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अधिग्रहण का फ़ायदा होगा: रतन टाटा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टाटा स्टील की ओर से यूरोपीय कंपनी कोरस के अधिग्रहण के लिए बड़ी बोली लगाने पर टाटा ग्रुप के अध्यक्ष रतन टाटा ने कहा है कि कोरस का अधिग्रहण टाटा स्टील के लिए फ़ायदेमंद होगा. रतन टाटा ने बुधवार को ज़ोर देकर कहा कि यूरोपीय स्टील कंपनी कोरस के लिए हालाँकि शुरुआती रक़म से कहीं अधिक राशि का भुगतान किया गया है, लेकिन इससे टाटा स्टील को फ़ायदा होगा. टाटा स्टील ने मंगलवार को कोरस के अधिग्रहण के लिए सबसे बड़ी बोली लगाई और ब्राज़ील की कंपनी सीएसएन को नीलामी की होड़ से बाहर कर दिया. रतन टाटा ने मुंबई में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कंपनी ने शुरुआती बोली 455 पेंस प्रति शेयर लगाई थी, लेकिन निवेशकों के उत्साह के चलते नीलामी की राशि बढ़ती चली गई. उन्होंने कहा, "दूरदर्शी प्रबंधन होने के नाते हमें कोरस का अधिग्रहण करने के लिए ये राशि चुकानी ही थी. हालाँकि हमने ये तय किया था कि नीलामी की प्रक्रिया में हम एक निश्चित राशि से आगे नहीं बढ़ेंगे. शुक्र है हम उस राशि तक नहीं पहुँचे. अगर हम उस राशि तक पहुँच जाते तो नीलामी से हट जाते." टाटा ने एंग्लो-डच इस्पात कंपनी कोरस के लिए कुल 11 अरब तीन करोड़ डॉलर की कीमत तय की और उसके अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होते ही वह दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी इस्पात कंपनी बन जाएगी. अधिग्रहण पर ख़ुशी जताते हुए रतन टाटा ने कहा, "पिछले साल अक्तूबर में हमने टाटा प्रबंधन और यूनियन की साझा सहमति से कोरस के लिए बोली लगाई थी. ब़्राजीली कंपनी समेत कुछ अन्य कंपनियाँ भी इस दौड़ में शामिल हो गई. मुझे खुशी है कि कोरस को एक भारतीय स्टील कंपनी ने अधिग्रहित किया. ये सभी भारतीयों के लिए खुशी का लम्हा है कि उनकी उम्मीद पूरी हुई." कोरस के लिए अधिक बोली के फ़ैसले का बचाव करते हुए रतन टाटा ने कहा, "ये दूरदर्शी कद़म साबित होगा." आलोचकों को ज़वाब देते हुए उन्होंने कहा, "जब हमने कोरस की बोली के लिए अभियान शुरू किया था तो कई लोगों का कहना था कि हमारा ये कदम बेवकूफ़ी भरा है, क्योंकि इससे पहले किसी भी भारतीय कंपनी ने यूरोप की इतनी बड़ी कंपनी का अधिग्रहण नहीं किया था." शेयरों में गिरावट उन्होंने कहा कि इस फ़ैसले ने दिखाया है कि भारतीय उद्योग भी देश से बाहर कदम रख सकते हैं. रतन टाटा ने कहा, "मेरा हमेशा से मानना रहा है कि अगर आप वैश्विक कंपनी बनना चाहते हैं तो आपको एकल नागरिकता के अपने ख़्याल को परे रखना होगा." इस निर्णय से टाटा के शेयरों में आई गिरावट पर उन्होंने कहा, "लोग छोटी अवधि के फ़ायदे को देखते हुए फ़ैसला करते हैं, और अगर कोई कंपनी किसी साल घाटे में चली जाती है तो उसे कोसने लगते हैं. मुझे उम्मीद है कि भविष्य में बाज़ार की सोच बदलेगी और तब अहसास होगा कि अधिग्रहण का हमारा फ़ैसला सही था." टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक बी मुथुरमन ने कोरस के अधिग्रहण को कंपनी की रणनीतिक योजना का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा, "हमारी योजना उन जगहों पर नई परियोजना शुरू करने की है जहाँ कच्चा माल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. यही वजह थी कि हमने सिंगापुर की नैटस्टील और थाईलैंड की मिलेनियम स्टील का अधिग्रहण किया." | इससे जुड़ी ख़बरें टाटा और कोरस सौदे के क़रीब17 अक्तूबर, 2006 | कारोबार ब्राज़ीलियाई कंपनी कर सकती है दावेदारी22 अक्तूबर, 2006 | कारोबार कोरस ने सीएसएन की बोली मंज़ूर की11 दिसंबर, 2006 | कारोबार कोरस की हो सकती है नीलामी20 दिसंबर, 2006 | कारोबार कोरस ने सीएसएन की बोली मंज़ूर की11 दिसंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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