कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप की पहली बहस, कौन पड़ा भारी?

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अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बीच मंगलवार को पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई.
क़रीब 90 मिनट तक चली 'द एबीसी न्यूज़ प्रेसिडेंशियल डिबेट' में कमला हैरिस और ट्रंप ने एक दूसरे की नीतियों की जमकर आलोचना की.
इस दौरान दोनों उम्मीदवारों के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध, इसराइल-हमास जंग, सीमा से जुड़ी समस्या, अप्रवासन, अर्थव्यवस्था, कैपिटल हिल दंगे और अबॉर्शन जैसे मुद्दों पर जमकर बहस हुई. दोनों की बहस में चीन, रूस, इसराइल और ईरान कई बार आए.
डिबेट के अंत में कमला हैरिस ने कहा, ''अमेरिका के भविष्य को लेकर उनका और ट्रंप का नज़रिया बिल्कुल अलग है. मेरा ध्यान भविष्य पर है. ट्रंप अतीत में अटके हैं.''
ट्रंप ने कहा, ''कमला हैरिस की नीतियों का कोई मतलब नहीं है क्योंकि बीते चार सालों में उन्होंने कुछ हासिल नहीं किया है. हमारा देश बर्बादी के रास्ते पर है. पूरा विश्व हम पर हँस रहा है. अगर नवंबर में हैरिस चुनाव में जीत जाती हैं तो तीसरा विश्व युद्ध संभव है.''
डिबेट के दौरान कमला हैरिस और ट्रंप ने एक दूसरे पर व्यक्तिगत हमले भी किए.
हैरिस ने ट्रंप पर चल रहे मुक़दमों और 2020 के चुनाव में हार ना स्वीकारने को लेकर हमला किया.
जब डिबेट के दौरान मॉडरेटर्स ने ट्रंप से हैरिस की नस्ली पहचान के बारे में उनकी विवादास्पद टिप्पणी को लेकर सवाल किया तो ट्रंप इस सवाल को टालते नज़र आए.
ट्रंप ने कहा, “मुझे फ़र्क़ नहीं पड़ता कि वो क्या हैं.”
हैरिस ने कहा, “ये एक त्रासदी है. वो व्यक्ति राष्ट्रपति बनना चाहता है, जिसने हमेशा अमेरिका को नस्लीय आधार पर बाँटने की कोशिश की है.”

डिबेट में कौन पड़ा भारी?

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बीबीसी उत्तरी अमेरिका के संवाददाता एंथनी ज़र्चर का विश्लेषण
90 मिनट की बहस में कमला हैरिस ने डोनाल्ड ट्रंप को बार-बार परेशान किया.
कमला हैरिस ने ट्रंप को उनकी रैली में भीड़ की संख्या और कैपिटल हिल पर हुए हमले को लेकर घेरा. हैरिस ने उन अधिकारियों का भी ज़िक्र किया जो कभी ट्रंप के साथ थे और अब उनकी जमकर आलोचना करते हैं.
कमला हैरिस ने ट्रंप को उकसाया कि वो उन अधिकारियों का बचाव करें.
अगर बहस इस बात पर जीती या हारी जाती है कि उम्मीदवार उन मुद्दों का सबसे अच्छा फ़ायदा उठाए जो मतदाताओं से सीधे जुड़े हैं तो कमला हैरिस इस मामले में सफल रही हैं.
कमला हैरिस मुद्दों को अपने हिसाब से मोड़ने में भी कामयाब रहीं.
जैसे-जैसे डिबेट आगे बढ़ती गई, हैरिस ने कई बार ट्रंप को बचाव की मुद्रा में ला दिया. हैरिस ने कई तरह से प्रहार और कटाक्ष किए, जिनका जवाब देने के लिए ट्रंप बाध्य महसूस कर रहे थे.
कमला हैरिस ने ट्रंप को कमज़ोर कहा. उन्होंने कहा कि विदेशी नेता उन पर हँस रहे थे.
हैरिस ने कहा कि लोग "थकान और ऊब" के कारण उनकी रैलियों से जल्दी चले जा रहे हैं.
कई अमेरिकी लोगों के मन में ये था कि हैरिस महंगाई, अप्रवासन और अफ़गानिस्तान वापसी जैसे विषयों पर कमज़ोर होंगी.
अधिकांश मामलों में ट्रंप अपने प्रहारों को प्रभावी ढंग से पेश करने में असमर्थ रहे और आने वाले दिनों में उन्हें इस चूक के लिए अफ़सोस हो सकता है.
जनमत सर्वेक्षणों से पता चलता है कि कई अमेरिकी इस बात से नाख़ुश हैं कि बाइडन प्रशासन ने महंगाई और अर्थव्यवस्था को कैसे संभाला है.
लेकिन हैरिस ने इस विषय को ट्रंप के प्रस्तावित टैरिफ की ओर मोड़ दिया, जिसे उन्होंने "ट्रंप बिक्री कर" करार दिया.
डिबेट के दौरान कमला हैरिस का हाव भाव भी प्रभावी दिखा.
प्रेसिडेंशियल डिबेट के ज़्यादातर हिस्से में जब ट्रंप कोई जवाब दे रहे हैं, तब हैरिस उन्हें सीधा देखते हुए असहमति में अपना सिर हिलाती दिखीं या मुस्कुराती नज़र आईं.
जब ट्रंप ने हैरिस को 'मार्क्सवादी' कहकर संबोधित किया, तब हैरिस ने अपना हाथ ठुड्डी पर रखकर ये इशारा किया कि उन्हें बात समझ नहीं आई.
लेकिन अर्थव्यवस्था या अबॉर्शन जैसै मुद्दे पर हैरिस सीधे कैमरे में देख रही थीं, मानो वो वोटर्स से बात कर रही हों.
वहीं ट्रंप पूरी डिबेट में हैरिस से आंख मिलाने से बच रहे हैं. वो हैरिस के सवालों पर उनकी ओर उंगली दिखा कर बात करते दिखे.
अबॉर्शन के मुद्दे पर डिबेट के दौरान ट्रंप काफ़ी भड़क गए थे.
डिबेट की अहम बातें

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प्रवासियों का मुद्दा
रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने प्रवासियों पर कुछ ऐसे आरोप लगाए, जिसको मॉडरेटर ने ही ग़लत बताया.
प्रवासियों को लेकर ट्रंप ने बेतुके दावे किए कि वे ‘पालतू जानवरों को खाते हैं.’
ट्रंप ने कहा, “वे कुत्तों को खाते हैं. वे लोगों के पालतू जानवरों को खाते हैं.”
डिबेट के मॉडरेटर डेविड मुइर ने कहा कि ‘स्प्रिंगफ़ील्ड के सिटी मैनेजर ने कहा है कि इस तरह का कोई सबूत नहीं है.’
ट्रंप ने कहा, “मैंने टीवी पर ये कहते हुए लोगों को सुना कि मेरे कुत्ते को चुरा कर खा लिया गया.”
इस पर कमला हैरिस ने कहा कि ट्रंप ‘बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बातें’ करते हैं.
स्प्रिंगफ़ील्ड के अधिकारियों ने बीबीसी वेरिफ़ाई को बताया कि इस तरह की कोई विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं है कि ऐसा वाक़ई हुआ है.

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रूस-यूक्रेन युद्ध
डिबेट के दौरान रूस-यूक्रेन यूद्ध को लेकर भी बहस हुई. डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि "क्या वो यह चाहते हैं कि यूक्रेन युद्ध जीते?"
इस पर ट्रंप ने कहा, "मैं चाहता हूं कि वॉर रुक जाए."
यूक्रेन-रूस युद्ध की वजह से अमेरिका पर पड़ने वाले असर पर ट्रंप ने कहा कि इस युद्ध में यूरोप को अमेरिका की तुलना में बहुत कम क़ीमत चुकानी पड़ रही है.
उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दोनों को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं.
ट्रंप ने जो बाइडन को ऐसा अमेरिकी राष्ट्रपति कहा जो कहीं दिखते नहीं हैं.
इस पर कमला हैरिस ने पलटवार किया.
हैरिस ने कहा, "आप बाइडन के ख़िलाफ़ नहीं लड़ रहे हैं, आप मेरे ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं."
वहीं यूक्रेन युद्ध के सवाल पर हैरिस ने कहा कि यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ उनके मज़बूत रिश्ते हैं.
उन्होंने ट्रंप से कहा, "हमारे नेटो सहयोगी बहुत आभारी हैं कि आप अब राष्ट्रपति नहीं हैं. नहीं तो पुतिन कीएव में बैठे होते और यूरोप के बाकी हिस्सों पर उनकी नज़र होती."
हैरिस ने कहा, "पुतिन एक तानाशाह हैं."
इस पर ट्रंप ने कमला हैरिस को अब तक की सबसे ख़राब उप-राष्ट्रपति कहा.
उन्होंने दावा किया कि वो आक्रमण से पहले यूक्रेन और रूस के बीच बातचीत करके युद्ध को रोकने में असफल रहीं.

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इसराइल-हमास जंग
डिबेट में इसराइल-ग़ज़ा के मुद्दे पर कमला हैरिस ने पुरानी बात ही दोहराई.
उन्होंने कहा, "इसराइल को अपनी सुरक्षा का अधिकार है, लेकिन ये भी मायने रखता है कि इसराइल ये कैसे कर रहा है."
हैरिस कहती हैं, "ये युद्ध तुरंत ख़त्म होना चाहिए." साथ ही उन्होंने संघर्ष विराम और दो राष्ट्र समाधान की बात की.
ट्रंप ने कहा, "ये संघर्ष शुरू ही नहीं होता अगर वो राष्ट्रपति होते."
ट्रंप ने कहा, "हैरिस इसराइल से नफ़रत करती हैं. अगर हैरिस राष्ट्रपति बनती हैं तो दो साल में इसराइल का कोई अस्तित्व नहीं बचेगा."
उन्होंने कहा, "मैं इस समस्या का तेजी से समाधान करूंगा."
साथ ही उन्होंने कहा कि 'अगर वो दोबारा चुने जाते हैं तो रूस और यूक्रेन युद्ध को भी ख़त्म करेंगे."
हैरिस ने भी इसराइल की सुरक्षा का समर्थन करने के दावे को बार-बार दोहराया और ट्रंप के दावे को ख़ारिज करते हुए कहा कि वो "सच्चाई से ध्यान भटकाना और बाँटना" चाहते हैं.
उन्होंने कहा, “सभी जानते हैं कि वो तानाशाहों को पसंद करते हैं और पहले दिन से ही वो ख़ुद तानाशाह बनना चाहते हैं.”

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आर्थिक नीतियां
डिबेट की शुरुआत में ही कमला हैरिस ने ट्रंप की आर्थिक नीतियों पर निशाना साधा.
ट्रंप ने कमला हैरिस से पूछा कि 'क्या आपको लगता है कि अमेरिका चार साल पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में है?'
इस पर कमला हैरिस ने कहा कि वह एक अवसर वाली अर्थव्यवस्था बनाने का प्लान कर रही हैं.
हैरिस ने कहा, 'ट्रंप पिछली बार की तरह ही अरबपतियों और व्यापारियों को टैक्स में छूट देने की योजना बना रहे हैं.'
उन्होंने कहा, "ट्रंप जो कहते हैं, उसकी आलोचना 16 नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री कर चुके हैं और उनका मानना है कि अगर इन्हें लागू किया गया तो अगले साल मंदी आ जाएगी."
हैरिस ने कहा, "डोनाल्ड ट्रंप हमें महामंदी के बाद के दौर के सबसे बदतर बेरोज़गारी में छोड़ गए थे. हमें डोनाल्ड ट्रंप की फैलाई अव्यवस्था को साफ़ करना पड़ा."
हैरिस ने 'प्रोजेक्ट 2025' को ख़तरनाक बताया और कहा कि अगर ट्रंप आते हैं तो वो इसे लागू कर देंगे.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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