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प्रदूषण कम करने के लिए जुर्माना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंदन में ट्रैफ़िक प्रदूषण को कम करने और पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए भारी वाहनों पर ‘नई जुर्माना योजना’ की घोषणा की गई है. इसमें मानक मात्रा से अधिक गैस उत्सर्जन करने वाले हर वाहन से लगभग चार सौ डॉलर वसूले जाएँगे. शहर के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह योजना ब्रिटेन में पहली बार लागू की गई है और यह अपनी तरह की सबसे बड़ी योजना है. इसमें वाहनों की लाइसेंस प्लेट पर नज़र रखने के लिए 1500 वर्गकिलोमीटर से भी ज़्यादा क्षेत्र में कैमरों के एक नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा. इस नई योजना में सिर्फ़ डीज़ल से चलने वाले 12 टन से ज़्यादा भारी वाहनों पर ही जुर्माना वसूला जाएगा. लेकिन इसे बाद में धीरे-धीरे छोटी लॉरी, बसों, कोच और वैन पर भी लागू किया जाएगा. पर्यावरण इसी बीच अग्रणी तेल कंपनी शेल के पूर्व अध्यक्ष सर मार्क मूडी स्टुअर्ट ने माँग की है कि ज़्यादा प्रदूषण फैलाने वाली कारों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. सर मार्क मूडी स्टुअर्ट ने कहा कि यूरोपीय संघ को एक लीटर में 12 किलोमीटर से कम दूरी तय करने वाली कारों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए.
बीबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि ज़्यादा ईंधन खपत करने वाली कारों को पर्यावरण सहन नहीं कर सकता. लेकिन उनकी इस माँग का विरोध करते हुए यूके सोसायटी ऑफ़ मोटर मैन्युफ़ैक्चरर एंड ट्रेडर्स के प्रवक्ता निगेल वोनाकॉट ने कहा, " प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों के चालक ज़्यादा सड़क कर और पेट्रोल ड्यूटी देते हैं." लेकिन सर स्टुअर्ट ने कहा, " ईंधन पर कर बढ़ाने के बावजूद अमीर लोग पर्यावरण में हो रहे बदलाव से निपटने की ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकते." उन्होंने बीबीसी वेबसाइट से कहा कि ऐसी कार किसे चाहिए जो एक लीटर में 12 किलोमीटर से भी कम चले. सख्त नियम बनें उन्होंने कहा, " हमें बहुत सख्त नियम बनाने की ज़रूरत है ताकि कोई भी एक निर्धारित मापदंड से कम चला या बना न सके." सर मार्क का कहना है कि नए नियम सिर्फ़ नई कारों पर ही लागू हों जबकि प्रदूषण फैला रही पुरानी कारें अपना समय पूरा करने के बाद ख़ुद ही ख़त्म हो जाएंगी. उन्होंने कहा, "य ह तो एक सामाजिक मुद्दा है, हम यह नहीं कह सकते कि समाज की ज़रूरतें अमीरों पर लागू नहीं होतीं." उन्होंने कहा कि जब हमने 'कैटलिटिक कन्वर्टरों' के बारे में बताया था तब कार निर्माताओं ने कहा था कि इससे कारों के दाम आसमान को छू लेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अब हम सबके पास 'कैटलिटिक कन्वर्टर' हैं जो सही भी हैं. सर मार्क ने कहा, " इस उद्योग में गुजारे सालों ने उन्हें सिखाया कि अगर सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ मापदंड निर्धारित करें तो बाज़ार इसका कुछ उपाय ज़रूर निकालता है." उन्होंने कहा कि सरकार का काम है ऐसी नीतियाँ बनाना है जिन पर उद्योग प्रतिस्पर्धा कर सकें. उनके अनुसार, " बाज़ार एक जादुई चीज़ है. यह लोगों की सुविधा का ध्यान रखती है लेकिन इसे मार्गदर्शन की ज़रूरत है." इस विषय पर लोगों का राय यह बताती है कि वे पर्यावरण में हो रहे बदलाव से निपटने के लिए अपने तरीके बदलने को तैयार हैं लेकिन सिर्फ़ तभी जबकि उनके पड़ोसियों से भी वही करने को कहा जाए. |
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