डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान ने ईरानी हैकर्स पर लगाया आरोप, कहा- चुनाव में देना चाहते दखल

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- Author, माइक वेंडलिंग
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
डोनाल्ड ट्रंप के प्रचार अभियान की ओर से कहा गया है कि उसके 'आंतरिक संचार को हैक कर लिया गया है'. उनके अभियान ने दावा किया कि 'इसके पीछे ईरानी हैकर्स का हाथ' है.
अमेरिकी न्यूज़ वेबसाइट पॉलिटिको ने शनिवार को अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि उसे ऐसा ईमेल मिला है जिसमें ट्रंप के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ओहायो सीनाटर जेडी वांस पर कराए गए एक आंतरिक रिसर्च समेत प्रचार अभियान के दस्तावेज़ मौजूद हैं.
प्रचार अभियान के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया, "2024 के चुनाव में दखल की मंशा से ये दस्तावेज़, अमेरिका का विरोध करने वाले विदेशी स्रोतों से ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से हासिल किए गए थे."
'पॉलिटिको' ने कहा कि उसने इन दस्तावेज़ों की सत्यता की पुष्टि की थी. बीबीसी इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता.
हालांकि ट्रंप के अभियान ने इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी है और ईरानी हैकरों या ईरानी सरकार के इस लीक से संबंधित होने का कोई सबूत भी नहीं दिया है.
असल में यह मामला माइक्रोसॉफ़्ट की उस रिपोर्ट के जारी होने के एक दिन बाद सामने आया है जिसमें कहा गया था कि जून में एक अमेरिकी राष्ट्रपति उम्मीदवार के प्रचार अभियान को ईरानी हैकरों ने निशाना बनाया था.

ट्रंप के प्रचार अभियान ने क्या कहा?
माइक्रोसॉफ़्ट थ्रेट एनालिसिस सेंटर (एमटीएसी) ने कहा कि प्रचार अभियान को एक फिशिंग ईमेल भेजा गया था, यानी एक ऐसा ईमेल जो दिखने में भरोसे वाला लगे और जब टार्गेट उसे क्लिक करे तो उसमें गोपनीय लिंक छिपे हों.
एमटीएसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "पिछले कुछ महीनों से ईरानी हैकरों की ओर से बढ़ी हुई सक्रियता देखने को मिली है."
ट्रंप के प्रचार अभियान के प्रवक्ता स्टीवेन शेउंग ने कहा कि "एमएटीसी रिपोर्ट में जून में हुई जिन हैकिंग की कोशिशों का ज़िक्र किया गया है, लगभग उसी दरम्यान डोनाल्ड ट्रंप उप राष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार का चुनाव कर रहे थे."
उन्होंने कहा, "ईरानी हैकर्स जानते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप उनके आतंक को रोक देंगे जैसा उन्होंने चार साल तक व्हाइट हाउस में रहते हुए किया था."
'पॉलिटिको' ने कहा कि जुलाई के अंत में उसे एओएल ईमेल अकाउंट के ज़रिए मेल आने शुरू हुए थे. मेल भेजने वाले के खुद का नाम केवल "रॉबर्ट" बताया.
इस मीडिया संस्थान ने कहा कि जेडी वांस पर जो फ़ाइल भेजी गई वो 271 पेज लंबी है और इसमें वांस के अतीत के रिकॉर्ड और उनके बयानों के बारे में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियां शामिल हैं.
इसके अनुसार, इस ईमेल से फ़्लोरिडा सीनेटर मार्को रूबियो के बारे में रिसर्च डॉक्यूमेंट का एक हिस्सा भी भेजा गया था, जो उस समय उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल थे.

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अमेरिका में राष्ट्रपति चुनावों के लिए प्रचार अभियान, नियमित रूप से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के बारे में रिसर्च कराते रहते हैं ताकि शर्मिंदगी का कारण बन सकने वाले किसी भी संभावित जानकारी का पहले पता लगाया जा सके.
'पॉलिटिको' ने कहा कि ट्रंप को लेकर डेडी वांस की आलोचनाओं को इस डॉक्यूमेंट में शामिल किया गया है और इसे 'संभावित मुश्किलों' के रूप में दिखाया गया था.
माइक्रोसॉफ़्ट की रिपोर्ट में कहा गया है, "पिछले तीन अमेरिकी चुनावों में साइबर क्षेत्र में ईरान का असर रहा है."
माइक्रोसॉफ़्ट ने 2020 में भी इसी तरह की एक रिपोर्ट जारी की थी जिसमें कहा गया था कि ईरानी हैकरों ने राष्ट्रपति उम्मीदवारों के चुनाव प्रचार अभियानों को निशाना बनाया था.
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रंप की हत्या करने की ईरानी साज़िश को लेकर भी आगाह किया है. हालांकि पिछले महीने पेन्सिल्वेनिया में ट्रंप की हत्या की कोशिश से ईरान का कोई नाता नहीं था.
बीते मंगलवार अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने एक पाकिस्तानी व्यक्ति पर अमेरिकी अधिकारियों की हत्या की ईरान की कथित साज़िश में शामिल होने का आरोप लगाया. इस साज़िश में संभावित रूप से पूर्व राष्ट्रपति भी निशाने पर थे.
बीबीसी ने ईरानी आधिकारियों से इस पर टिप्पणी के लिए संपर्क किया है. लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है.
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