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टाटा और अमरीकी होटल के बीच विवाद | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टाटा समूह के इंडियन होटल्स (ताज होटल्स) और अमरीका के ओरिएंट एक्सप्रेस होटल्स के बीच विवाद गहरा गया है. इंडियन होटल्स ने ओरिएंट होटल्स के प्रबंधन से उनकी 10 दिसंबर को लिखी गई चिट्ठी के लिए माफ़ी मांगने को कहा है. दोनों होटल कंपनियों के बीच विवाद की शुरुआत कुछ समय पहले हुई थी. इंडियन होटल्स ने ओरिएंट एक्सप्रेस में 11.5 फ़ीसदी हिस्सेदारी ख़रीदी थी और कंपनी से गठबंधन की पेशकश की थी जिसे ओरिएंट एक्सप्रेस ने ठुकरा दिया था. ओरिएंट एक्सप्रेस ने प्रस्ताव ठुकराते हुए एक पत्र सार्वजनिक कर दिया था जिसमें उसने कहा था कि घरेलू भारतीय होटल और ओरिएंट के ग्लोबल लक्ज़री होटलों के बीच गठबंधन करने से उसके ब्राँड को नुक़सान पहुँचेगा. इंडियन होटल्स ने इस पत्र को अपमानजनक माना है और अब इंडियन होटल्स चाहता है कि ओरिएंट एक्सप्रेस इस पत्र के लिए उससे माफ़ी मांगे. इंडियन होटल्स के प्रमुख आरके कृष्ण कुमार ने ओरिएंट एक्सप्रेस होटल्स के अध्यक्ष और सीईओ पॉल वाइट को लिखे जवाबी पत्र में तथ्यों को असत्य बताया है. कृष्ण कुमार ने कहा,'' हमने ओरिएंट होटल्स से माफ़ी मांगने को कहा है और इसके लिए उसकी वेबसाइट सहित उन सभी माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा है जिनका इस्तेमाल ताज होटल्स को लिखे पत्र को प्रचारित करने के लिए किया था.'' कृष्णकुमार ने ओरिएंट होटल्स की बातों का खंडन किया है और उसके प्रबंधन की आलोचना की है. ग़ौरतलब है कि टाटा समूह भारत के प्रतिष्ठित उद्योग घरानों में गिना जाता है और उसने इस साल 13.5 अरब डॉलर में ब्रिटेन और नीदरलैंड की कंपनी कोरस का अधिग्रहण किया है. ये किसी भारतीय कंपनी का किसी विदेशी कंपनी का सबसे बड़ा अधिग्रहण है. टाटा समूह के ताज होटल्स भारत में 57 होटलों और विदेश में 18 होटलों को संचालित करता है जबकि |
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