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नायक नहीं भविष्यवक्ता! | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अगले 10-12 हफ़्तों में रिलीज़ होने वाली तीन फ़िल्मों की कहानी एक सी लगती है. तीनों फ़िल्मों में नायक भविष्यवाणी कर सकते हैं. नागेश कुकनूर की 8 x 10 तस्वीर में अक्षय कुमार तस्वीर को देखकर आदमी का अगला-पिछला बता सकते हैं, तो आ देखें ज़रा में नायक नील नितिन मुकेश अपने कैमरे के ज़रिए भविष्यकाल में चले जाते हैं. विष्णु भगनानी की नई फ़िल्म कल किसने देखा में उनके बेटे और फ़िल्म के नायक जैकी भगनानी कल दिखाने की शक्ति रखते हैं. पता नहीं, इन तीन नायकों में से किसी ने इन तीन फ़िल्मों का भविष्य देखा है या नहीं. क्योंकि अगर एक सी कहानी पर तीन फ़िल्में एक-दूसरे के इतने क़रीब रिलीज़ होती हैं, तो भगवान ही जाने इनका बॉक्स ऑफ़िस पर क्या होगा. **************************************************************** शिल्पा का स्पा
योग पर डीवीडी निकालने के बाद अब शिल्पा शेट्टी एक स्पा खोल रही हैं. ये स्पा एक मेडिस्पा होगा, जो लोगों की सेहत और ख़ूबसूरती दोनों का ख़्याल रखेगा. इस बिज़नेस में शिल्पा के पार्टनर किरण बावा हैं. किरण का पहले से ही एक स्पा मुंबई के लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स में है. इसके अलावा वे एक और स्पा खोल रहे हैं. स्पा के उदघाटन के लिए भेजे जा रहे निमंत्रण कार्ड के साथ शिल्पा और किरण ने आमंत्रित मेहमानों के लिए जड़ी-बूटियों से बने शैम्पू, साबुन और दूसरी चीज़ें भेजी हैं. **************************************************************** कमाल ख़ान की हिम्मत लोग ज़्यादातर उन्हीं फ़िल्मों का सिक्वेल बनाते हैं, जो फ़िल्में बॉक्स ऑफ़िस पर हिट होती हैं. लेकिन कमाल ख़ान के हिम्मत की दाद देनी होगी.
क्योंकि फ़िल्म देशद्रोही की नाकामी के बाद भी वो देशद्रोही-2 बनाने जा रहे हैं. उन्हें देशद्रोही की रिलीज़ के वक़्त महाराष्ट्र में काफ़ी परेशानी हुई थी. लेकिन इस बार उन्हें ऐसी तकलीफ़ न हो, इसलिए कमाल ख़ान ने फ़िल्म के मुहूर्त के लिए महाराष्ट्र के सभी मंत्रियों को बुला लिया है. अरे कमाल भाई, आप भी कमाल करते हैं. मंत्री लोग तो आपकी नई फ़िल्म के मुहूर्त पर आ जाएँगे लेकिन दर्शकों का क्या. जब आपकी फ़िल्म रिलीज़ होगी तब आप दर्शकों को सिनेमाघरों में कैसे ले आएँगे? याद नहीं, आपकी देशद्रोही की सिनेमाघरों में क्या दशा हुई थी. इतने विवादों के बावजूद कोई फ़िल्म देखने आया ही नहीं. और जब पहली देशद्रोही में लोग नहीं आए तो दूसरी में क्यों आएँगे? **************************************************************** नफ़ा या नुक़सान याद है, पिछले साल जब नसीरुद्दीन शाह और अनुपम खेर की ए वेन्स्डे रिलीज़ हुई थी, तो आलोचकों और दर्शकों ने इस फ़िल्म को काफ़ी पसंद किया था.
हालाँकि फ़िल्म ने धीमी शुरुआत की थी लेकिन जैसे ही फ़िल्म की तारीफ़ शुरू हुई, उसके कलेक्शंस बढ़ गए. इस फ़िल्म का निर्माण यूटीवी और अंजुम रिज़वी ने मिलकर किया था. लेकिन कहा जाता है कि यूटीवी ने अंजुम को रिलीज़ के बाद कोई नफ़ा नहीं दिया. दिया क्या, खाते में मुनाफ़ा दिखाया भी नहीं गया है. अंजुम रिज़वी का कहना है कि फ़िल्म कम पैसों में बनी थी और बॉक्स ऑफ़िस पर जितनी चली है, उससे साफ़ नफ़ा हुआ है. यूटीवी के अनुसार नफ़ा इसलिए नहीं हुआ क्योंकि फ़िल्म को चलाने के लिए बहुत पब्लिसिटी करनी पड़ी. यूटीवी का कहना है कि अगर प्रोमोशन का ख़र्च कलेक्शन में से निकाल दिया जाए, तो मुनाफ़ा बिल्कुल नहीं हुआ है. यानी अब यूटीवी और अंजुम कोर्ट में मिलेंगे. वैसे अंजुम ने यूटीवी को अपने वकील से कहकर नोटिस तो भेज दी है. एक और बढ़िया फ़िल्म का बुरा अंत. **************************************************************** ख़ालिद की फ़िल्म फ़िल्म पत्रकार ख़ालिद मोहम्मद एक बार फिर फ़िल्म बना रहे हैं. ये फ़िल्म उनके जीवन के कुछ हादसों पर आधारित है.
फ़िल्म की कहानी ख़ालिद ने लिख ली है और इस फ़िल्म का निर्माण और कोई नहीं विक्रम भट्ट करेंगे. क्योंकि ये फ़िल्म ख़ालिद मोहम्मद के जीवन से प्रेरित है, इसका नाम मोमेन्ट्स ऑफ़ लाइफ़ चुना गया है. वैसे हाल ही में एक और निर्देशक ने अपने जीवन पर फ़िल्म बनाई थी. हम बात कर रहे हैं राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फ़िल्म दिल्ली-6 की. ये बताना ज़रूरी नहीं है कि इस फ़िल्म का बॉक्स ऑफ़िस पर बुरा हाल हुआ. वैसे, निर्देशक क्यों नहीं समझते हैं कि दर्शक को उनकी जीवन कथा देखने में कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्हें तो बस मनोरंजन चाहिए. फिर वो चाहे किसी के जीवन से प्रेरित हो या नहीं. पर किसी निर्देशक की कहानी में किसी को क्या दिलचस्पी होगी और उससे भी ज़्यादा क्यों होगी? **************************************************************** अरशद और सुष्मिता की ज़िद जिस तरह अरशद वारसी ने शुक्रवार को रिलीज़ हुई किससे प्यार करूँ के प्रोमोशन में बिल्कुल हिस्सा नहीं लिया, आने वाले शुक्रवार को रिलीज़ होने वाली फ़िल्म कर्मा और होली के प्रोमोशन में सुष्मिता सेन ने हिस्सा लेने से मना कर दिया है.
सुष्मिता के अनुसार फ़िल्म के निर्माता अधूरी फ़िल्म रिलीज़ कर रहे हैं और इसकी पब्लिसिटी में ग़लत बातें बोल रहे हैं. अपनी नाराज़गी बताने के लिए सुष्मिता सेन ने यह तरीक़ा अपनाया है कि वो फ़िल्म की पब्लिसिटी में निर्माता का साथ बिल्कुल नहीं देंगी. ये क्या हो रहा है? क्यों हमारे कलाकार इतने नाराज़ हो जाते हैं? एक फ़िल्म उनके बच्चे की तरह होती है. भला कोई अपने बच्चे से इस तरह मुँह मोड़ लेता है? |
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