अर्दोआन के ख़िलाफ़ तीन दिन के प्रदर्शन में कैसे लड़खड़ाई तुर्की की अर्थव्यवस्था?

अर्दोआन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने बढ़ते प्रदर्शनों की निंदा की है

तुर्की में इस्तांबुल के मेयर और रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (सीएचपी) के नेता इकरम इमामोअलू की गिरफ़्तारी के बाद से घरेलू संकट गहरा गया है.

हज़ारों की तादाद में लोग सड़कों पर उतर आए हैं और कई जगह पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें और गिरफ़्तारियां हुई हैं.

राजनीतिक उथल पुथल के बीच तुर्की के शेयर बाज़ार में पिछले दो दशकों की सबसे बड़ी गिरावट आई है और तुर्की की मुद्रा लीरा भी लुढ़क गई है.

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने बढ़ते प्रदर्शनों की निंदा करते हुए जुमे की नमाज़ के बाद कहा कि उनकी सरकार 'तोड़फोड़' और 'सड़क पर आतंक' से समझौता नहीं करेगी. उन्होंने कहा, "हम सार्वजनिक अव्यवस्था को स्वीकार नहीं करेंगे."

लाइन

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

लाइन
इस्तांबुल में प्रदर्शन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, तुर्की के विपक्षी नेता की गिरफ़्तारी के बाद पूरे देश में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए.

पुलिस ने बुधवार को इकरम इमामोअलू को भ्रष्टाचार और चरमपंथी ग्रुपों को मदद करने के आरोप में गिरफ़्तार किया था, जबकि इसके चंद दिन बाद ही उन्हें 2028 के राष्ट्रपति चुनावों के लिए सीएचपी का उम्मीदवार नामित किया जाने वाला था.

इससे एक दिन पहले ही इस्तांबुल यूनिवर्सिटी ने इमामोअलु के डिप्लोमा को अवैध क़रार दे दिया था. जबकि राष्ट्रपति की उम्मीदवार के लिए यूनिवर्सिटी की डिग्री या डिप्लोमा अनिवार्य होता है.

सीएचपी के राष्ट्रपति उम्मीदवार नामित करने का चुनाव रविवार को होने वाला है, जिसमें 15 लाख सदस्य वोट करेंगे और इमामोअलु एकमात्र उम्मीदवार हैं.

इस्तांबुल के मेयर और रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (सीएचपी) के नेता इकरम इमामोअलू

इमेज स्रोत, EPA

इमेज कैप्शन, इस्तांबुल के मेयर और रिपब्लिकन पीपल्स पार्टी (सीएचपी) के नेता इकरम इमामोअलू, राष्ट्रपति अर्दोआन के मुख्य प्रतिद्वंद्वी माने जाते हैं.

तुर्की में तीसरे दिन शुक्रवार को भी प्रदर्शनकारी, विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंधों को तोड़ते हुए सड़कों पर उतरे. तुर्की के गृह मंत्री ने बताया था कि पुलिस ने गुरुवार को 53 और शुक्रवार को 97 प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार किया है.

सीएचपी सेक्युलर राजनीतिक पार्टी है और इमामोअलु को राष्ट्रपति अर्दोआन का सबसे मज़बूत राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जाता है.

जांच के लिए 100 से अधिक नेताओं, पत्रकारों और उद्योगपतियों को गिरफ़्तार किया गया है और इमामोअलु उनमें से एक हैं.

पूरे देश में भड़का प्रदर्शन

इस्तांबुल प्रदर्शन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, शुक्रवार को भी तुर्की में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए
छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
कहानी ज़िंदगी की

मशहूर हस्तियों की कहानी पूरी तसल्ली और इत्मीनान से इरफ़ान के साथ.

एपिसोड

समाप्त

बीते तीन दिनों से पूरे देश में जगह जगह प्रदर्शन हो रहे हैं. शुक्रवार को सबसे बड़ा प्रदर्शन हुआ.

सीएचपी ने इस्तांबुल के बाहर सिटी हॉल में एक रैली का आह्वान किया था और तमाम प्रतिबंधों और पुलिस बैरिकेड के बावजूद वहां हज़ारों लोग पहुंचे.

सीएचपी के अध्यक्ष ओज़गुर ओज़ेल ने इस प्रदर्शन में कहा, "हम यहां सिर्फ़ रैली करने नहीं आए हैं, बल्कि कार्रवाई के लिए और नतीजे पाने के लिए आए हैं."

उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पुलिस को बिना चोट पहुंचाए जहां हैं वहीं से बैरिकेड तोड़ते हुए सड़कों और चौराहों पर इकट्ठा होने का आह्वान किया.

उनके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति अर्दोआन ने कहा, "सीएचपी अध्यक्ष जिस सड़क की बात कर रहे हैं, वो अंधी गली है."

कई जगह प्रदर्शनकारियों और रॉयट पुलिस के बीच झड़पों की ख़बरें हैं. क़रीब 16 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं.

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर रबड़ की गोलियां दागीं और पेपर गैस छोड़ा. इस्तांबुल के अलावा इज़मीर और बुर्सा में भी झड़पों की ख़बरें हैं.

प्रदर्शनों को रोकने के लिए इस्तांबुल में रविवार तक और अंकारा और इज़मीर में मंगलवार तक सामूहिक जुटान पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

शुक्रवार को सिटी हॉल जाने वाले दो पुलों को पुलिस ने बंद कर दिया.

क्या कह रहे हैं लोग

इस्तांबुल प्रदर्शन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, पुलिस ने भीड़ पर पेपर स्प्रे और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया है

गृह मंत्री अली यरलिकाया ने प्रदर्शनों की कड़ी निंदा करते हुए विपक्ष को 'ग़ैर-ज़िम्मेदार' क़रार दिया.

उन्होंने कहा कि 54 अन्य लोगों को ऑनलाइन भड़काऊ पोस्ट करने के लिए गिरफ़्तार किया गया है.

प्रदर्शनों की जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं उसमें पुलिस को भीड़ पर पेपर स्प्रे करते, आंसू गैस के गोले दागते देखा जा सकता है. एक वीडियो में दिख रहा है कि हज़ारों लोगों की आगे बढ़ती भीड़ को कुछ पुलिसकर्मी रोकने की कोशिश कर रहे हैं.

बीबीसी तुर्की के अनुसार, मिडिल ईस्ट टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एमईटीयू) के छात्रों ने एक बयान जारी कर कहा है कि प्रदर्शनों में हिस्सा लेने से उन्हें रोकने के लिए सारे गेट बंद कर दिए गए हैं.

बयान के अनुसार, "हमें आधिकारिक रूप से बंधक बना लिया गया है...जो कुछ भी हो रहा है, वह संविधान के ख़िलाफ़ है."

यूनिवर्सिटी के आसपास यातायात को रोक दिया गया है और मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं.

इज़मीर में भी यूनिवर्सिटी छात्रों और पुलिस के बीच झड़प की ख़बरें हैं.

इस्तांबुल प्रदर्शन

इमेज स्रोत, Getty Images

जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी में अप्लाइड इकोनॉमिक्स के प्रोफ़ेसर स्टीव हैंक ने एक्स पर लिखा, "इस्तांबुल मेयर की गिरफ़्तारी के बाद तुर्की में सोशल मीडिया पोस्ट के लिए सरकार ने 37 लोगों को हिरासत में ले लिया गया. अर्दोआन ने प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया है, इंटरनेट धीमा कर दिया और टीवी चैनलों पर सेंसर लगा दिया है. राष्ट्रपति अर्दोआन मतलब कोई विपक्ष नहीं यानी कोई समस्या नहीं."

सेंटर फ़ॉर काउंटर हेजमोनिक स्टडीज़ के डायरेक्टर टिम एंडर्सन ने एक्स पर लिखा, "अपने मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को गिरफ़्तार करने और दमिश्क में चरमपंथियों की सरकार बनाने के बाद, अर्दोआन घर में संकट से जूझ रहे हैं."

तुर्की का शेयर मार्केट धड़ाम, मुद्रा लड़खड़ाई

इस्तांबुल प्रदर्शन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, तुर्की की मुद्रा लीरा 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ बुरी तरह लड़खड़ा गई है.

इमामोअलु की गिरफ्तारी से भड़के प्रदर्शनों के बाद बुधवार को तुर्की का शेयर बाज़ार धाराशाई हो गया और देश की मुद्रा लीरा 11 प्रतिशत की गिरावट के साथ बुरी तरह लड़खड़ा गई है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, शुक्रवार को तुर्की का शेयर बाज़ार 13.82 प्रतिशत तक गिर गया. तुर्की का शेयर बज़ार बीस्ट 100 इंडेक्स में 2008 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है.

फ़ाइनेंशियल टाइम्स की ख़बर के अनुसार, राजनीतिक अस्थिरता से निवेशकों में पैदा हुए डर के कारण गिरती तुर्की की लीरा को संभालने के लिए देश के सेंट्रल बैंक ने अब तक का सबसे बड़ा हस्तक्षेप करते हुए 12 अरब डॉलर बाज़ार में डाले हैं.

एक कंसल्टेंसी फ़र्म बीआरसी से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, बुधवार को लीरा में भारी गिरावट आई थी, जिसके बाद सेंट्रल बैंक ने 11.5 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा बेचकर बाज़ार में नकदी बढ़ाई.

फ़ाइनेंशियल टाइम्स के मुताबिक़, सेंट्रल बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड में इतने बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप की कोई नज़ीर नहीं है और पिछली बार जो हस्तक्षेप हुआ था उससे यह चार गुना है.

बाज़ार को संभालने के लिए गुरुवार की रात सेंट्रल बैंक की आपात बैठक में ब्याज़ दरों को बढ़ा दिया गया ताकि लोगों को डॉलर की ओर जाने से रोका जा सके. इमर्जिंग मार्केट फ़ाइनेंस की अग्रणी फ़र्म जेपी मॉर्गन चेस ने कहा है कि नकदी की समस्या हो गई है.

इस्तांबुल प्रदर्शन

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, बुधवार को एक डॉलर की क़ीमत 42 लीरा थी

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, इन सब कोशिशों के बावजूद एक सप्ताह के दौरान लीरा में 4 प्रतिशत की गिरावट आई. डॉलर के मुकाबले लीरा में पिछले एक साल में 6.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

शुक्रवार को लीरा की क़ीमत एक डॉलर के मुकाबले 38 थी, जबकि बुधवार को एक डॉलर की क़ीमत 42 लीरा थी.

ताज़ा संकट, 2023 में अर्दोआन के फिर से चुने जाने के बाद शुरू किए गए बड़े पैमाने पर आर्थिक सुधारों के लिए तगड़ा झटका है.

राष्ट्रपति अर्दोआन की निरंकुश और गैर परंपरागत मौद्रिक नीति की वजह से पिछले एक दशक में निवेशक तुर्की के बाज़ार से दूर हुए थे. इसलिए तुर्की के लंबे समय से चले आ रहे मुद्रास्फ़ीति संकट को कम करने और निवेशकों को लुभाने के लिए कार्यक्रम शुरू किया गया.

इसके तहत ब्याज़ दरों और टैक्स दर में भारी बढ़ोत्तरी की गई, जबकि पहले अर्दोआन ने मुद्रास्फीति संकट के बावजूद महंगाई को कम करने की नीति अपना रखी थी.

इससे मुद्रास्फीति 2022 के 85 प्रतिशत के मुकाबले 39 प्रतिशत पर आ गई और विदेशी मुद्रा भंडार में क़रीब दोगुना बढ़ोत्तरी हुई, जो कि पिछले हफ़्ते 100 अरब डॉलर तक पहुंच गई.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और व्हॉट्सऐप पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)