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जेनरल मोटर्स में 30 हज़ार नौकरियाँ ख़त्म | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी जेनरल मोटर्स ने घाटे से उबरने के लिए 30,000 नौकरियाँ ख़त्म करने की घोषणा की है. जेनरल मोटर्स का कहना है कि वह अमरीका और कनाडा में अपने 12 कारखानों में अधिकतर काम कम कर देगा और वाहनों का उत्पादन भी कम कर देगा. अमरीकी कंपनी ने अक्तूबर में घोषणा की थी कि उसे इस वर्ष की तीसरी तिमाही में डेढ़ अरब डॉलर का घाटा हुआ था. समझा जा रहा है कि कंपनी की घोषणा से वह अगले वर्ष तक प्रतिवर्ष सात अरब डॉलर की बचत कर सकेगी जो पहले लगाए गए अनुमान से एक अरब डॉलर अधिक है. लेकिन कंपनी ने जो कटौती की है वह उम्मीद से कहीं अधिक है. पहले कंपनी ने कहा था कि वह वर्ष 2008 तक 25,000 नौकरियाँ ख़त्म करेगी. जेनरल मोटर्स के प्रमुख रिक वेगनर ने कहा है कि उत्तर अमरीका में कंपनी का फ़ायदा बढ़ाने के लिए ये उपाय करने ज़रूरी थे. उन्होंने कहा,"ये करना ज़रूरी था जिससे कि हम विश्व बाज़ार में अपने प्रतियोगियों के बराबर खड़े हो सकें". इससे पूर्व अमरीका की एक और कंपनी फ़ोर्ड ने भी कहा है कि उसे भारी घाटे के कारण अपने कारखाने बंद करने होंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत में एक अरब डॉलर लगाएगा सिस्को19 अक्तूबर, 2005 | कारोबार न्यू ऑर्लियंस में हज़ारों की नौकरी गई05 अक्तूबर, 2005 | पहला पन्ना 10 हज़ार नौकरियाँ ख़त्म करेगा सोनी22 सितंबर, 2005 | कारोबार ऑस्ट्रेलिया में नौकरियों के लिए खोज16 अगस्त, 2005 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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