रूस के राष्ट्रपति पुतिन जिस व्यक्ति की वापसी के लिए हैं परेशान

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- Author, जेक लैपहाम
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
अमेरिकी पत्रकार इवान गर्शकोविच को रूस में रिपोर्टिंग दौरे में हिरासत में लिए जाने को एक साल पूरा हो चुका है. उनकी रिहाई की उम्मीद जर्मन जेल में बंद वादिम क्रासिकोव हैं, जो एक हत्या के मामले में दोषी पाए गए थे.
साल 2013 की गर्मियों में मॉस्को में एक रेस्त्रां के मालिक की हत्या हो गई. हमलावर एक बाइक से आया और दो गोली मार कर फरार हो गया.
छह साल बाद इसी तरह एक निर्वासित चेचेन कमांडर ज़ेलिमख़ान खानगोशविलि की बर्लिन के एक पार्क में हत्या कर दी गई. उन पर दिन दहाड़े साइलेंसर लगी पिस्तौल ग्लोक 26 से हमला किया गया था.
हमलावर ने जर्मन संसद राइखस्टाग के पास रिवर स्प्री में अपनी पिस्तौल और विग फेंक दिया, हालांकि उसे गिरफ़्तार कर लिया गया.
इस व्यक्ति के पासपोर्ट पर वादिम कोलोव का नाम दर्ज था लेकिन अधिकारियों को जल्द पता चल गया कि यह उसका असली नाम नहीं था.
जिस व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया वो असल में वादिम क्रासिकोव थे, जो रूसी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़एसबी से जुड़े रूसी नागरिक हैं. मॉस्को में हुई हत्या में भी वो प्रमुख संदिग्ध थे.
अमेरिकी टीवी टॉक शो होस्ट टकर कार्ल्सन के साथ दिए एक हालिया साक्षात्कार में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि उनका देश अमेरिकी पत्रकार इवान गर्शकोविच के बदले "देशभक्त" क्रासिकोव की रिहाई चाहता है.
इसी महीने गर्शकोविच को गिरफ़्तार किए एक साल हो चुके हैं. वो वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्टर थे और उन्हें रूस में जासूसी करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था, हालांकि उन्होंने, उनके अख़बार और अमेरिकी सरकार ने इसका खंडन किया है.

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लेकिन गर्शकोविच सिर्फ़ अकेले व्यक्ति नहीं हैं, जो रूसी जेल में बंद हैं, जिनकी क़िस्मत क्रासिको से जुड़ी हुई है.
पूर्व अमेरिकी मरीन पॉल व्हेलन और अमेरिकी-रूसी नागरिक अलसू कुर्माशेवा भी रूस की जेल में बंद हैं, जिनकी गिरफ़्तारी को राजनीतिक से प्रेरित माना जाता है.
यहां तक कि क़ैदियों की अदला बदली प्रस्ताव में प्रमुख रूसी विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी का भी नाम था, जिन्हें छोड़ा जाना था. ये दावा उनके सहयोगियों ने किया. लेकिन 19 साल की क़ैद की सज़ा काट रहे नवेलनी की उससे पहले ही जेल में मौत हो गई.
रूसी चुनाव के बाद पुतिन ने कहा था कि पश्चिम में जेल में बंद "कुछ लोगों के" बदले नवेलनी की रिहाई के लिए वो सहमत हो गए थे, लेकिन व्हाइट हाउस ने कहा था कि उसे पहली बार इस तरह के किसी समझौते का पता चला.
अगर राष्ट्रपति पुतिन अपनी बात पर अड़े रहते हैं तो अमेरिकियों की रिहाई के लिए क्रासिकोव के साथ अदला बदली में जर्मनी, अमेरिका और रूस के आपसी सहयोग की ज़रूरत होगी.
जर्मनी के नेता रोडरिख कीसवेटर ने बीबीसी के कहा कि यह समझौता बर्लिन को "बंधक कूटनीति" अपनाने के लिए मजबूर करेगा.
आख़िर पुतिन क्रासिकोव के लिए इतने परेशान क्यों हैं?
सरकार के इशारे पर हत्याएं

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बर्लिन हत्याकांड में क्रेमलिन के हाथ का पहला संभावित सुराग क्रासिकोव की पृष्ठभूमि से मिला.
एक खोजी वेबसाइट बेलिंगकैट को मिले दस्तावेजों से पता चलता है कि वो 2013 में मॉस्को मर्डर में भी वांछित थे.
हालांकि दो साल बाद उनकी गिरफ़्तारी का वॉरंट वापस ले लिया गया और "वादिम क्रासिकोव" की पहचान ग़ायब हो गई.
इसके बाद ही "वादिम सोकोलोव", उम्र 45 साल की पहचान सामने आई. 2015 में उन्हें एक पासपोर्ट मिला और 2019 में एक टैक्स पहचान नंबर.
जर्मनी की अदालत ने कहा कि यह दस्तावेज केवल क्रेमलिन की ओर से ही दिया जा सकता था और इसलिए बर्लिन मर्डर में वादिम क्रासिकोव को क्रेमलिन का समर्थन प्राप्त था.
क्रासिको वो आजीवन कारावास की सज़ा सुनाते हुए अदालत ने कहा थाः "रूसी सरकार के अधिकारियों ने हत्या का आदेश दिया था."
जिस व्यक्ति को मारा गया वो चेचेन विद्रोही कमांडर ज़ेलिमख़ान खानगोशविलि थे, जिन्होंने 2000 से 2004 के बीच रूस के अलग होने की चेचेन्या की लड़ाई में हिस्सा लिया था.
पश्चिमी जानकारों का कहना है कि खानगोशविलि की हत्या, यूरोप और मध्य पूर्व में निर्वासित रह रहे चेचेन विद्रोहियों की हत्याओं के मॉस्को के आदेश की ही एक कड़ी थी.
क्रेमलिन ने बर्लिन हत्या की साज़िश रचने के आरोपों का खंडन किया है और क्रासिकोव के ख़िलाफ़ फैसले को "राजनीति से प्रेरित" बताया है.
हालांकि टकर कार्लसन के साथ साक्षात्कार में पुतिन ये स्वीकार करते दिखे, जब उन्होंने कहा कि अदला बदली की बात चल रही थी जिसमें एक रूसी "देशभक्त" का नाम भी शामिल था जिसने एक यूरोपीय राजधानी में "एक डकैत को ख़त्म" किया था.
जर्मन सरकार के विदेश मामलों की कमेटी में शामिल उलरिच लेचते ने बीबीसी से कहा कि क्रासिकोव को रिहा कराने की पुतिन की इच्छा "अपराध की स्पष्ट स्वीकृति है और दिखाता है कि रूस किस बेधड़क तरीके से हमारे देश में कार्रवाई करने में सक्षम है. "
एफ़एसबी के सुपारी किलर

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अभियोजकों के अनुसार, वादिम क्रासिकोव रूसी ख़ुफ़िया एजेंसी एफ़एसबी के एक अति गोपनीय यूनिट वाइम्पेल से जुड़े थे.
रूसी सुरक्षा के एक्सपर्ट मार्क गैलियोट्टी ने बीबीसी को बताया, "इसका आधिकारिक लक्ष्य देश में आतंकवाद विरोधी अभियान है लेकिन इसका गोपनीय काम अब विदेशों में तोड़फोड़ और हत्याएं भी हो चुका है."
द इनसाइडर को दिए इंटरव्यू में क्रासिकोव की पत्नी के भाई ने बताया था कि वाइम्पेल में रहते हुए क्रासिकोव एक शूटिंग रेंज में पुतिन से व्यक्तिगत रूप से मिल चुके हैं. वो अपनी बीएमडब्ल्यू और पोर्शे कार से अपने काम पर जाया करते थे.
क्रासिकोव और एफ़एसबी के बीच जो संबंध है वो बताया है कि व्लादिमीर पुतिन, क्यों उन्हें वापस लाना चाहते हैं और इवान गर्शकोविच जैसे अहम कैदी के एवज में उन्हें अहमियत दे रहे हैं.
मार्क गैलियोट्टी ने कहा, "रूस कहता है, देखिए, आप पकड़े जाते हैं तो आपको किसी न किसी तरह वापस ले आएंगे. समय लग सकता है लेकिन आपको वापस लाएंगे. लोगों को संभावित रूप से ख़तरनाक स्थिति में डालने के लिए लोगों को तैयार करने के लिए यह अहम है."
लेकिन क्रासिकोव की वापसी का पूरा दारोमदार जर्मनी की सरकार पर है.
बीबीसी से बातचीत में सरकार के विदेश मामलों की कमिटी से जुड़े तीन लोगों ने क्रासिकोव की रिहाई का विरोध किया.
जर्मनी की सरकार में साझीदार फ़्री डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता उलरिच लेचते ने कहा कि जर्मनी को इसकी इजाज़त नहीं देनी चाहिए.
उन्होंने बीबीसी से कहा, "यह एक किस्म की सरकारी माफ़ी होगी और राजनीतिक संदेश देता है कि रूस हमारे यहां आगे भी हत्याएं करवा सकता है "

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क्रिश्चन डेमोक्रेट के नेता हार्ट ने कहा कि जिस समझौते की अफ़वाह उड़ रही है, उसे कोई राजनीतिक समर्थन नहीं दिख रहा. अगर ऐसा हो भी तो क़ानूनी प्रक्रिया बहुत धूमिल है.
उन्हें राष्ट्रपति माफ़ कर सकते हैं या बाकी की सज़ा भुगतने के लिए ही उन्हें रूस को प्रत्यर्पित किया जा सकता है. लेकिन पुतिन की टिप्पणी के बाद संभव नहीं दिखता.
हालांकि क़ैदी अदला-बदली का एक मामला पहले भी हो चुका है, जिसमें रूसी "मौत का सौदागर" विक्टर बाउट को अमेरिकी बास्केटबॉल स्टार ब्रिटनी ग्राइनर के बदले रिहा किया गया था. बाउट अब राजनीति में हाथ आजमा रहे हैं और रूस में एक स्थानीय चुनाव में सीट भी जीत ली है.
प्रत्यर्पण मामलों के जानकार एक जर्मन वकील नोकोला बीयर ने बीबीसी से कहा कि इस हालात के लिए कोई क़ानूनी व्यवस्था नहीं है, इसलिए इस बारे में कोई भी कार्रवाई बहुत विवादित और राजीतिक पहलू वाली होगी.
रूस विरोधी राजनीतिक कार्यकर्ता बिल ब्राउडर ने 50 ऐसे रूसी नागरिकों की सूची तैयार की है जो पश्चिमी देशों में बंद हैं और जिन्हें रूस में बंद कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की रिहाई के बदले समझौते का मोहरा बनाया जा सकता है.
ब्राउडर को उम्मीद है कि कोशिशें जारी रहीं तो इवान गर्शकोविच के साथ ही ब्रिटिश रूसी पत्रकार व्लादिमीर कारा-मुर्ज़ा की रिहाई भी हो सकती है जिन्हें यूक्रेन में युद्ध के ख़िलाफ़ बोलने के लिए 25 साल की जेल हुई है.
बीबीसी ने ब्राउडर से पूछा कि उनका अभियान "बंधक कूटनीति" में शामिल है, उन्होंने कहा कि यह "आदर्श से कोसों दूर है लेकिन जीवन बचाने के लिए ज़रूरी है."
उन्होंने कहा कि एलेक्सी नवेलनी की मौत के बाद "यह साफ़ है कि अन्य बंधकों की मौत पर ख़तरा मंडरा रहा है."
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