चाइना स्कैम जो चीन से नहीं, वहां से दूर आइल ऑफ़ मैन द्वीप से चलता है

आइल ऑफ़ मैन
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    • Author, ग्लोबल चाइना यूनिट
    • पदनाम, बीबीसी वर्ल्ड सर्विस

जनवरी 2022 से जनवरी 2023 के बीच चीनी नागरिकों के साथ हुए धोखाधड़ी के मामले में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने अपनी एक साल की खोजी रिपोर्ट में पता लगाया है कि कैसे और कहां से निवेश के नाम पर लोगों से लाखों डॉलर की ठगी की गई.

अपनी रिपोर्ट में चीन की ज़मीन से दूर से संचालित होने वाले निवेश के नाम पर चीनी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी के इस मामले में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस ने अपनी रिपोर्ट में पाया है कि कैसे जालसाज़ इस पूरे ठगी के प्रकरण को चीन से कई किलोमीटर दूर एक छोटे से द्वीप आइल ऑफ़ मैन से अंजाम दे रहे थे.

आइल ऑफ़ मैन द्वीप में सरकार तो ख़ुद चीन की है लेकिन वो निर्भर ब्रिटेन के शाही परिवार पर है.

आइल ऑफ़ मैन द्वीप पर समुद्र किनारे स्थित होटलों और पहले रहे बैंक कार्यालयों की इमारतों का इस्तेमाल चीन में कई लोगों को ठगकर लाखों डॉलर का चूना लगाने में किया गया है.

हमें बताया गया है कि डगलस के सी व्यू होटल के डाइनिंग रूम और लाउंज में दर्जनों चीनी श्रमिक वहाँ मौजूद तेज़ इंटरनेट कनेक्शन से जुड़े कंप्यूटर्स पर काम कर रहे हैं.

जांच रिपोर्ट में बीबीसी को इस ठगी के प्रकरण को अंजाम दे रहे लोगों के सरगनाओं की महत्वाकांक्षा के बारे में भी पता चला. इसके अलावा बीबीसी की खोजी टीम ने अदालत के काग़ज़ात तो प्राप्त किये ही इसके साथ-साथ लीक हुए दस्तावेज़ों तक भी पहुंच बनाई.

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क्या है पिग बुचरिंग?

चीनी अदालत के दस्तावेज़ों के अनुसार जनवरी 2022 और जनवरी 2023 के बीच हुए इस पूरे ठगी के प्रकरण के लिए “पिग बुचरिंग” तरीके़ का इस्तेमाल किया गया.

इसके तहत पहले लोगों का विश्वास हासिल किया जाता है फिर उनसे उनकी निजी जानकारी या पैसा लिया जाता हैं. इसमें लोगों का विश्वास हासिल करना सफलता की शर्त है.

वहां काम कर रहे लोगों में से एक जॉर्डन (असली नाम नहीं) ने हमें बताया कि जब वह आइल ऑफ़ मैन पहुंचा तो उसे भी यहाँ होने वाले धंधे के बारे में न तो कोई जानकारी थी और न ही कोई अंदाज़ा.

लेकिन उस समय उसने यह सोचकर राहत की सांस ली थी कि उसे एक प्रकार की स्थायी प्रशासनिक नौकरी मिली है.

हालांकि उसने इस बात को भी नोटिस किया कि उसका नियोक्ता काफी कुछ छिपाने वाला (सीक्रेटिव) है.

मसलन, वहाँ कंपनी के किसी भी तरह के सामाजिक कार्यक्रमों की किसी को भी फोटो लेने की मनाही थी.

अब वो बताते हैं कि उस समय उन्हें इस बात का अहसास नहीं हुआ कि उनके तब के सहयोगी दरअसल इस घोटाले को अंजाम देने वाले जालसाज़ थे.

डगलस का सी-व्यू होटल
इमेज कैप्शन, डगलस का सी-व्यू होटल

2021 के अंत में, लगभग 100 लोगों को एक कंपनी के लिए काम करने के लिए आइल ऑफ़ मैन शिफ्ट कर दिया गया जिसे चीनी अदालत के दस्तावेज़ों में "एमआईसी" के नाम से लिखा गया है.

ये लोग फिलीपींस से आए थे और यहाँ से पहले एक दूसरे स्कैमिंग फ़र्म के लिए काम कर चुके थे.

एमआईसी के बारे में पता लगाने पर बीबीसी को इसका नाम “मैंक्स इंटरनेट कॉमर्स” पता चला.

आइल ऑफ़ मैन द्वीप पर एमआईसी भी उन सहयोगी कंपनियों का हिस्सा थी जिसके मालिक एक थे.

किंग गेमिंग लिमिटेड द्वारा चलाया जाने वाला एक ऑनलाइन कैसीनो उन सबमें प्रमुख था जबकि चीन में जुआ खेलना अवैध है.

लाल लाइन

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कौन छह लोग दोषी ठहराए गए

ठगी करने वाले बाद में बैंक कार्यालयों में चले गए
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लगभग आधी दुनिया में फैले इस कारोबार के संस्थापकों का मक़सद चीनी नागरिकों को निशाने पर लेने के साथ आइल ऑफ़ मैन में जुए पर कम करों का लाभ उठाने का भी था.

कुछ महीने बाद ही डगलस के सी व्यू होटल से एमआईसी के वर्कर्स को शहर के पूर्व दिशा में पहले एक बैंक का कार्यालय रह चुके भवन में शिफ्ट कर दिया गया.

यही वो जगह हैं जहां जॉर्डन अपने नए सहयोगियों की आवाज़ खुशी मानते हुए सुनते थे.

अब जॉर्डन को लगता है कि चार लोगों के एक ग्रुप में काम करने वाले उनके नए सहयोगी खुशी तभी मनाते थे जब उन्होंने वहाँ से 5000 मील दूर किसी को ठगने में सफलता हासिल की हो.

डगलस में एमआईसी के लिए काम करने वाले छह लोगों को चीनी नागरिकों के ख़िलाफ़ निवेश घोटाले करने के लिए चीन लौटने पर दोषी ठहराया गया.

2023 के अंत में इस मामले की सुनवाई में अवैध पैसे से जुड़ी सारी डिटेल है.

चीनी अदालत के दस्तावेजों के अनुसार, इस ठगी के शिकार लोगों को अभियुक्तों और उनके सहयोगियों ने आइल ऑफ़ मैन और फिलीपींस के ठिकानों से ही फँसाया था.

वो कहते हैं कि जालसाज़ चीनी निवेशकों को फँसाने के लिए उन्हें व्हॉट्सऐप की ही तरह चीन में एक काफी पॉपुलर मैसेजिंग ऐप क्यूक्यू पर चैट ग्रुप्स में जोड़ते थे.

इसमें एक स्कैमर निवेश के लिए शिक्षक की भूमिका में होता था जबकि बाकी लोग उनके अनुयायी होने का दिखावा करते थे.

सारी कंपनियों का एक ही लाभार्थी कौन

एकमात्र लाभार्थी बिल मॉर्गन, जिन्हें लियांग लिंगफेई के नाम से भी जाना जाता है
इमेज कैप्शन, एकमात्र लाभार्थी बिल मॉर्गन, जिन्हें लियांग लिंगफेई के नाम से भी जाना जाता है

बीबीसी ने अदालत के कागज़ात सहित और भी कई सबूत देखे हैं जिसके अनुसार फिलीपींस से डगलस पहुंचे लोगों में से कई इन घोटालों में शामिल थे.

वहाँ काम कर रहे सभी एक ही कंप्यूटर का उपयोग करते थे. वो अपने काम के लिए क्यूक्यू पर निर्भर थे और कुछ अपवाद के साथ सभी का डेज़िग्नेशन भी एक ही था.

चीनी अदालत ने पाया कि नकली इन्वेस्टर्स वहाँ निवेश पर शिक्षक के दिए ज्ञान पर खुशी और उत्साह का एक ऐसा माहौल बनाते थे जिससे अन्य लोगों को भी उसमें पैसा लगाने के लिए उत्साहित किया जा सके.

इस तरह के तरीकों से प्रभावित होकर अन्य लोग भी अपना पैसे ऐसी निवेश योजनाओं में लगाते हैं. बाद में इन प्लेटफार्मों को पर्दे के पीछे से नियंत्रित करनेवाले इनके पैसों की हेराफेरी करते हैं.

चीनी अदालत ने कहा कि इन योजनाओं के शिकार लोगों को हुए कुल नुकसान के सही आंकड़ों का पता लगाना मुश्किल है लेकिन एक मामले में पता चला है कि 12 पीड़ितों से 3.887 करोड़ रेनमिनबी (4.17 मिलियन पाउंड ) लिए गए थे.

इसी मामले में बचावकर्ताओं के कबूलनामे के साथ, यात्रा, वित्तीय रिकॉर्ड और चैट लॉग सहित अन्य सबूतों के आधार पर अदालत ने छह लोगों को दोषी करार दिया.

अदालत के दस्तावेज़ों के अनुसार यह न सिर्फ एक मुनाफे़ वाला बल्कि एक जटिल घोटाला भी था, जिसमें फ्रंटलाइन टीमों को "पिग बुचरिंग” टेक्निक के ज़रिए अनुभव और कौशल के साथ डेप्युट करने की आवश्यकता थी.

बीबीसी ने इन कंपनियों के एकमात्र लाभार्थी की भी पहचान कर ली जिसका नाम प्रशासनिक फ़ाइलों में दबा पड़ा था.

एमआईसी और इससे जुड़ी कंपनियों को ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जाता था जिसकी स्थापना बिल मॉर्गन नाम के एक व्यक्ति ने की थी.

दस्तावेज़ों से पता चलता है कि बिल मॉर्गन को ही लियांग लिंगफेई के नाम से भी जाना जाता था.

जॉर्डन बताते हैं कि इन्हें वहाँ के कर्मचारी "बॉस लियांग" कहकर भी बुलाते थे.

चीनी अदालत के कागज़ातों में भी लियांग लिंगफेई नाम एक ऐसे व्यक्ति के रूप में किया है जिसे आइल ऑफ़ मैन पर एमआईसी का सह-संस्थापक बताया गया है.

यह भी कहा है कि इसकी स्थापना एक काफी स्थिर आपराधिक संगठन" के रूप में स्कैम जैसी गतिविधि को संचालित करने के लिए की गई थी.

इन मामलों में जिनपर मुक़दमा चलाया गया या फिर जिनका प्रतिनिधित्व सुनवाई में किया उनमें लियांग शामिल नहीं थे.

अदालत ने कहा कि लियांग फिलीपींस में घोटाला करने वाले संस्था के भी सह-संस्थापक थे.

बीबीसी ने भी इस बात के सबूत देखे हैं कि आइल ऑफ मैन में स्थानांतरित होने से पहले कई एमआईसी कर्मचारी वहां काम करते थे.

बीबीसी की जांच में यह भी पाया गया कि लियांग ने आइल ऑफ़ मैन निवेश का वीज़ा हासिल किया हुआ था और द्वीप पर कंपनी के कई कार्यक्रमों में हिस्सा भी ले चुका है.

लियांग की पत्नी का भी द्वीप के हवाई अड्डे के पास बल्लासल्ला शहर में एक घर है.

महत्वाकांक्षी कंपनियों की योजना

कंपनी ने ऐसा कैंपस बनाने का प्लान किया था

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अपनी महत्वाकांक्षी योजना के तहत आइल ऑफ़ मैन पर कंपनी ने पिछले साल के अंत में एक पूर्व नौसेना प्रशिक्षण बेस पर एक चमचमाते "पार्कलैंड परिसर" मुख्यालय के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे.

एक प्रवक्ता ने इस योजना को "आइल ऑफ़ मैन के सबसे बड़े सिंगल निजी निवेश" के रूप में बताया है.

आर्किटेक्ट्स के नक्शे इस प्रोजेक्ट को डगलस में समुद्र के किनारे एक पहाड़ी पर स्थित कार्यालय भवनों के रूप में दिखाते हैं. इसके अंदर पेंटहाउस अपार्टमेंट, एक स्पा, कई बार और एक कराओके लाउंज भी नक्शे में दिख रहा है.

प्रोजेक्ट पेपर के अनुसार इस कैम्पस का इस्तेमाल एमआईसी कर्मचारियों और एमआईसी से जुड़ी कंपनियों के लिए काम करने वाले वैसे लोग भी शामिल थे जो ऑनलाइन जुए में शामिल थे.

एक अनुमान के अनुसार, इस ठगी के मामले में इस्तेमाल किये गए “पिग बुचरिंग” इंडस्ट्री का वैश्विक वार्षिक राजस्व 60 बिलियन डॉलर से भी अधिक है.

ड्रग्स और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय में दक्षिण पूर्व एशिया के प्रतिनिधि मसूद करीमीपुर कहते हैं "यह पहला ऐसा मामला है जिसमें पश्चिमी देश से घोटाले का संचालन हुआ.''

इन घोटालों को रोकने के लिए पुलिस ने अप्रैल में बैंक के ऑफिस पर छापे मारे थे.

साथ ही पुलिस ने आइलैंड के कोर्ट ऑफ़ जस्टिस के ठीक बगल में स्थित एक बिल्डिंग पर रेड की थी.

इस दौरान पहली मंजिल पर जाने के लिए खिड़की से प्रवेश के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल करना पड़ा था.

इसके बाद जारी किये बयान में पुलिस ने कहा था कि छापे किंग गेमिंग लिमिटेड से जुड़े ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में कार्रवाई का हिस्सा थे. इसमें सात लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिन्हें ज़मानत मिल गई.

इसके बाद तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

आइल ऑफ़ मैन के अटॉर्नी जनरल के अनुरोध पर इस महीने की शुरुआत में समूह की कंपनियों के लिए रिसीवर नियुक्त किए गए थे - जिनमें एमआईसी और किंग गेमिंग लिमिटेड आईओएम भी शामिल थे.

आइलैंड के गेमिंग नियामक ने एमआईसी की जुआ सहयोगी कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए. पार्कलैंड कैंपस से पेड़ हटा दिए और कई साइन लगा दिए गए हैं. हालांकि, पुनर्विकास का काम अब अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है.

बीबीसी ने लगातार कई कोशिशें की कंपनी और कंपनी के डायरेक्टर, बिल मॉर्गन और लियांग लिंगफेई से संपर्क कर मामले पर प्रतिक्रिया लेने के लिए लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है.

इसके अलावा बीबीसी ने सी व्यू होटल से भी संपर्क किया, लेकिन यहाँ से भी कोई जवाब नहीं आया.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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