सीरिया की कुख्यात जेल से रिहा हुआ रहस्यमय क़ैदी कौन है?

सैडनाया जेल, सीरिया

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इमेज कैप्शन, सीरिया की सैदनाया जेल में ख़ुफ़िया कमरों की तलाशी ली गई.
    • Author, हुसाम असाल
    • पदनाम, बीबीसी अरबी सेवा, अम्मान से

सीरिया में बशर अल-असद का शासन ख़त्म होने के बाद, जॉर्डन के बशीर अल-बतायनेह अपने बेटे ओसामा की वापसी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे, जो 38 साल से सीरिया में लापता था.

83 साल के अल-बतायनेह जॉर्डन के उत्तरी शहर इरबिद से हैं. उनका कहना है कि ओसामा ने अपनी स्कूली पढ़ाई के आख़िरी साल से पहले गर्मियों की छुट्टियों में एक हफ़्ते के लिए सीरिया जाने की बात कही थी. लेकिन वो फिर कभी लौटकर नहीं आया.

तीन दशक से भी ज़्यादा समय बाद अल-बतायनेह को वो ख़बर मिली, जिसके लिए वो और उनका परिवार लगातार दुआ कर रहे थे.

एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक शख़्स दमिश्क के पास सैदनाया जेल से बाहर आते हुए कह रहा था, "मैं इरबिद का रहने वाला हूं."

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इसके बाद जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि जॉर्डन का एक नागरिक, जिसका नाम ओसामा है, वो मिल गया है और वो जॉर्डन पहुंच चुका है. हालांकि, उस शख़्स ने अपनी याददाश्त खो दी है.

जल्द ही अधिकारियों ने सैदनाया जेल से रिहा हुए क़ैदी और अल-बतायनेह परिवार की इरबिद में मुलाक़ात करवाई. अल-बतायनेह ने बीबीसी को बताया, "उसने बहुत देर तक मेरे हाथ को पकड़े रखा और उसे चूमने लगा."

उन्होंने ओसामा की हालत बयां करते हुए कहा, "वो बिल्कुल कंकाल जैसा दिख रहा था. उसने अपनी याददाश्त खो दी है और उसकी हालत देखकर दिल टूट जाता है... उसके पूरे नक्श ही बदल चुके हैं."

ओसामा की बहन ने बीबीसी को बताया कि उसने उनकी मां का नाम लिया और परिवार के साथ पुरानी तस्वीरों में ख़ुद को पहचाना.

लेकिन फिर कहानी में एक अप्रत्याशित मोड़ आया.

जॉर्डन से वापस कहानी सीरिया पहुंची

सीरिया के साथ लगी जॉर्डन का बॉर्डर चेक प्वाइंट

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इमेज कैप्शन, सीरिया के साथ लगा जॉर्डन का बॉर्डर चेक प्वाइंट. दोनों देशों के बीच 360 किलोमीटर लंबी साझी सीमा है.
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उस शख़्स को जॉर्डन की राजधानी अम्मान के एक अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसका डीएनए टेस्ट हुआ, जिससे ये पता चला कि उसका अल-बतायनेह परिवार से कोई आनुवांशिक संबंध नहीं है.

इसके बाद उस शख़्स की पहचान को लेकर अनिश्चितता बढ़ने लगी, क्योंकि सोशल मीडिया पर कई विरोधाभासी दावे सामने आने लगे.

फ़ेसबुक पर एक व्यक्ति ने कहा कि वीडियो में दिख रहा शख़्स सीरिया के तर्तूस शहर का है और वो दोनों एक साथ क़ैद में थे.

एक और महिला ने फ़ेसबुक पर दावा किया कि ये शख़्स तर्तूस के ग्रामीण इलाक़े में स्थित काफ़रौन सादेह गांव का रहने वाला है और ''उसे 1986 में सीरियाई ख़ुफ़िया एजेंसी ने बेरूत से अगवा कर लिया था.''

कैटालिना सादेह ने कहा कि ये शख़्स उनके एक रिश्तेदार हबीब सादेह जैसा दिखता है, जिन्हें उनके अनुसार लेबनान की राजधानी से अगवा कर सीरिया की जेल में डाल दिया गया था.

उन्होंने कहा कि परिवार को ढाई साल पहले ख़बर मिली थी कि उनके दादा के भाई सादेह, सैदनाया जेल में हैं, जो कि एक कुख्यात सैन्य परिसर है, जहां सीरियाई सरकार के विरोधियों को रखा जाता है.

परिवार को उम्मीद है कि डीएनए टेस्ट के ज़रिए ये साबित किया जा सकेगा कि वो शख़्स उनका लापता रिश्तेदार है.

अब डीएनए टेस्ट पर उम्मीद टिकी

सैडनाया जेल, सीरिया

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इमेज कैप्शन, सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद सरकार के पतन के बाद सैदनाया जेल के ख़ुफ़िया कमरे कुछ इस हालत में मिले.

सादेह ने बीबीसी को बताया, "हम जॉर्डन (जहां लापता शख़्स है) में टेस्ट के नतीजे भेजेंगे और मेरे दादा, जो काफरौन सादेह गांव में हैं, उनसे सैंपल लिया जाएगा."

उन्होंने कहा, "मेरे दादा को बड़ा सुकून मिलेगा अगर उनका भाई मिल जाता है."

जॉर्डन के पूर्व श्रम मंत्री निदाल अल-बतायनेह, जो उस शख़्स के जॉर्डन पहुंचने के बाद उसके साथ थे, उनका कहना है कि उन्हें कई कॉल आए, जिनमें लोगों ने रिहा हुए व्यक्ति को अपना रिश्तेदार बताया.

निदाल ने उन सभी परिवारों से अपने डीएनए टेस्ट के नतीजे भेजने के लिए कहा है, जिन्हें लगता है कि वो शख़्स उनका रिश्तेदार हो सकता है.

इसी बीच जॉर्डन में रहने वाले कासिम बश्तावी और उनके परिवार को लगता है कि वो शख़्स उनका चचेरा भाई अहमद हो सकता है.

बश्तावी ने बीबीसी को बताया कि उनके चचेरे भाई एक फ़लस्तीनी लड़ाके थे, जिन्हें लेबनान से अगवा कर सीरिया भेज दिया गया था.

बश्तावी ने कहा कि साल 1995 में जेल से रिहा हुआ एक क़ैदी उनके परिवार के पास आया और उसने बताया कि अहमद सैदनाया जेल में हैं. इसके बाद उन्होंने जेल में उस शख़्स से बात करने की कोशिश की लेकिन सीरियाई सुरक्षा बलों ने उन्हें धमकी दी.

बश्तावी परिवार भी डीएनए टेस्ट कराने की योजना बना रहा है, ताकि ये पता चल सके कि वो व्यक्ति उनके लापता रिश्तेदार हैं या नहीं.

'हम ऊपरवाले से मदद की उम्मीद कर रहे हैं'

अल-बतायनेह परिवार के लिए ये निराशा का समय है, क्योंकि डीएनए टेस्ट से ये साबित हो गया कि रिहा हुए क़ैदी का उनके परिवार से कोई संबंध नहीं है.

ओसामा के भाई मोहम्मद अल-बतायनेह ने बीबीसी से कहा, "हम कुछ नहीं कर सकते और हम ऊपरवाले से मदद की उम्मीद कर रहे हैं."

परिवार ने कहा कि पिता ने अपने बेटे के बारे में जानकारी पाने के लिए हर संभव कोशिश की, जबकि मां ने दुख के कारण अपनी आंखों की रोशनी खो दी और कुछ साल पहले उनका निधन हो गया.

मोहम्मद अल-बतायनेह ने कहा, ''उसकी गिरफ्तारी के बाद से, हमने उसकी तलाश कभी बंद नहीं की और हम सीरिया में लोगों से उसके बारे में पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वो ज़िंदा है या नहीं.''

उन्होंने कहा कि मीडिया में सैदनाया जेल में शवों को एसिड में गला देने की ख़बरें उन्हें परेशान कर रही हैं.

लेकिन अब भी परिवार के लोगों ने उम्मीद नहीं छोड़ी है. वो अपने बेटे की तलाश जारी रखने की योजनाएं बना रहे हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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