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टाटा जगुआर सौदे के काफ़ी नज़दीक | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ़ोर्ड मोटर कंपनी ने पुष्टि की है कि भारत की टाटा मोटर कंपनी संभवतः ब्रिटेन में उसकी दो बड़ी कार कंपनियों को ख़रीदेगी जिनमें जगुआर और लैंड रोवर शामिल हैं. अमरीका की विशाल कार कंपनी फ़ोर्ड ने कहा है कि वह इस सौदे के बारे में टाटा कंपनी के साथ ज़्यादा गंभीर और गहरी बातचीत के लिए कटिबद्ध है. फ़ोर्ड ने जून 2007 में घोषणा की थी कि वह जगुआर और लैंड रोवर को एकमुश्त पैकेज के तौर पर बेचना चाहती है यानी दोनो कंपनियों को एक साथ. ग़ौरतलब है कि जगुआर और लैंड रोवर ब्रिटेन में बहुत लोकप्रिय और भरोसेमंद कारें मानी जाती हैं. टाटा ने सबसे पहले अगस्त 2007 में कहा था कि वह इन कंपनियों को ख़रीदने में दिलचस्पी रखती है. हालाँकि इस सौदे में एक और निजी कंपनी - वन इक्विटी ने भी दिलचस्पी दिखाई थी और वह अब भी इसे ख़रीदने की दौड़ में शामिल है. वन इक्विटी अमरीका बैंक जेपी मॉर्गन चेज़ का हिस्सा है. वन इक्विटी के प्रवक्ता ने बीबीसी से कहा कि टाटा मोटर कंपनी को अभी इस सौदे के लिए फ़ोर्ड के साथ बातचीत के विशिष्ठ अधिकार नहीं दिए गए हैं. एक अन्य भारतीय कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी ख़ुद को जगुआर और लैंड रोवर कंपनियों का एक संभावित ख़रीदार बताया था. ठोस बातचीत यूरोप में फ़ोर्ड के कारोबार के लिए ज़िम्मेदार कंपनी के कार्यकारी उपाध्यक्ष लुईस बूथ ने कहा, "अभी कोई अंतिम फ़ैसला नहीं लिया गया है और अभी काफ़ी बातचीत होनी बाक़ी है लेकिन हम आगामी सप्ताहों में टाटा कंपनी के साथ ठोस बातचीत के दौर में प्रवेश करेंगे." टाटा के एक प्रवक्ता ने कहा कि फ़ोर्ड के साथ पहले ही "काफ़ी सकारात्मक बातचीत हो चुकी है. हम बातचीत में हुई प्रगति से ख़ुश हैं क्योंकि यह सौदा आगे बढ़ रहा है." कार पत्रिकार ऑटोएक्सप्रेस के विशेषज्ञ डैन स्ट्राँग ने कहा है कि टाटा में यह दम नज़र आता है कि वह जगुआर और लैंड रोवर कंपनियों को ख़रीद सकती है. डैन स्ट्राँग ने कहा, "ब्रिटेन के कार उद्योग के साथ भारत की काफ़ी लंबी साझेदारी रही है और टाटा ने अतीत में भी ब्रिटेन की अन्य कार कंपनियों में दिलचस्पी दिखाई है." डैन स्ट्राँग का कहना था, "टाटा ऐसी कारें बनाने के लिए उत्सुक हैं जो दुनिया भर में कामयाब हों और अगर भाग्य ने साथ दिया तो ब्रिटेन के इन दो ब्रांडों - जगुआर और लैंड रोवर की कारों का भी यही भविष्य होगा." मोटर उद्योग के जानकारों ने पहले अनुमान ज़ाहिर किया था कि जगुआर और लैंड रोवर को निजी इक्विटी कंपनियाँ ख़रीदेंगी. दो निजी इक्विटी कंपनियाँ - अपोलो और ब्लैकस्टोन ने भी इस ख़रीदारी में दिलचस्पी दिखाई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें टाटा और अमरीकी होटल के बीच विवाद21 दिसंबर, 2007 | कारोबार एशिया का नंबर-वन सुपर कंप्यूटर14 नवंबर, 2007 | कारोबार टाटा की नज़र दो ब्रितानी कार ब्रांडों पर25 अगस्त, 2007 | कारोबार टाटा की नज़र लैंड रोवर पर25 अगस्त, 2007 | कारोबार एस्सार एल्गोमा का अधिग्रहण करेगा16 अप्रैल, 2007 | कारोबार कोरस के बाद टाटा का दूसरा बड़ा सौदा31 मार्च, 2007 | कारोबार भारतीय अख़बारों में छाया टाटा01 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारतीयों के जीवन में रचा बसा टाटा31 जनवरी, 2007 | कारोबार इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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