न ही उनके साथ उनके सुरक्षाकर्मी थे.

सूत्रों के अनुसार, घटनास्थल पर हमले के बाद तक़रीबन 30 खाली खोखे बरामद हुए थे. इनमें 9 एमएम, 7.62 एमएम और 0.30 एमएम के खोखे शामिल हैं.

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप का नाम भी सामने आ रहा है.

पंजाब के डीजीपी वीके भांवरा का कहना है कि शुरुआती जांच में ऐसा लगता है कि यह लॉरेंस बिश्नोई और लक्की पटियाल गिरोह के बीच की लड़ाई है. उन्होंने कहा, "बिश्नोई समूह ने हत्या की ज़िम्मेदारी ली है और इसे विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या का बदला बताया है."

सिद्धू मूसेवाला

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कनाडा कनेक्शन

डीजीपी के अनुसार, मिड्डूखेड़ा की हत्या के मामले में सन्नी, अनिल लत्थ और भोलू नाम के शूटर शामिल थे जो सभी हरियाणा के रहने वाले हैं और दिल्ली पुलिस उन्हें गिरफ़्तार कर चुकी है.

मूसेवाला के मैनेजर शगुनप्रीत को भी विक्की के मामले में अभियुक्त बनाया गया था लेकिन वो ऑस्ट्रेलिया भाग गया था.

मूसेवाला की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार का नाम सामने आया है. आख़िर ये कौन हैं?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, बिश्नोई गिरोह में 700 लोग हैं.

इस गिरोह में प्रोफ़ेशनल शूटर्स शामिल हैं जो पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में फैले हुए हैं जहां से वो अपना गैंग चलाते हैं. इनके संबंध कनाडा जैसे देशों में भी फैले हुए हैं.

पंजाब के डीजीपी वीके भांवरा

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लॉरेंस बिश्नोई को फ़र्ज़ी एनकाउंटर का डर

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार सुचित्र मोहंती ने बताया है कि 30 वर्षीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में एक याचिका दायर की थी और उन्होंने डर जताया है कि पंजाब पुलिस उनका फ़र्ज़ी एनकाउंटर कर सकती है.

बिश्नोई के वकील विशाल चोपड़ा ने कोर्ट में दायर की याचिका में कहा है कि प्रोडक्शन वॉरंट के ज़रिए उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के दौरान उनका फ़र्ज़ी एनकाउंटर किया जा सकता है.

बिश्नोई ने याचिका में कहा है कि वो एक छात्र नेता रहे हैं और पंजाब एवं चंडीगढ़ के विरोधी पार्टी के नेताओं ने उनके ख़िलाफ़ झूठे केस दर्ज करवाए हैं.

वीडियो कैप्शन, मूसेवाला ने 2022 के पंजाब चुनाव से पहले पिछले साल दिसंबर में राजनीति में प्रवेश किया था.

उनको डर है कि पंजाब पुलिस उनका फ़र्ज़ी पुलिस एनकाउंटर कर सकती है. इस संबंध में एक याचिका पंजाब कोर्ट में भी दायर की गई है.

बिश्नोई ने पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशंस जज प्रवीण सिंह की अदालत में यह याचिका दायर की थी.

याचिका में कहा गया था कि तिहाड़ जेल प्रशासन पंजाब या किसी और राज्य की पुलिस के प्रोडक्शन वॉरंट से पहले कोर्ट को एडवांस नोटिस दे. लॉरेंस बिश्नोई इस समय तिहाड़ जेल में बंद है.

कोर्ट से अपील की गई थी कि बिश्नोई की कस्टडी किसी और राज्य की पुलिस को न ट्रांसफ़र किया जाए और अगर कस्टडी दी जाती है तो पहले उनके वकील को ख़बर की जाए.

दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई

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लॉरेंस बिश्नोई

तक़रीबन 30 साल के लॉरेंस बिश्नोई के ख़िलाफ़ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं जिनमें हत्या, लूटपाट शामिल हैं. ये मामले उसके ख़िलाफ़ पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में दर्ज हैं.

भरतपुर जेल के बाद लॉरेंस बिश्नोई को अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में क़ैद रखा गया है.

पंजाब पुलिस को शक है कि लॉरेंस बिश्नोई ने अपने साथी गोल्डी बरार के साथ सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साज़िश जेल में रची थी. बरार इस समय कनाडा में है.

इंडिया टुडे के मुताबिक़ लॉरेंस बिश्नोई ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में एलएलबी में दाख़िला लिया था और इसी दौरान बिश्नोई ने अवैध कामों में हाथ आज़माना शुरू कर दिया.

बिश्नोई का साल 2009 में तब छात्र संघ के अध्यक्ष गोल्डी से संपर्क हुआ जिसके बाद बिश्नोई ने यूनिवर्सिटी की राजनीति में सक्रिय होना शुरू कर दिया.

वीडियो कैप्शन, मूसेवाला ने 2022 के पंजाब चुनाव से पहले पिछले साल दिसंबर में राजनीति में प्रवेश किया था

'द क्विंट' के मुताबिक़ बिश्नोई समुदाय से संबंध रखने वाले लॉरेंस बिश्नोई की चर्चा उस समय हुई जब गैंग के सदस्य को अभिनेता सलमान ख़ान को धमकी देने के मामले में गिरफ़्तार किया गया था.

बिश्नोई समुदाय काले हिरण चिंकारा को पवित्र समझता है. लॉरेंस गिरोह के सदस्य संपत नेहरा ने सलमान ख़ान को जान से मारने की धमकी दी थी क्योंकि सलमान काले हिरण के शिकार मामले में अभियुक्त हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़ पंजाब पुलिस के एंटी गैंगस्टर टास्क फ़ोर्स ने 1 मई को लॉरेंस और बरार गिरोह से जुड़े तीन लोगों को भठिंडा से गिरफ़्तार किया था.

ये तीनों मालवा क्षेत्र के एक प्रसिद्ध व्यवसायी पर फ़िरौती के लिए हमले की योजना बना रहे थे.

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गोल्डी बरार

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक़, सतिंदर सिंह उर्फ़ गोल्डी बरार को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का क़रीबी समझा जाता है.

अभी कनाडा में रह रहे गोल्डी ने फ़ेसबुक के ज़रिए मूसेवाला की हत्या की ज़िम्मेदारी ली है.

बीते साल फ़रीदकोट ज़िला कोर्ट ने यूथ कांग्रेस नेता गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या के मामले में गोल्डी के ख़िलाफ़ ग़ैर-ज़मानती वॉरंट जारी किया था.

गोल्डी का नाम गुरुग्राम के डबल मर्डर केस में भी आया था.

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शगुनप्रीत

मूसेवाला के मैनेजर शगुनप्रीत सिद्धू का नाम विक्की मिड्डूखेड़ा मामले में भी सामने आया था लेकिन वो ऑस्ट्रेलिया भाग गया था.

डीजीपी भांवरा ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा था, "बिश्नोई ग्रुप ने हत्या की ज़िम्मेदारी ली है और विक्की मिड्डूखेड़ा का बदला लिया है."

उन्होंने यह भी बताया था कि मैनेजर शगुनप्रीत का नाम मिड्डूखेड़ा मामले में दर्ज है और वो बाहर है.

वीडियो कैप्शन, सिद्धू मूसेवाला के प्रशंसक सरहद के दूसरी तरफ़ यानी पाकिस्तान में भी हैं

विक्की मिड्डूखेड़ा

बीते साल 8 अगस्त को मोहाली के सेक्टर 71 की मार्केट में विक्की मिड्डूखेड़ा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

एक कथित गैंगस्टर गिरोह ने यूथ अकाली दल के नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ़ विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की ज़िम्मेदारी ली थी.

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