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मंगलवार, 16 अगस्त, 2005 को 14:57 GMT तक के समाचार
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ऑस्ट्रेलिया में नौकरियों के लिए खोज
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलिया के आप्रवासन क़ानून की आलोचना की जाती रही है
ऑस्ट्रेलिया सरकार दूसरे देशों से लगभग 20,000 लोगों को अपने यहाँ नौकरी देना चाहती है.

इसके लिए भारत और यूरोप में लोगों की तलाश की जाएगी जिसके लिए इस वर्ष के अंत तक प्रदर्शनियाँ लगाई जाएँगी.

ऑस्ट्रेलिया के आप्रवासन विभाग के प्रवक्ता अब्दुल रिज़वी ने बताया है कि उन्हें इंजीनियर, डॉक्टर, कार मैकेनिक और एकाउंटेंटों की आवश्यकता है.

खोज

 हम पहले इन शहरों मे जाएँगे. वहाँ के अनुभव के बाद अगले वर्ष हम और भी शहरों में जा सकते हैं
अब्दुल रिज़वी, प्रवक्ता, ऑस्ट्रेलियाई आप्रवासन विभाग

ऑस्ट्रेलिया का आप्रवासन विभाग भर्तियों के लिए इस वर्ष के अंत तक भारत में चेन्नई, इंग्लैंड में लंदन, जर्मनी में बर्लिन और हॉलैंड में एम्सटर्डम में प्रदर्शनियाँ लगाई जाएँगी.

अब्दुल रिज़वी ने बताया," हम पहले इन शहरों मे जाएँगे. वहाँ के अनुभव के बाद अगले वर्ष हम और भी शहरों में जा सकते हैं."

अब्दुल रिज़वी ने साथ ही कहा,"हमें प्रशिक्षित लोगों की तलाश है चाहे वे जहाँ से भी आएँ".

बड़ा अभियान

ऑस्ट्रेलिया में 1960 के दशक के बाद ये अभी तक का सबसे बड़ा भर्ती अभियान होगा.

ऑस्ट्रेलिया पर अक्सर आरोप लगता रहा है कि वहाँ आप्रवासन नीति बहुत कठोर है.

लेकिन विश्लेषकों के अनुसार अभी वहाँ काम करनेवालों की बेहद कमी हो गई है जिससे देश के आर्थिक विकास को ख़तरा हो सकता है.

1950 और 1960 के दशक में ऑस्ट्रेलिया ने ब्रिटेन से लोगों को अपने यहाँ बुलाने के लिए बड़ा अभियान चलाया था.

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