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सोमवार, 23 फ़रवरी, 2009 को 16:53 GMT तक के समाचार
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मैं आइटम गर्ल बनने नहीं आई: लारा

लारा दत्ता
लारा ने कई फ़िल्मों में आइटम गाना किया है
नौ साल पहले जब अभिनेत्री लारा दत्ता ने मिस यूनिवर्स का ताज पहना था तब उनके लिए फ़िल्मों में अपने करियर को लेकर चिंता करना जायज़ था.

क्योंकि उसी साल दो और भारतीय सुंदरियाँ प्रियंका चोपड़ा और दीया मिर्ज़ा भी मिस वर्ल्ड और मिस एशिया पैसेफ़िक का ताज पहनकर इंडस्ट्री में नाम कमाने के बारे में सोच रही थीं.

प्रियंका को नंबर वन की रेस में सबसे आगे मानने वाले काफ़ी हैं. इसके बावजूद आज भी लारा उसी तरह बेफ़िक्र दिखाई देती हैं जैसे वे तब थीं जब उनकी फ़िल्में नहीं चल रही थी.

उन्होंने जिन फ़िल्मों में काम किया उनसे भी उनकी छवि एक आइटम गर्ल की ही बनी.

लेकिन इस अभिनेत्री को जल्दी ही समझ आ गया कि उन्हें अपने काम ही नही बल्कि छवि में भी सुधार की ज़रूरत है.

लारा का मानना है कि उनके खाते में खाकी, बर्दाश्त, आन, ऐलान, इंसान, ज़िंदा, एक अजनबी, फ़ना, अलग, भागम भाग और पार्टनर जैसी फ़िल्मों के अलावा जुर्म, नो एंट्री और फिर हेराफेरी में जो भूमिकाएँ आईं, वे उन जैसी ग्लैमरस अभिनेत्री के लिए आसान नही थी.

शायद यही वजह थी कि जब शाहरुख़ और इरफ़ान ख़ान के साथ प्रियदर्शन के निर्देशन वाली उनकी नई फ़िल्म बिल्लू रिलीज़ हुई तो उनकी साड़ी-बिंदी ही नहीं बल्कि दो बच्चों की माँ वाली भूमिका भी लोगों के लिए अचरज और प्रशंसा का सबब बन गई.

शॉर्ट और बिकिनी के दौर में आप साड़ी और बिंदी वाली भूमिका कर रही हैं. आपको नही लगता अरसे के बाद ऐसी वापसी से आपको नुक़सान हो सकता है. यह भी कहा जा रहा है कि आपने इस भूमिका में रानी मुखर्जी को रिप्लेस किया था?

नहीं. मैंने जब मुंबई से आया मेरा दोस्त की थी तब भी लोगों ने मुझसे यही सवाल किया था लेकिन बिल्लू का चरित्र भी मुंबई से आया मेरा दोस्त की तरह ही बकरियाँ चराते और चूल्हे पर रोटियाँ पकाने वाली देहाती बिंदिया बनी नायिका की भूमिका भर नही है.

यह नायक बने इरफ़ान ख़ान को भी नया आधार देने वाली पत्नी की भूमिका है. मैंने भी सुना है कि इसे रानी मुखर्जी करने वाली थी और इसके लिए तब्बू के अलावा अमीषा पटेल और जूही चावला का भी नाम था लेकिन शायद जब उनकी बात नहीं बनी तो यह मुझे मिल गई. मेरा मानना है कि कोई किसी को रिप्लेस नही कर सकता.

किंग ख़ान, इरफ़ान और प्रियदर्शन के साथ काम करने का अनुभव कैसा है और वो भी एक रीमेक में?

मैं हमेशा से शाहरुख़ और प्रियदर्शन के साथ काम करना चाहती थी लेकिन मौक़ा अब मिला. शाहरुख़ बहुत अपनेपन और प्रोफ़ेशनल तरीक़े से काम करते हैं.

 मैं ख़बरों में रहना पसंद नहीं करती और वो समय सबसे अच्छा लगता है जब मुझे कोई डिस्टर्ब नहीं करता. तब मैं अपने किचन में सलवटों वाले कपड़े पहन कर खाना बनाती हूँ. उस समय मुझे कोई देखने वाला नहीं होता लेकिन तब मैं अपनी अगली तैयारियों पर सोच रही होती हूँ

इरफ़ान की यह भूमिका उनकी अब तक की सबसे अलग भूमिका है. जिसके लिए उन्होंने अपने पात्र और चरित्र की जो नई शारीरिक भाषा और परिभाषा विकसित की है, वो चौंकाने वाली है.

जहाँ तक प्रियदर्शन की बात है तो उनकी कॉमेडी फ़िल्मों से अलग अगर आप गर्दिश और विरासत जैसी फ़िल्मों को देखे तो बिल्लू उनकी संवेदनशील और रिश्तों को बताने वाली फ़िल्मों का नया विस्तार है

यहाँ रीमेक का बहुत ज़्यादा फ़र्क नहीं पड़ता. मलयाली निर्देशक एम मोहनन की मम्मूटी, श्रीनिवासन की कधा पारयुबोल नाम की यह फ़िल्म किसी भी भाषा में बने उसकी कहानी और कंटेंट कमाल का होगा.

पिछले समय से आपके करियर का नया विस्तार नही दिखा लेकिन टीवी पर आप आ गई हैं?

दरअसल मैं लगातार विदेश यात्राएँ करती रही. लंदन में हुए आइफ़ा से भी मैं जुड़ी रही. पार्टनर और झूम बराबर झूम के लिए मैं दुबई और फ़्रांस में रही. फिर लौटी तो टीवी शो मिशन उस्ताद से जुड़ गई. लोगों को लगा मैं कम काम कर रही हूँ. हालाँकि यह भी मेरे काम का ही हिस्सा है.

लेकिन मैं ख़बरों में रहना पसंद नहीं करती और वो समय सबसे अच्छा लगता है जब मुझे कोई डिस्टर्ब नहीं करता. तब मैं अपने किचन में सलवटों वाले कपड़े पहन कर खाना बनाती हूँ. उस समय मुझे कोई देखने वाला नहीं होता लेकिन तब मैं अपनी अगली तैयारियों पर सोच रही होती हूँ.

जब आपकी झूम बराबर जैसी फ़िल्म नकार दी गई तो आपने क्या सोचा जबकि आप भागम भाग जैसी हिट फ़िल्म दे चुकी थी. कहा गया कि वो एक डिज़ाइनर फ़िल्म थी?

कुछ नही. मैंने अपनी हर फ़िल्म में मेहनत की. झूम बराबर अपने तरह की अलग किस्म की फ़िल्म थी लेकिन वो लोगों को पसंद नही आई. जबकि उसके बाद मैंने पार्टनर जैसी सफल फ़िल्म दी. फ़िल्में हमें जीवन का ही कोई न कोई रूप दिखाती हैं.

फ़िल्मकार बस उसे गढ़ और बुन देते हैं. हालाँकि इस बारे में सोचना मेरा काम नहीं. मैं तो एक अभिनेत्री भर हूँ इसलिए फ़िल्मों की असफलता कुछ समय दुख देती है पर मैं उसे जल्दी ही भुला देती हूँ. आज भी मैं ऐसी भूमिकाओं की तलाश करती हूँ जो मुझे अपने और अपनी भूमिकाओं में प्रयोग करने का मौक़ा दे.

लेकिन आपने अभी तक जितनी भूमिकाएँ की, उसमें अगर बिल्लू और पार्टनर को छोड़ दें तो आपकी छवि लारा दत्ता से ज़्यादा लारा क्रॉफ्ट और उससे भी ज़्यादा सेक्सी अभिनेत्री की ज़्यादा बनी है?

लारा ने पार्टनर में सलमान के साथ काम किया था

लोग मुझे लारा क्रॉफ्ट समझेंगे तो मुझे बुरा नहीं लगेगा लेकिन मुझे अपनी सेक्सी और बोल्ड छवि वाली अभिनेत्री कहलाने पर ऐतराज़ होगा. मैं यहाँ आइटम गर्ल बनने नहीं आई. ऐसा होता तो मैं रामू की डार्लिंग नहीं छोड़ती और जुर्म में निगेटिव भूमिका नहीं करती.

अगर भूमिका अच्छी हो तो मैं सितारों भरी फ़िल्म में भी काम कर सकती हूँ. मेरी पहली फ़िल्म भी तमिल की आरास्ताची थी. यह अलग बात है कि उसकी रिलीज़ में देरी के कारण मेरी पहली फ़िल्म अंदाज़ मानी गई लेकिन उसमे भी मुझे सर्वश्रेष्ठ नए चेहरे का फ़िल्मफेयर मिला था.

लेकिन आपने बिग बी प्रोडक्शन की रणबीर और अपूर्व लाखिया की जट पंजाबी के लिए मना कर दिया था और आपकी अमरजीत भी अभी अटकी पड़ी है?

इन फिल्मों की भूमिकाएँ मेरे व्यक्तित्व और छवि से मेल नहीं खाती थी. लेकिन खाकी के समय बिग बी ने मुझसे वादा किया था कि वो मुझे अपनी फ़िल्म में काम ज़रूर देंगे. मैं इंतज़ार कर रही हूँ. जहाँ तक अमरजीत की बात है तो मैं अच्छी कहानियों और विचारों की कदर करती हूँ. वह जल्दी ही लोगों के सामने आएगी. आज भी मैं अमरजीत जैसे विचारों को काग़ज़ पर उतार लेती हूँ. जब भी मैं ख़ुद कोई फ़िल्म बनाउंगी तो काम आ जाएँगे.

आजकल आपकी ब्लू की भी चर्चा है और कहा जा रहा है कि इसके लिए आपने अपना मेकओवर भी किया है?

हाँ, इसके लिए हमने हॉलीवुड की मेकअप आर्टिस्ट निकोल्ता स्कार्लेतोस की मदद ली है.

अब आपकी आने वाली ऐसी कौन सी फ़िल्में हैं, जो आपके करियर में मदद दे सकती हैं?

यह मैं तय नहीं कर सकती कि कौन से फ़िल्में ऐसा कर सकती हैं. यह तय करना लोगों का काम है. मैं तो बस हमेशा की तरह मेहनत कर रही हूँ. आने वाली फ़िल्मों में अमरजीत, बंदा ये बिंदास है, एक और देवदास, डू नॉट डिस्टर्ब, लंदन ड्रीम्स, ब्लू और एक तेलुगू फ़िल्म सत्यमेव जयते भी है.

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