कमला हैरिस पर ट्रंप जिन तीन रणनीतियों के सहारे पड़ सकते हैं भारी

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- Author, एंथनी जर्चर
- पदनाम, बीबीसी के उत्तरी अमेरिका संवाददाता
अमेरिकी राजनीति में बेशक काफ़ी उथल-पुथल देखने को मिली है लेकिन कमला हैरिस का सफ़र काफ़ी सहज रहा है.
पर ऐसा लंबे वक़्त तक नहीं चलने वाला.
डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन पोल्सटर टोनी फैब्रिजियो इसे 'हैरिस हनीमून' बताते हैं. इसकी वजह वो प्रेस के अच्छे इस्तेमाल और सकारात्मक ऊर्जा के संयोजन को मानते हैं.
वो मानते हैं कि इसी वजह से कमला हैरिस को बढ़त मिली है.
लेकिन ''हनीमून'' ख़त्म भी होते हैं. शादी के बाद की ज़िंदगी की असलियतें सामने आती हैं.
या यूं कहें कि हैरिस और अमेरिकी मतदाताओं के बीच का रिश्ता भी पता चल जाएगा.
फ़िलहाल, हैरिस की टीम जश्न मना रही है और डेमोक्रेट्स उम्मीद लगाए बैठे हैं.
वहीं रिपब्लिकन पार्टी के नेता शुरू में बाइडन के एलान से हैरान थे लेकिन अब वो हैरिस की आलोचना में लगे हैं.

यहाँ पर हम ऐसी तीन चीज़ों के बारे में बात करते हैं, जिसे लेकर रिपब्लिकन, कमला हैरिस पर निशाना साध रहे हैं.
1. कमला हैरिस को 'रेडिकल' लेफ्टिस्ट कहना

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कमला हैरिस साल 2020 में डेमोक्रेट की तरफ़ से राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन हासिल करने की दौड़ में थीं.
इस नाकाम अभियान में उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. इसके पीछे की वजहें उनके संदेशों में स्पष्टता की कमी, चुनावी अभियान में आंतरिक कलह और साथ ही उनके कुछ इंटरव्यू भी थे.
हालांकि, इस दौरान कुछ और भी हुआ. उम्मीदवारी की रेस में शामिल कई दूसरे उम्मीदवारों की तरह कमला ने भी डेमोक्रेटिक प्राइमरी वोटरों के साथ तालमेल बिठाने के लिए ''लेफ़्ट'' की तरफ़ रुख़ किया.
सेंट्रिस्ट डेमोक्रेटिक थिंक टैंक थर्ड वे में पब्लिक अफेयर्स के वाइस-प्रेजिडेंट मैट बेनेट कहते हैं, ''उम्मीदवारों पर बहुत दबाव था. जब आप प्राइमरी में शामिल होते हैं, तब आपकी राजनीतिक प्राथमिकताएं आम चुनाव की दौड़ में पहुँचने की तुलना में काफ़ी अलग होती हैं.''
2019 के दौरान हुए डिबेट और इंटरव्यू में हैरिस ने सरकार द्वारा संचालित सिस्टम के लिए निजी स्वास्थ्य बीमा को ख़त्म करने का समर्थन किया था.
उन्होंने क़ानून-प्रवर्तन बजट को अन्य प्राथमिकताओं की तरफ़ मोड़ने और पुलिस सिस्टम में सुधारों की प्रशंसा की थी.
उन्होंने अमेरिका में बिना दस्तावेज़ के प्रवेश को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का समर्थन किया और ICE यानी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट (आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन एजेंसी) को ख़त्म करने का समर्थन किया.
उन्होंने ग्रीन न्यू डील पर्यावरण क़ानून का समर्थन किया और समुद्र में ड्रिलिंग पर रोक लगाने पर ज़ोर दिया.
अब कमला हैरिस का रुख़ उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं.
पेंसिल्वेनिया में सीनेट के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवार डेविड मैककॉर्मिक ने हैरिस की 2019 की स्थिति पर निशाना साधते हुए उन्हें अपने प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक सीनेटर बॉब केसी से जोड़ा और एक टेलीविजन विज्ञापन तैयार किया.
इसके साथ ही ट्रंप ने 'मीट सैन फ्रांसिस्को रेडिकल कमला हैरिस' शीर्षक के साथ एक वीडियो जारी किया, जिसमें उस समय के दौरान कमला के द्वारा समर्थित कई नीतियों की बात की गई है.
हालांकि इस मामले में बेनेट का कहना है, ''वो इस पर तर्क दे सकती हैं कि क्यों अच्छे नेता नीतियों को लेकर अपनी स्थिति बदलते हैं लेकिन वो अपने सिद्धांतों को नहीं बदलते. उनका कोई सिद्धांत नहीं बदला है.''

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2. बाइडन के काम से कमला को जोड़ना

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हाल में हुए सर्वे बताते हैं कि बाइडन का चुनावी अभियान महीनों से लड़खड़ा रहा है.
उनकी इमिग्रेशन से जुड़ी नीतियां लोगों को पसंद नहीं आईं. बेशक महंगाई में कमी आई हो और अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ हो लेकिन लोग महंगाई के लिए उन्हें दोष देते हैं.
इसके साथ ही ग़ज़ा युद्ध में इसराइल को दिए जा रहे समर्थन के कारण युवा मतदाताओं के बीच उन्हें नापसंद किए जाने की दर बढ़ी है.
अभी तक इन सबके लिए बाइडन ही रिपब्लिकन पार्टी के निशाने पर थे. लेकिन अब उनके कार्यकाल में किए गए कामों से कमला हैरिस को जोड़ा जा रहा है.
रिपब्लिकन पहले ही इमिग्रेशन के मुद्दे को कमला हैरिस से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. कमला हैरिस के 2022 में इमिग्रेशन पर दिए बयान और दावों को लेकर उन्हें मीडिया द्वारा 'बॉर्डर ज़ार' कहा जा रहा है.
ट्रंप के अभियान से जुड़ी पॉलिटिकल एक्शन कमिटी को चलाने वाले टेलर बुडोविच कहते हैं, ''कमला हैरिस वर्तमान में एक असफल और अलोकप्रिय उपराष्ट्रपति के रूप में जानी जाती हैं, जिन्होंने नामांकन हासिल करने के लिए अपने बॉस की पीठ में छुरा घोंपा, इसे वो ख़ुद कमा नहीं सकीं, लेकिन मतदाताओं को पता चल जाएगा. ये और बदतर होगा.''
डेमोक्रेटिक रणनीतिकार बेनेट का कहना है कि हैरिस बाइडन के रिकॉर्ड से ख़ुद को पूरी तरह दूर नहीं कर पाएंगी. लेकिन वो रिपब्लिकन पार्टी के हमलों के बीच मतदाताओं को एक नई रोशनी ज़रूर दिखा सकती हैं.
3. हैरिस का पब्लिक प्रॉसिक्यूटर का कार्यकाल निशाने पर

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अपने राष्ट्रपति अभियान की पहली सार्वजनिक रैली में हैरिस ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप पर तीखे हमले किए.
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि कोर्टरूम प्रॉसिक्यूटर और कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल के रूप में काम करने के दौरान वो 'सभी प्रकार के अपराधियों' का सामना कर चुकी हैं.
उन्होंने ये भी कहा, ''मैं जानती हूं कि डोनाल्ड ट्रंप किस तरह के हैं.''
डेमोक्रेटिक कैंपेन के सलाहकार और अमेरिकन यूनिवर्सिटी में सहायक इन्सट्रक्टर क्रेग वरोगा उपराष्ट्रपति हैरिस के इस कार्यकाल को उनका 'सुपरपावर' बताते हैं, जिसका इस्तेमाल वो 2019 में डेमोक्रेटिक कैंपेन के दौरान पूरी तरह नहीं कर पाईं.
लेकिन ट्रंप का कैंपेन पहले से ही इस बात के संकेत दे रहा है कि वो किस तरह से जवाब दे सकते हैं. उनके कैंपेन मैनेजर क्रिस लासिवीटा ने रिपब्लिकन पार्टी में अपनी जगह एक और दूसरे डेमोक्रेटिक उम्मीदवार की कथित महाशक्ति को चुनौती देकर बनाई थी.
साल 2004 में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जॉन केरी वियतनाम युद्ध के अनुभवों के ज़रिए ख़ुद को ऐसा योद्धा बता रहे थे, जो इराक़ युद्ध के दौरान एक प्रभावी कमांडर-इन-चीफ़ साबित हो सकता है.
इसके बाद लासिवीटा ने केरी की देशभक्ति और वीरता पर सवाल उठाने वाले कई आक्रामक विज्ञापनों का नेतृत्व किया.
कुछ ऐसा ही इस बार देखने को मिल रहा है. रिपब्लिकन पार्टी हैरिस के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर रहते किए गए कार्यों की चर्चा कर रही है.
हैरिस पर ड्रग्स से जुड़े अपराधों में काले पुरुषों पर सख़्त होने का आरोप लगाया जा रहा है ताकि काले लोगों का उनके प्रति समर्थन कम किया जा सके.
तो वहीं दूसरी तरफ़ वो ऐसे उदाहरण दे रहे हैं, जिनमें हैरिस ने कुछ लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा नहीं चलाने का फ़ैसला किया या उन व्यक्तियों को परोल की अनुमति दी, जो आगे नए अपराध कर सकते थे.
डोनाल्ड ट्रंप के कैंपेन पोल्सटर टोनी फैब्रिजियो कहते हैं कि 'हैरिस वो नहीं बदल सकतीं जो वो हैं या जो उन्होंने किया है.'
उन्होंने कहा कि मतदाता जल्द ही उन्हें बाइडन की 'साझेदार और को-पायलट' के रूप में देखेंगे और उनके 'ख़तरनाक लिबरल रिकॉर्ड' के बारे में जानेंगे. ट्रंप के सार्वजनिक बयानों और रैली में हमलों के साथ आगामी विज्ञापन रिपब्लिकन पार्टी की जीत के लिए बड़ी कोशिशें रहेंगी. इस बीच हैरिस और उनका अभियान ये बताने की कोशिश में होगा कि वो कैसी उम्मीदवार हैं और किन चीज़ों का समर्थन करती हैं.
कमला हैरिस के लिए क्या होगा मतदाताओं का नज़रिया
फैब्रिजियो का कहना है कि कमला हैरिस ''कौन हैं और उन्होंने क्या किया है, ये वो बदल नहीं सकतीं.''
वो कहते हैं कि मतदाताओं को जल्दी ही पता चल जाएगा कि वो बाइडन कि ''पार्टनर और को-पायलट'' और उनके विचार ज़रूरत से ज़्यादा उदार हैं.
ऐसे में विज्ञापन, ट्रंप के भाषण और रैलियों में दिए गए बयान कमला हैरिस के ख़िलाफ़ रिपब्लिकन हमले की अगुवाई करेंगे.
इस बीच हैरिस और उनके अभियान में ये दिखाने की कोशिश होगी कि आख़िर वो हैं कौन और किस चीज़ के लिए चुनाव में खड़ी हैं.
क्रेग वरोगा का कहना है कि ये दिखाने के लिए ख़ास तरीक़ा होगा कि कमला हैरिस उपराष्ट्रपति के उम्मीदवार के तौर पर किसे चुनती हैं.
वो कहते हैं, ''ये राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार की तरफ़ से लिया गया पहला असली फ़ैसला होगा, जिसे लोग देख सकते हैं. इससे लोगों को ये समझने में मदद मिलेगी कि वो किस तरह का भविष्य अपनाने जा रही हैं.''
अगर कमला हैरिस एक मध्यमार्गी सहयोगी को चुनती हैं तो इसे मतदाताओं को ये भरोसा हो सकता है कि उनका शासन मध्यमार्गी ही होगा, न कि धुर-वामपंथी, जैसा कि रिपब्लिकन उम्मीदवार उन्हें दिखाना चाह रहे हैं.
आने वाले हफ़्तों में, कमला हैरिस को उनके शब्दों, वोट और उनके पिछले कैंपेन के ज़रिए परखा जाएगा.
इससे ये पता चलेगा कि जब नवंबर में लोग वोट देने जाएँगे तो उस वक़्त तक कमला हैरिस को कैसे देखा जा रहा है.
ये तय करेगा कि डेमोक्रेट्स के ''हनीमून'' का अंत दिल टूटने के साथ होगा या ये अभी चार साल और चलेगा.
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