लॉरा लूमर: मुसलमानों पर आपत्तिजनक बयानों के लिए ख़ुद पर गर्व करने वालीं ट्रंप समर्थक

इमेज स्रोत, Getty Images
- Author, बर्न्ड डेबुसमैन जूनियर और मर्लिन थॉमस
- पदनाम, बीबसी न्यूज़ और बीबीसी वेरिफाई
अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के मौजूदा राष्ट्रपति चुनाव के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान पर अक्सर विवाद होते रहते हैं.
लेकिन आजकल ये एक और ख़ास वजह से विवादित हो रहा है.
हाल के दिनों में डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान में 'कॉन्सपिरेसी थियोरिस्ट' (किसी गुप्त योजना का आंकलन लगाने वाला) लॉरा लूमर की मौजूदगी ने कई सवाल उठाए हैं.
सवाल उठाने वालों में रिपब्लिकन पार्टी के नेता भी हैं.

अमेरिकी संसद के लिए चुनाव लड़ चुकीं लॉरा लूमर विवादों में रही हैं.
लिहाज़ा लोग ट्रंप के प्रचार अभियानों में उनकी मौजूदगी को लेकर चिंतित हैं.
उन्हें लग रहा है ट्रंप पर उनका असर दिख सकता है.
उन्हें ये चिंता सता रही है कि इसका असर ट्रंप की चुनावी संभावनाओं पर भी पड़ सकता है.
क्या है लॉरा लूमर की 'कॉन्सपिरेसी थ्योरी'

इमेज स्रोत, Getty Images
लूमर मुस्लिम विरोधी बयानबाजियों को फैलाने के लिए जानी जाती हैं. उनकी ऐसी कई 'कॉन्सपिरेसी थ्योरी' में ये भी शामिल है कि अमेरिका पर 9/11 का हमला ‘इनसाइड जॉब’ यानी अंदरूनी साज़िश का नतीजा था.
इस हमले की बरसी पर शुरू हुए कार्यक्रमों के तहत ट्रंप के एक आयोजन में वो भी शामिल हुईं. इसने कइयों को चौंकाया और फिर इसके बाद कुछ अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स में इस पर गुस्सा दिखा.
मंगलवार को 31 साल की लॉरा ट्रंप के साथ विमान में बैठक कर फिलाडेल्फिया पहुंची थीं. यहीं पर प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई थी.
डिबेट का सबसे दिलचस्प क्षण उस समय आया जब ट्रंप ने एक बेबुनियाद दावे का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि हैती से आने वाले आप्रवासी ओहायो सिटी में होम पेट्स (पालतू जानवरों) को मार कर खा रहे हैं. उन्होंने कहा कि था ये लोग वहां रह रहे लोगों के पेट्स को मार कर खा रहे हैं.
हालांकि शहर के अधिकारियों ने बाद में बीबीसी वेरिफाई को बताया कि ओहायो में ऐसा होने की कोई 'पुख़्ता रिपोर्ट' नहीं है.
ट्रंप ने कहा कि वो उन्हीं दावों को दोहरा रहे हैं जो उन्होंने टीवी पर सुने थे. लेकिन ये थ्योरी प्रेसिडेंशियल डिबेट से पहले लॉरा लूमर ने ही फैलाई थी.
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लॉरा ने अपने एक्स अकाउंट के 12 लाख फॉलोअर्स को ये बात बताई थी.
ट्रंप तक लूमर की पहुंच किस हद तक है ये तो पता नहीं. लेकिन लूमर की पोस्ट और फिलाडेल्फिया में उनकी मौजूदगी के बाद कुछ रिपब्लिकन नेताओं में नाराज़गी दिखी.
मंच पर पूर्व राष्ट्रपति ने जो बेबुनियाद दावे किए उसके लिए लूमर को ही ज़िम्मेदार ठहराया गया.
हालांकि ट्रंप के रनिंग मेट यानी उप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जेडी वेंस ने भी कई बेबुनियाद थ्योरी फैलाई हैं.
लूमर की टिप्पणियों पर रिपब्लिकन्स का ग़ुस्सा और ट्रंप की सफ़ाई

इमेज स्रोत, Getty Images
ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े एक अनाम सूत्र ने अमेरिकी न्यूज़ आउटलेट सेमाफोर को बताया कि पूर्व राष्ट्रपति से लूमर की निकटता को लेकर वो लोग (रिपब्लिकन नेता और समर्थक) सौ फीसदी चिंतित हैं.
उस अनाम सूत्र का कहना था कि लगता नहीं कि लूमर को ट्रंप के चुनाव प्रचार अभियान की पाबंदियों की चिंता है.
अगर ये पाबंदियां लगाई भी गई हैं तो शायद ही ये कारगर हैं.
रिपब्लिकन पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर लूमर की आलोचना की है और उन्हें ट्रंप के 'इनर सर्किल' में लाए जाने के ख़िलाफ़ चेताया है.
नॉर्थ कैरोलिना के सीनेटर थोम टिलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लूमर को ‘क्रेज़ी कॉन्सपिरेसी थियोरिस्ट' क़रार दिया है जो रिपब्लिकन पार्टी में विभाजन के लिए अनाप-शनाप बातें कर रही हैं.
उन्होंने लिखा, ''ट्रंप को चुनावी जीत से दूर रखने के लिए डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी से ज़्यादा अच्छा काम तो लॉरा लूमर कर रही हैं.''
13 सितंबर को कैलिफ़ोर्निया में एक संवाददाता सम्मेलन में ट्रंप ने सिर्फ़ इतना कहा कि लूमर उनकी समर्थक हैं. उन्हें कमला हैरिस और 9/11 के हमलों के बारे में लूमर की टिप्पणियों के बारे में पता नहीं है.
उन्होंने कहा, ''मैं लूमर पर नियंत्रण नहीं लगाता. लूमर को जो बोलना होता है बोलती हैं. वो स्वतंत्र प्राणी हैं.''
बीबीसी ने इस मामले में उनका पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क किया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उन्होंने लिखा कि वो 'ट्रंप की मदद के लिए स्वतंत्र तौर पर काम करती हैं. ट्रंप ही वास्तव में अमेरिका की आखिरी उम्मीद हैं.'
उन्होंने लिखा, ''कई पत्रकार बड़ी बेताबी से मुझे फ़ोन कर आज ही बात करने के लिए कह रहे हैं. लेकिन मैंने कहा- बिल्कुल नहीं. मैं अपनी स्टोरीज़ और खोजी रिपोर्टों को तैयार करने में व्यस्त हूं. मेरे पास आपकी कॉन्सपिरेसी थ्योरी को सुनने की फुर्सत नहीं है.''
कौन हैं लॉरा लूमर
लॉरा लूमर का जन्म 1993 में अमेरिका के एरिज़ोना प्रांत में हुआ था. वो स्वयंभू पत्रकार हैं जिन्होंने प्रोजेक्ट वेरिटास और एलेक्स जोन्स इन्फोवॉर्स जैसे संगठनों में एक कार्यकर्ता और कमेंटेटर के तौर पर काम किया है.
लूमर 2020 में ट्रंप के समर्थन से फ्लोरिडा से हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के रिपब्लिकन उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरी थीं. लेकिन वो डेमोक्रेट कैंडिडेट लोइस फ्रैंकल से हार गईं.
दो साल बाद उन्होंने फिर कोशिश की. इस बार वो फ्लोरिडा ज़िले की एक अलग सीट पर रिपब्लिकन डेनियल वेबस्टर को प्राइमरी में हराने में नाकाम रही थीं.
अब वो ट्रंप की मुखर समर्थक के तौर पर जानी जाती हैं. वो 'कॉन्सपिरेसी थ्योरी' के लंबे सिलसिले को बढ़ावा देने के भी जानी जाती हैं. उनमें कमला हैरिस काली अमेरिकी नहीं हैं और अरबपति जॉर्ज सोरोस का बेटा ट्रंप की हत्या के लिए गुप्त संदेश भेज रहा है, जैसे दावे भी शामिल हैं.
सोशल मीडिया पर इस तरह के पोस्ट की वजह से फेसबुक, इंस्टाग्राम और खुद उनके मुताबिक़ उबर और लिफ्ट जैसे प्लेटफॉर्म ने उन्हें बैन कर दिया था.
उन्होंने उबर और लिफ्ट के मुस्लिमों ड्राइवरों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने एक बार खुद को ‘प्राउड इस्लामोफ़ोब’ बताया था.
लूमर अक्सर ट्रंप के समर्थन में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होती हैं. पहले भी उन्हें ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित घर मार-ए-लागो में देखा गया है.
इस साल की शुरुआत में वो ट्रंप के साथ उनके विमान में अयोवा गई थीं. जहां एक कार्यक्रम में उनका ज़ोरदार स्वागत किया गया. ट्रंप ने उनके वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर भी साझा किए थे.
पिछले साल 'न्यूयॉर्क टाइम्स' ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा था कि ट्रंप ने अपनी कैंपेनिंग के लिए उन्हें रखने की इच्छा जताई है. लेकिन उनके कई शीर्ष सहयोगियों ने उन्हें लेकर चिंता जताई थी. उनका कहना था कि वो ट्रंप की चुनावी संभावनाओं को नुक़सान पहुंचा सकती हैं.
एनबीसी न्यूज़ ने जनवरी में अपनी एक रिपोर्ट में ट्रंप के एक सहयोगी के हवाले से कहा था कि पूर्व राष्ट्रपति के साथ काम करने वाले हर शख़्स का मानना है कि वो एक बोझ हैं.
ट्रंप के मुखर समर्थक भी लूमर का कर रहे हैं विरोध

इमेज स्रोत, Reuters
ट्रंप की एक और मुखर समर्थक मार्जरी टेलर ग्रीन ने इस सप्ताह लूमर की ओर से कमला हैरिस की नस्ल पर की गई टिप्पणी का मुद्दा उठाया था.
लूमर ने कहा था कि अगर हैरिस अमेरिकी राष्ट्रपति बनती हैं तो व्हाइट हाउस करी के गंध से भर जाएगा.
ग्रीन ने लूमर की टिप्पणियों को भद्दा और घोर नस्लवादी करार दिया था. उन्होंने कहा था कि ये टिप्पणियां रिपब्लिकन पार्टी और एमएजीए (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं.
ट्रंप के अंदरूनी सर्किल में ये विवाद न्यूयॉर्क और पेन्सिलवेनिया में 9/11 की बरसी पर आयोजित कार्यक्रमों में ट्रंप और लूमर की एक साथ मौजूदगी के एक दिन बाद ही सामने आया है.
जब एसोसिएडेट प्रेस ने लूमर से पूछा कि वो यहां कैसे आई हैं तो उन्होंने कहा कि वो ट्रंप के कैंपेन के लिए काम नहीं करतीं. उन्हें यहां एक मेहमान के तौर पर बुलाया गया था.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित















