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भारत में एक अरब डॉलर लगाएगा सिस्को | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया में इंटरनेट उपकरण बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनी भारत में अगले तीन वर्षों में एक अरब डॉलर से अधिक रकम लगाएगी. कंपनी भारत में अपने कर्मचारियों की संख्या में तीन गुना बढ़ोतरी करने जा रही है, यह कंपनी का अमरीका से बाहर अब तक का सबसे बड़ा पूंजी निवेश है. सिस्को के प्रमुख जॉन चैंबर्स ने कहा, "भारत दुनिया की अर्थव्यवस्था में तेज़ी से एक महत्वपूर्ण शक्ति बनकर उभरा है." भारत में बहुत बड़ी संख्या में तकनीकी शिक्षा प्राप्त लोग हैं जो अँगरेज़ी भाषा अच्छी तरह जानते हैं, कंपनियाँ उन्हें यूरोपीय देशों या अमरीका के अपने कर्मचारियों के मुक़ाबले काफ़ी कम वेतन पर काम देती हैं जिससे उनकी भारी बचत होती है. इस समय भारत में सिस्को के 1400 कर्मचारी हैं. सिस्को का कहना है कि जापान और चीन के बाद भारत एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है इसलिए उस पर ध्यान दिया जाना स्वाभाविक है. सिस्को का रिसर्च ऐंड डेवलपमेंट का मुख्यालय बंगलौर में है, इसके अलावा भारत के सात अन्य शहरों में सिस्को के दफ़्तर हैं. कंपनी अपने ताज़ा पूंजी निवेश का बड़ा हिस्सा रिसर्च, ट्रेनिंग और नए कर्मचारियों की नियुक्ति पर ही ख़र्च करेगी. कंपनी का कहना है कि वह भारत की छोटी कंपनियों में भी पूंजी निवेश करेगी और अपने उपभोक्ताओं को सेवाएँ देने के लिए सेंटर स्थापित करेगी. सिस्को का अनुमान है कि भारत से होने वाली कमाई में तीन वर्ष की अवधि में तीस प्रतिशत की वृद्धि होगी. कंपनी के प्रमुख जॉन चैंबर्स कहते हैं, "भारत एशिया में सिस्को का सबसे बड़ा बाज़ार भी बन सकता है." |
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