ट्रंप के साथ दिक्कत तो होगी, लेकिन हम उनके साथ काम करेंगे: ज़ेलेंस्की

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- Author, क्रिस मेसन और सोफ़ी विलियम्स
- पदनाम, बीबीसी न्यूज़
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति चुने गए तो उनके साथ काम करना मुश्किल तो होगा, लेकिन वो खुद मेहनत करने वाले हैं.
लंदन में बीबीसी को दिए एक एक्सक्लूसिव साक्षात्कार में ज़ेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका में जो भी सत्ता में आए हैं उनके साथ वो काम करने के लिए इच्छुक रहे हैं.
इसी सप्ताह डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि नवंबर में होने वाले चुनाव में ओहायो के सीनेटर जेडी वेंस रिपब्लिकन पार्टी की तरफ़ से उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार होंगे.
जेडी वेंस अतीत में ये कह चुके हैं कि "यूक्रेन में क्या हो रहा है, उन्हें इसकी कोई परवाह नहीं है."
रिपब्लिकन पार्टी के कई नेता यूक्रेन के दी जा रही आर्थिक मदद पर सवाल उठाते रहे हैं. खुद डोनाल्ड ट्रंप यूक्रेन के लिए मदद जारी रखने का वादा करने से बचते रहे हैं.
ट्रंप कह चुके हैं कि वो राष्ट्रपति बने तो 24 घंटों के भीतर युद्ध ख़त्म कर देंगे. हालांकि उन्होंने ये नहीं कहा है कि वो ऐसा कैसे करेंगे.
रिपब्लिकन पार्टी ने जिन उम्मीदवारों को आगे बढ़ाया है, उससे ये आशंका पैदा हो गई है कि चुनाव के बाद अगर ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बने, तो यूक्रेन के लिए अमेरिका की प्रतिबद्धताएं बदल सकती हैं.
बीबीसी से बातचीत में यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा, "हो सकता है उन्हें वाकई समझ नहीं आता हो कि यूक्रेन में क्या हो रहा है, इसलिए हमें अमेरिका के साथ काम करना होगा."

यूक्रेन के लिए ब्रिटेन की प्रतिबद्धता
बीते सप्ताह वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की, यूरोपियन पॉलिटिकल कमेटी (ईपीसी) की बैठक में शामिल होने के लिए ब्रिटेन गए थे. यहां गुरुवार दोपहर उनका संबोधन भी हुआ.
पॉलिटिकल कमेटी में यूरोपियन यूनियन के 27 सदस्य हैं. साथ ही ब्रिटेन की तरह इसमें 20 गै़र-सदस्य देश भी शामिल हैं. पॉलिटिकल कमेटी, इन सभी के बीच सहयोग का एक अनौपचारिक मंच है.
इससे पहले ज़ेलेंस्की ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर से मुलाकात की. कीएर स्टार्मर ने दोहराया कि ब्रिटेन, यूक्रेन के साथ खड़ा है.
उन्होंने यूक्रेन के लिए तीन अरब पाउंड की मदद की प्रतिबद्धता भी दोहराई.
ज़ेलेंस्की ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री के तौर पर कीएर स्टार्मर का कार्यकाल, ब्रिटेन की विदेश नीति के इतिहास में एक ख़ास युग के रूप में जाना जाएगा.
उन्होंने बीबीसी से कहा, "मुझे नहीं लगता कि ब्रिटेन का रुख़ बदलेगा. लेकिन मैं चाहूंगा कि प्रधानमंत्री स्टार्मर अंतरराष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक सुरक्षा और यूक्रेन में जंग के बारे में ख़ासतौर पर अपनी बात रखें."
शुक्रवार की सुबह राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने ब्रिटेन के मंत्रिमंडल की बैठक को संबोधित भी किया. वर्ष 1997 में अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के बाद, ब्रिटेन के मंत्रिमंडल को इस तरह संबोधित करने वाले ज़ेलेंस्की, पहले विदेशी नेता हैं.
ज़ेलेंस्की ने ब्रिटेन के मंत्रिमंडल को यूक्रेन के हालात के बारे में जानकारी दी और अपने देश के लिए और अधिक मदद की अपील की.
यूक्रेन को चाहिए एफ़-16 विमान

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यूक्रेन के सैनिकों को हाल के दिनों के काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. उन्हें नीप्रो नदी के कब्ज़े वाले पूर्वी किनारे पर बसे एक गांव से पीछे भी हटना पड़ा है.
हाल के महीनों में, यूक्रेन की सेना ने देश के पूर्वी हिस्से में लंबी फ्रंटलाइन पर रूसी सैनिकों को रोकने और पीछे धकेलने की कोशिश की है.
यूक्रेन को उम्मीद थी कि एफ़-16 विमानों के आने के बाद उसकी कोशिशें अधिक असरदार साबित होंगी. लेकिन यूक्रेन को अभी तक पश्चिमी देशों से मिलने वाली मदद का इंतज़ार है.
यूक्रेन को अभी तक मिली मदद के लिए शुक्रिया अदा करते हुए ज़ेलेंस्की ने कहा, "अठारह महीने हो चुके हैं और विमान अभी तक नहीं पहुंचे हैं."
साथ ही उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आकाश में रूस के दबदबे से निपटने के लिए, यूक्रेन को नए लड़ाकू विमानों की ज़रूरत है.
रूस-यूक्रेन जंग बीते दो साल से जारी है और इसके ख़त्म होने की कहीं कोई उम्मीद नज़र नहीं आ रही है. ऐसे में सवाल उठते रहे हैं कि क्या किसी समझौते से इसका समाधान निकल सकता है.
राजनयिक समाधान की कोशिशें

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पिछले महीने स्विट्ज़रलैंड ने यूक्रेन शांति-सम्मेलन की मेज़बानी की थी, लेकिन रूस को आमंत्रित नहीं किया गया था. तभी से राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की कह रहे हैं कि रूस को नवंबर में होने वाले दूसरे शांति-सम्मेलन में शामिल होना चाहिए.
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि पूरी दुनिया को रूस पर दबाव बनाना चाहिए ताकि वो जंग ख़त्म करने के लिए विचार कर सके.
उन्होंने कहा कि जंग में रूस के कमज़ोर पड़ने से, बातचीत की टेबल पर यूक्रेन की पोजिशन मज़बूत होगी.
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि रूस पर दबाव बनाकर उसे राजनयिक समाधान के लिए राज़ी करना संभव है."
वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की, साल 2019 से ही यूक्रेन के राष्ट्रपति हैं. उनके कार्यकाल के दौरान ही रूस ने बड़े पैमाने पर यूक्रेन पर हमला किया.
यूक्रेन में इसी साल चुनाव भी होना है. लेकिन देश के संविधान के हिसाब से, मार्शल लॉ के दौरान मतदान नहीं हो सकता है.
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बीबीसी से कहा कि उन्हें पता है राष्ट्रपति की कुर्सी से कब उतरना है. साथ ही उन्होंने कहा, "जंग ख़त्म होने से पहले नहीं."
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