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बिग बी के फ़्रांसीसी प्रशंसकों के लिए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया के सबसे ख़ूबसूरत शहरों में से एक है पेरिस जिसे सदियों से कला और संस्कृति का केंद्र माना जाता रहा है. चित्रकला, साहित्य फ़ैशन, ऑपेरा हर एक में अव्वल. सिनेमा में भी पेरिस ने कई नगीने दिए हैं. ट्रूफ़ों और गोदार जैसे दिग्गज फ़िल्मकारों की धरती पर अमिताभ बच्चन को सम्मानित किया जा रहा है. पेरिस में हर साल होने वाले सलों ड्यू सिनेमा फ़ेस्टिवल में 16 जनवरी को अमिताभ बच्चन की फ़िल्मों का विशेष प्रदर्शनों का आयोजन किया गया है. सलों डू सिनेमा फ़ेस्टिवल के तहत अमिताभ के करियर की तीन चुनिंदा फ़िल्में दिखाई जाएँगी. बीबीसी से हुई विशेष बातचीत में अमिताभ बच्चन ने पेरिस से फ़ोन पर बताया, "सलों ड्यू सिनेमा में मुझ पर एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई जा रही है जिसका नाम है- द एवरलास्टिंग लाइट. 16 जनवरी को मेरी तीन फ़िल्में दिखाई जाएँगी- शोले, ब्लैक और सरकार राज." अमिताभ की फ़िल्में दिखाने का सिलसिला पेरिस समयानुसार शाम साढ़े आठ बजे से शुरू होगा और आख़िरी फ़िल्म शोले सुबह पाँच बजे ख़त्म होगी. लेकिन पेरिस के बारे में मशहूर है कि यहाँ कला के कद्रदानों की कमी नहीं है- दिन हो या रात कला के प्रेमी पहुंच ही जाते हैं. इस फ़ेस्टिवल में एडवांस बुकिंग का भी कोई प्रावधान नहीं होता. पसंद है फ़्रांसीसी सिनेमा कला-संस्कृति के क्षितिज पर फ़्रांस से कई नामी हस्तियों ने अपना लोहा मनवाया है- फ़ैशन डिज़ाइनर क्रिस्टियन डियोर, विक्टर ह्यूगो जैसा कवि और लेखक, अराउंड द वर्ल्ड इन 80 डेज़ लिखने वाले साइंस फ़िक्शन लेखक यूल्स वर्न, आइफ़ल टॉवर का डिज़ाइन करने वाले गुस्ताव आइफ़ल, ब्रेल लिपी देने वाले लुई ब्रेल. ऐसे लोगों की लंबी फ़ेहरिस्त है. फ़्रांसीसी सिनेमा का भी विश्व में अपना ही मक़ाम है. ज़्याँ लूक गोदार की 'द 400 ब्लोज़' या 'ब्रेथलेस' हो, ट्रूफ़ों की 'ल्स एंड जिम' हो या फिर कैथरीन डनूव जैसी ख़ूबसूरत और दक्ष अभिनेत्री... फ़्रांसीसी कलाकारों ने हमेशा विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ी है. फ़्रांसीसी सिनेमा का ज़िक्र करते हुए अमिताभ ने कहा, "मैने कई फ़्रांसीसी कलाकारों की फ़िल्में देखी हुई हैं और बहुत प्रशंसनीय है. चाहे वो ट्रूफ़ों हों या कैथरीन डनूव, सब अव्वल रहे हैं और हम सब उनसे प्रभावित रहे हैं." इस प्रदर्शन (रेट्रोस्पेक्टिव) पर ख़ुशी जताते हुए अमिताभ बच्चन ने कहा कि ये उनका सौभग्य है कि भारतीय सिनेमा को विदेश में प्राथमिकता दी जा रही है. पिछले साल ही संजय लीला भंसाली को पेरिस के प्रतिष्ठित थिएटर डू शेटले में ऑपेरा 'पद्मावती' निर्देशित करने के लिए आमंत्रित किया गया था. यहाँ आकर ऑपेरा बनाना बड़े गर्व की बात मानी जाती है. अमिताभ रेट्रोस्पेक्टिव में दिखाई जाने वाली फ़िल्म 'ब्लैक' का निर्देशन संजय लीला भंसाली ने ही किया था. इससे पहले अमिताभ बच्चन को वर्ष 2007 में फ़्रांस का सर्वोच्च नागिरक सम्मान 'लीजन ऑफ़ ऑनर' मिला था. भारत से यह सम्मान महान फ़िल्मकार सत्यजित रे, सितार वादक पंडित रविशंकर और यश चोपड़ा को मिल चुका है. शाहरुख़ खान को 2008 में फ़्रांस का पुरस्कार 'ऑफ़िसर ऑफ़ द ऑर्डर ऑफ़ आर्ट एंड लेटर्स' मिला था. |
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