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टोयोटा दुनिया की 'नंबर वन' कार कंपनी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जापान की कंपनी टोयोटा के प्रवक्ता ने कहा है कि अमरीका की जनरल मोटर्स को पछाड़ते हुए टोयोटा दुनिया की नंबर एक कार कंपनी बन गई है. कंपनी के आँकड़ों के मुताबिक टोयोटा ने वर्ष 2007 के पहले तीन महीनों में 23 लाख 48 हज़ार से ज़्यादा वाहन बेचे हैं. इस दौरान जनरल मोटर्स ने करीब 22 हज़ार कारें और छोटे ट्रक बेचे. जापान में कार बनाने वाली कंपनियों की विदेशों में बिक्री बढ़ रही है और ये कंपनियाँ अमरीका में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही हैं. अमरीका दुनिया का सबसे बड़ा कार बाज़ार है. टोयोटा के हाईब्रिड प्रायस और कैमरी सिडान जैसे मॉडल काफ़ी सफल रहे हैं और कंपनी की कुल बिक्री बढ़ी है. जबकि जीएम प्रतिस्पर्धा में पीछे छूटती नज़र आ रही है. जीएम को पिछले कुछ समय में अपनी कई फ़ैक्ट्रियाँ बंद करनी पड़ी हैं और हज़ारों लोगों को अपनी नौकरी गँवानी पड़ी हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि आज की तारीख़ में उपभोक्ता या तो सस्ती और टिकाऊ कारें चाहते हैं या फिर लक्ज़री मॉडल. टोयोटा ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को सस्ती और टिकाऊ कार बनाने में मात दी है. विशेषज्ञों के मुताबिक टोयोटा में उत्पादन कीमत कम है, इसके छोटे और आकर्षक मॉडल लोगों को पसंद आते हैं और कंपनी में वितरण पद्धति अच्छी है. विशेषज्ञों का ये भी मानना है कि अभी ये मानना जल्दबाज़ी होगी कि कार उद्योग में टोयोटा का वर्चस्व रहेगा. चीनी और भारतीय कार उद्योग तेज़ी से बढ़ रहा है और वे जल्द ही बड़े पैमाने पर बेहद सस्ती कारें बनाने में सक्षम हो सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत में कारों की रिकॉर्ड बिक्री12 फ़रवरी, 2007 | कारोबार कार कंपनी फ़ोर्ड को रिकॉर्ड नुक़सान25 जनवरी, 2007 | कारोबार जेनरल मोटर्स में 30 हज़ार नौकरियाँ ख़त्म 21 नवंबर, 2005 | कारोबार रेड्ड़ी ने फ़ोक्सवैगन का हर्जाना ठुकराया06 सितंबर, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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