ट्रंप ने कमला हैरिस के पिता को कहा- मार्क्सवादी, जानिए क्या है उनकी शख़्सियत

डॉ डोनाल्ड हैरिस और कमला

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अमेरिका की उपराष्ट्रपति और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस जब पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप से पहली बार मंगलवार को मुख़ातिब हुईं तो बहुत गर्मजोशी नहीं दिखी.

कमला हैरिस ने ही हाथ मिलाने की पहल की तब ट्रंप ने हाथ बढ़ाया. पहले से ही उम्मीद थी कि बहस में दोनों एक दूसरे पर तीखे हमले करेंगे लेकिन ट्रंप ने कमला हैरिस पर व्यक्तिगत हमले भी किए.

प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ''कमला मार्क्सवादी हैं. इनके पिता भी अर्थशास्त्र के मार्क्सवादी प्रोफ़ेसर थे. कमला उसी विचारधारा में पली बढ़ी हैं.''

ये सुनने के बाद कमला हैरिस के चेहरे पर मुस्कान दिखी.

कमला हैरिस की मां श्यामला भारत से थीं. कमला की ये पहचान भारत में अक्सर चर्चा में रहती है. कमला ख़ुद भी अपनी मां के बारे में सार्वजनिक तौर पर बोलती रही हैं.

लेकिन भारत में कमला के पिता के बारे में मां जितनी चर्चा कम ही हुई है.

ऐसे में जब ट्रंप ने कमला के पिता का ज़िक्र किया, तो ये सवाल भी उठा कि आख़िर कमला के पिता कौन हैं?

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कमला हैरिस का जमैका कनेक्शन

डॉ डोनाल्ड हैरिस मूल रूप से जमैका से हैं.

डोनाल्ड हैरिस और कमला की मां श्यामला की मुलाक़ात बर्कले में हुई थी.

मानवाधिकार आंदोलनों में हिस्सा लेते हुए श्यामला और डोनाल्ड हैरिस के बीच क़रीबियां बढ़ी थीं.

दोनों ने शादी की. 1964 में कमला हैरिस का जन्म हुआ. जब कमला पांच साल की थीं तब श्यामला और डोनाल्ड अलग हो गए.

कमला और उनकी बहन को मां ने ही पाला. बीते सालों में कमला हैरिस ने अपने पिता के बारे में कम ही बात की है.

हाल ही में कमला ने एक कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के संदर्भ में अपने पिता का ज़िक्र करते हुए था, ''मेरे पिता मुझसे कहेंगे कि रन कमला रन.'' यानी कमला राष्ट्रपति चुनाव में हिस्सा लो.

कमला हैरिस ने कहा था, ''शुरुआती दिनों से मेरे पिता ने मुझे बेख़ौफ़ रहना सिखाया.''

कमला की मां श्यामला और डोनाल्ड हैरिस

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कमला हैरिस के पिता डॉ डोनाल्ड हैरिस कौन?

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86 साल के डॉ. डोनाल्ड हैरिस शिक्षा के क्षेत्र से हैं. वो अर्थशास्त्र के जाने-माने प्रोफ़ेसर हैं.

डॉ. डोनाल्ड हैरिस पहले ऐसे काले स्कॉलर थे, जिन्हें स्टैनफ़र्ड यूनिवर्सिटी में साल 1972 में प्रोफ़ेसर की नौकरी मिली थी.

यूनिवर्सिटी के अख़बार द स्टैनफ़र्ड डेली की 1976 की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि तब कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था.

डॉ डोनाल्ड हैरिस ने बर्कले में यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफॉर्निया से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की थी.

स्टैनफ़र्ड यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के मुताबिक़, डॉ डोनाल्ड हैरिस ने सालों तक ग्रेजुएशन कोर्स द थ्योरी ऑफ़ कैपेटिलिस्ट डेवलपमेंट को पढ़ाया.

डॉ डोनाल्ड हैरिस अब भी स्टैनफ़र्ड यूनिवर्सिटी के 'प्रोफ़ेसर एमेरिटस' हैं. हालांकि डॉ डोनाल्ड हैरिस 1998 में रिटायर हो चुके हैं.

डॉ हैरिस दुनिया के कई देशों में लेक्चर देने जाते रहे हैं. इन देशों में कनाडा, इंग्लैंड, भारत, कीनिया, मलेशिया, सिंगापुर जैसे कई देश शामिल हैं.

इस दौरान डॉ हैरिस जमैका से भी जुड़े रहे. वो जमैका की सरकारों को अर्थव्यवस्था से जुड़े मसलों पर सलाह देते रहे.

दुनिया की कई यूनिवर्सिटी के अलावा दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स में भी वो 1968 में विजिटिंग फेलो रहे हैं.

डॉ डोनाल्ड हैरिस की कई किताबें भी छप चुकी हैं.

डोनाल्ड ट्रंप

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मार्क्सवादी वाली बात कहाँ से आई?

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक़, जब स्टैनफ़र्ड यूनिवर्सिटी में डॉ डोनाल्ड हैरिस की नियुक्ति हुई तो स्टूडेंट्स के अख़बार ने उन्हें 'मार्क्सवादी स्कॉलर' बताया था.

डॉ डोनाल्ड हैरिस का नज़रिया नियोक्लासिक्ल इकोनॉमिक्स से काफ़ी अलग था.

उस समय डॉ डोनाल्ड को मुक्त बाज़ार अर्थव्यवस्था का पक्षधर नहीं माना जाता था. स्टूडेंट्स को मुक्त बाज़ार से दूर ले जाने को लेकर उनकी आलोचना भी की गई थी.

डॉ डोनाल्ड हैरिस के स्टूडेंट रहे रॉबर्ट ब्लेकर ने न्यूयॉर्क टाइम्स से कहा था, ''प्रोफ़ेसर हैरिस शर्मीले नहीं थे. जब मैंने कमला हैरिस को अदालत में बहस करते हुए देखा तो मुझे उनमें प्रोफ़ेसर हैरिस की झलक दिखाई दी. देखकर लगा कि जैसे किसी सेमिनार में प्रोफ़ेसर भाषण दे रहे हों.''

रॉबर्ट ब्लेकर ने डॉ हैरिस के साथ काम भी किया है.

पिता के तौर पर बेटियों से दूरी को लेकर डॉ डोनाल्ड हैरिस ने एक लेख लिखा था.

जमैका ग्लोबल वेबसाइट पर छपे इस लेख में डॉ हैरिस ने लिखा था, ''अदालत में कस्टडी को लेकर चली लंबी लड़ाई के बाद मेरे बच्चों से मेरा संपर्क टूट गया.''

इस लेख में प्रोफ़ेसर हैरिस ने लिखा था, ''मुझे अफ़सोस है कि मेरी बेटी कमला और माया मेरी ज़िंदगी पर असर डालने वाली दादी और नानी के बारे में नहीं जान पाईं.''

कमला हैरिस और माया हैरिस

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राजनीति और कमला से दूरी दिखाई

डॉ. डोनाल्ड हैरिस सार्वजनिक मौक़ों पर कमला के साथ संभवत: नहीं दिखे हैं. वो राजनीति से भी दूरी बरतने की बातें कर चुके हैं. वो जैज के दीवाने बताए जाते हैं.

द इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक़, डॉ डोनाल्ड हैरिस ने कहा था कि वो राजनीति से दूर रहते हुए मीडिया को इंटरव्यू नहीं देते हैं.

1938 में जन्मे डॉ. डोनाल्ड हैरिस बताते हैं कि उनकी अर्थशास्त्र में रुचि दादी के कारण पैदा हुई. उनकी एक दुकान भी थी.

डॉ डोनाल्ड हैरिस का बचपन नानी के यहां भी बीता है. उनकी नानी के खेतों में गन्ना उगाया जाता था. इस कारण वो देश की अर्थव्यवस्था में चीनी की अहमियत को भी समझ पाए.

डॉ डोनाल्ड हैरिस ने यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेस्ट इंडीज़ और यूनिवर्सिटी ऑफ़ लंदन से भी पढ़ाई की थी.

कमला हैरिस ने अपने पिता के बारे में लिखा था, ''हमारे पिता हमारी ज़िंदगी का हिस्सा बने रहे. हम छुट्टियों में उनसे मिलते और वक़्त गुज़ारते. पर हमें पाल पोसकर बड़ी हमारी मां ने किया.''

पेन्सलवेनिया के एक कॉलेज में अर्थशास्त्र के प्रोफ़ेसर फ़्लूनी हचिंसन ने एक इंटरव्यू में कहा था कि डोनाल्ड हैरिस की नीतियाँ जमैका की अर्थव्यवस्था में ख़ास अहमियत रखती हैं.

श्यामला हैरिस कमला और माया के साथ

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कमला की ज़िंदगी पर माँ की गहरी छाप

कमला की ज़िंदगी में उनकी दिवंगत मां की गहरी छाप है. मां कमला के लिए बड़ी प्रेरणा रही हैं. कमला की मां श्यामला गोपालन का जन्म चेन्नई में हुआ था. मां-बाप की चार संतानों में वह सबसे बड़ी थीं.

कमला की मां ने 19 साल की उम्र में दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन कर लिया था. इसके बाद उन्होंने बर्कले के ग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए आवेदन दिया.

एक ऐसी यूनिवर्सिटी के लिए जिसे उन्होंने कभी देखा नहीं था और यह एक ऐसे देश में थी, जहां अब तक वह कभी नहीं गई थीं.

1958 में न्यूट्रीशिन और एंडोक्रनॉलोजी में पीएचडी करने के लिए वह भारत से निकल पड़ीं. बाद में वह ब्रेस्ट कैंसर के फ़ील्ड में रिसर्चर बन गईं.

कमला हैरिस ने कहा था, "मेरे लिए यह कल्पना करना ही मुश्किल है कि नाना-नानी के लिए मेरी मां को भारत से बाहर जाने देने का फ़ैसला कितना कठिन रहा होगा. उस समय कॉमर्शियल हवाई उड़ानें शुरू ही हुई थीं. एक दूसरे से संपर्क में रहना भी काफ़ी कठिन था. फिर भी जब मेरी मां ने कैलिफ़ोर्निया जाने की इजाज़त मांगी तो मेरे नाना-नानी ने मना नहीं किया."

हैरिस ने लिखा था कि उनकी मां से अपनी पढ़ाई पूरी कर वतन लौटने और यहां मां-बाप की पसंद से शादी कर घर बसाने की उम्मीद थी. लेकिन किस्मत को कुछ और मंज़ूर था.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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