क्राउडस्ट्राइक के सीईओ ने कहा- सभी कम्प्यूटर सिस्टम के दुरुस्त होने में वक़्त लगेगा...

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दुनिया भर में आईटी सेवाओं के बाधित होने के लिए ज़िम्मेदार बताई जा रही साइबर सिक्योरिटी फर्म क्राउडस्ट्राइक के सीईओ ने ये बात मानी है कि सभी कम्प्यूटर सिस्टम के पूरी तरह से दुरुस्त होने में कुछ वक़्त लगेगा.
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े संगठनों को सामान्य कामकाज की स्थिति में लौटने में कुछ दिन लग सकते हैं. हालांकि इस तकनीकी समस्या का हल खोज लिया गया है लेकिन विशेषज्ञों की राय में इसमें काफी काम मैनुअल तरीके से किया जाना है.
इसीबीच माइक्रोसॉफ़्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्या नाडेला ने एक्स पर एक बयान दिया है.
सत्या नडेला ने लिखा, "कल क्राउडस्ट्राइक ने एक अपडेट जारी किया जिसने विश्व स्तर पर आईटी सिस्टम को प्रभावित करना शुरू कर दिया. हम इस मुद्दे से अवगत हैं. हम क्राउटस्ट्राइक और इंडस्ट्री के साथ मिलकर ग्राहकों के सिस्टम को सुरक्षित रूप से ऑनलाइन लाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन और सहायता दे रहे हैं."
वैश्विक स्तर पर आई इस तकनीकी समस्या के चलते 3300 से अधिक उड़ान सेवाएं रद्द हुई हैं जबकि बैंकिंग, हेल्थकेयर और सुपर मार्केट्स के कामकाज पर असर पड़ा है.
ये तकनीकी दिक्कत उस वक़्त आई जब साइबर सिक्योरिटी फर्म क्राउडस्ट्राइक के एक अपडेट की वजह से माइक्रोसॉफ़्ट सिस्टम से चलने कम्प्यूटर पर ब्लू स्क्रीन दिखाई देने लगी और वो क्रैश होने लगे.
कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट

क्राउडस्ट्राइक के ग्राहकों को ये सॉफ़्टवेयर अपडेट रात के वक़्त अपने आप चला गया था. इसीलिए शुक्रवार सुबह जब लोग काम पर लौटे तो उनको इस समस्या से रूबरू होना पड़ा. इसका मतलब था कि उनका कम्प्यूटर रिस्टार्ट नहीं हो सकता था.
क्राउडस्ट्राइक के सीईओ जॉर्ज कर्ट्ज़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "समस्या की पहचान कर ली गई और उसे दुरुस्त करने की व्यवस्था कर दी गई है."
एनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "ग्राहकों को जो तकलीफ़ हुई है, उसका हमें अफ़सोस है. बहुत से ग्राहक सिस्टम रीबूट कर रहे हैं और ये काम करने लगेगा. कुछ सिस्टम में इसे ठीक होने में वक़्त लगेगा."
माइक्रोसॉफ़्ट सर्वर में साइबर सिक्योरिटी देख रही कंपनी क्राउडस्ट्राइक के शेयर न्यूयॉर्क में नासडैक स्टॉक एक्सचेंज में 15 प्रतिशत नीचे से शुरू हुए. शेयरों की क़ीमतों में आई गिरावट से साइबर सिक्योरिटी कंपनी को 12.5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ.
माइक्रोसॉफ़्ट के सर्वर में आई गड़बड़ी के कारण दुनिया भर में बाधित हुई आईटी सेवाओं के लिए क्राउडस्ट्राइक के सीईओ जॉर्ज कर्ट्ज़ ने माफ़ी मांगी है.
उन्होंने माइक्रोसॉफ़्ट विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम में एक सॉफ़्टवेयर अपडेट में मौजूद एक बग को इस समस्या का कारण बताया.
दुनिया भर में आईटी सेवाएं बाधित

दुनिया भर के बड़े बैंक, मीडिया आउटलेट्स और एयरलाइंस कंपनियों ने बड़े पैमाने पर आईटी सेवाओं के बाधित होने की शिकायत की है जिसका असर उनकी सेवाओं पर पड़ा है.
आईटी सेवाओं में इस रुकावट की वजह को लेकर तस्वीर अभी तक साफ़ नहीं हो पाई है लेकिन इससे प्रभावित होने वाले कई प्रतिष्ठानों ने इसके लिए माइक्रोसॉफ़्ट पीसी ऑपरेटिंग सिस्टम में आई गड़बड़ी को जिम्मेदार बताया है.
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर माइक्रोसॉफ़्ट 365 के आधिकारिक हैंडल से जारी किए गए सर्विस अपडेट में कहा गया है कि "हम माइक्रोसॉफ़्ट 365 के विभिन्न ऐप्स और सर्विसेज़ का इस्तेमाल करने में यूजर्स को हो रही समस्या की जांच कर रहे हैं."
हालांकि माइक्रोसॉफ़्ट के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को शुक्रवार को बताया कि कुछ घंटे पहले बाधित होने वाली ज़्यादातर आईटी सेवाएं को बहाल कर लिया गया है.
ऑस्ट्रेलिया इस आईटी संकट से विशेष रूप से प्रभावित हुआ है. देश के गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि ये आईटी संकट एक साइबर सिक्योरिटी फर्म से जुड़ा हुआ है. जबकि ऑस्ट्रेलिया की साइबर सिक्योरिटी पर नज़र रखने वाली सरकारी एजेंसी का कहना है कि किसी साइबर हमले का कोई अंदेशा नहीं है.


क्या है ताज़ा हालात
- कंप्यूटर सिस्टम में एक बड़ी समस्या के कारण दुनिया भर में ट्रांसपोर्ट, ब्रॉडकास्ट, अस्पताल और अन्य की सेक्टरों की सेवाएं बाधित हुई हैं.
- दुनिया भर में कई फ़्लाइट्स रद्द हुई हैं और कई फ्लाइट्स का उड़ान टाइम आगे बढ़ाया गया है.
- अमेरिकन एयरलाइन का कहना है कि दिक्कत की वजह साइबर सिक्योरिटी फ़र्म क्राउडस्ट्राइक है.
- साइबरस्ट्राइक ने कहा है कि समस्या की जड़ मिल गई है और इसका समाधान कर दिया गया है
- अमेरिका के अलास्का राज्य ने कहा है कि उनका इमरजेंसी सेवाओं का नेटवर्क भी प्रभावित है.
- भारत की एयरपोर्ट्स पर भी सेवाएं प्रभावित हुई हैं. दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों के गेट की जानकारी व्हाइटबोर्ड पर हाथ ले लिखी जा रही है.
- पेरिस ओलंपिक का आईटी सिस्टम भी प्रभावित हुआ है.

क्राउडस्ट्राइक क्या है?

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टॉम गेरकन, बीबीसी न्यूज़
हमें अभी ये नहीं मालूम की दुनिया भर में आईटी आउटेज का कारण क्या है.
लेकिन अमेरिकन एयरलाइन ने इसके लिए क्राउडस्ट्राइक नाम की साइबरसिक्योरिटी कंपनी को ज़िम्मेदार बताया है. अब स्विटज़रलैंड की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी ने भी इसी फ़र्म पर उंगली उठाई है.
क्राउडस्ट्राइक एक साइबर सिक्योरिटी कंपनी है जिसकी स्थापना साल 2011 में हुई थी. क्राउडस्ट्राइक दुनिया भर की बड़ी कंपनियों और हार्डवेयर को साइबर अटैक से बचाने का काम करता है.
ये कंपनी एंडपॉइंट सुरक्षा में माहिर है और कॉर्पोरेट नेटवर्क से कनेक्ट होने वाले उपकरणों, जैसे फ़ोन और लैपटॉप वगैरह को वायरस या मालवेयर से बचाने का काम करती है.
ये उन कंपनियों को भी सुरक्षा प्रदान करती है जो क्लाउड नेटवर्क पर काम करती हैं. ये उन कंपनियों के डेटा की सुरक्षा करती है जो इसे अपनी छत के नीचे, या अपने स्वयं के सर्वर पर सुरक्षित रखने से तथाकथित क्लाउड प्रदाताओं में स्थानांतरित हो गए हैं.
टेक्सास स्थित फर्म की स्थापना उद्यमियों जॉर्ज कर्ट्ज़ और दिमित्री अल्पेरोविच ने की थी. कंपनी 2019 से टेक हेवी नैस्डैक स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट्ड हुई थी. लॉन्च होने के बाद से ही कंपनी ने साइबर हमलों की जांच में मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
2016 में इस कंपनी को यूएस डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी ने अपने कंप्यूटर नेटवर्क में सेंध की जांच के लिए बुलाया है.
साइबरस्ट्राइक के सह-संस्थापक जॉर्ज कुर्त्ज़ ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा है, "क्राउडस्ट्राइक विंडोज़ होस्ट में पाए गए दोष से प्रभावित ग्राहकों के साथ सक्रिय रूप से काम कर रहा है. इसकी वजह से मैक और लिनक्स होस्ट प्रभावित नहीं हुए हैं. ये कोई साइबर हमला नहीं है. समस्या की पहचान कर ली गई है और समाधान मिल गया है."
"हम ग्राहकों को अपडेट के लिए सहायता पोर्टल पर जाने की गुजारिश करते हैं. हम अपनी वेबसाइट पर निरंतर अपडेट जारी रखेंगे. हमारी सलाह है कि कंपनियां ये सुनिश्चित करें कि वे आधिकारिक चैनलों के माध्यम से क्राउडस्ट्राइक प्रतिनिधियों के संपर्क में रहें. क्राउडस्ट्राइक की टीम ग्राहकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से सक्रिय है."

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दुनिया भर में इमर्जेंसी सेवाएं प्रभावित

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ऑस्ट्रेलिया की साइबर सिक्योरिटी निगरानी एजेंसी ओर से जारी बयान में कहा गया है, "हमारे पास फिलहाल ये सूचना है कि थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर प्लेटफ़ॉर्म में आई तकनीकी समस्या से उनका इस्तेमाल करने वाली कंपनियां प्रभावित हुई हैं."
उधर, अलास्का के अधिकारियों का कहना है कि 911 और गैर आपातकाली सेवाओं से जुड़े कॉल सेंटर्स ठीक से काम नहीं कर रहे थे.
दुनिया भर में कई एयरलाइंस कंपनियों को अपनी विमान सेवाएं रोकनी पड़ी हैं और बहुत सी उड़ानें विलंब से चल रही हैं.
अमेरिकी राज्य अलास्का ने चेतावनी दी है कि आईटी सेवाओं में रुकावट का असर उसकी इमर्जेंसी सर्विसेज़ पर पड़ा है.
ऑस्ट्रेलिया के सुपरबाज़ार ठप हैं और कई देशों में मीडिया आउटलेट्स को सिस्टम फ़ेल होने की वजह से लोगों तक सूचनाएं पहुंचाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है.
हालात की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्काई न्यूज़ को ब्रिटेन में थोड़े समय के लिए अपना प्रसारण रोकना पड़ा.
भारत में विमान सेवाएं बाधित

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भारत में भी आईटी सेवाएं बाधित हुई हैं. देश के कई एयरपोर्ट्स ने एडवायज़री जारी कर यात्रियों को इसके बारे में आगाह किया है.
भारत के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "ग्लोबल आईटी आउटेज के बारे में हमारा मंत्रालय माइक्रोसॉफ़्ट के संपर्क में है. इसके कारण का पता लगाया जा चुका है और इससे निपटने के लिए काम शुरू हो चुका है. सीईआरटी ( इंडियन कंप्युटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम ) एक टेक्निकल एडवाइज़री जा कर रहा है. भारत का एनआईसी नेटवर्क इस आउटेज से प्रभावित नहीं है."
सीईआरटी ने अपने बयान में कहा है कि आउटेज की वजह साइबरसिक्योरिटी कंपनी क्राउडस्ट्राइक द्वारा जारी एक अपडेट है. कंपनी की टीम को ये बता दिया गया है. अब भी अगर होस्ट कंप्युटर क्रैश कर रहे हों तो वे विंडो रिकवरी मोड या सेफ मोड में बूट करने की कोशिश कर सकते हैं.
दिल्ली की इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चेक-इन के लिए इस्तेमाल होने वाले सारे टर्मिनल बंद हैं.
एयरपोर्ट पहुँची बीबीसी संवाददाता समीरा हुसैन को खाली बोर्डिंग पास दिए गए जिनपर पेन से जानकारी लिखने को कहा गया. इस तरह बैगेज टैग्स में जानकारी पेन से भी भरी गई थी.
एयरपोर्ट के टर्मिनल तीन में एक व्यक्ति व्हाइटबोर्ड पर उड़ानों के गेट की जानकारी लिख रहा था.
एयरपोर्ट की ओर एक्स पर लिखा गया, "ग्लोबल आईटी दिक्कतों के कारण दिल्ली एयरपोर्ट की कुछ सेवाएं अस्थाई रूप से बाधित हैं. हम सेवाओं में हो रही बाधा के असर को कम करने का प्रयास कर रहे हैं. यात्रियों से अनुरोध है कि वो अपनी एयरलाइन के संपर्क में रहें. असुविधा के लिए खेद है."
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने भी यात्रियों के लिए एडवायज़री जारी की है
एयरपोर्ट ने एक्स पर लिखा, "ग्लोबल आईटी दिक्कतों के कारण कुछ ऑपरेशन बाधित हो गए हैं. इस दौरान, बुकिंग, चेक-इन और बोर्डिंग पास मुहैया करने जैसी सेवाओं पर असर पड़ रहा है. कृपया संबंधित एयरलाइन से संपर्क करें."
भारत की लगभग सभी बड़ी एयरलाइन्स ने इस बारे में एक्स पर जानकारी दे दी है.

भारतीय विमान कंपनियों ने क्या कहा

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भारत की राजधानी दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी गई है कि वैश्विक आईटी संकट की वजह से उसकी कुछ सेवाओं पर असर पड़ा है.
बयान मुताबिक़, 'एयरपोर्ट प्रशासन सभी सहयोगियों से संपर्क में है ताकि यात्रियों की परेशानी को कम किया जा सके.'
अकासा एयर ने ट्वीट कर कहा है, "दिक्कतों की वजह से हमारे सर्विस प्रोवाइडर, हमारी कुछ ऑनलाइन सेवाएं, जिनमें बुकिंग, चेक इन और अन्य बुकिंग सेवाएं अस्थाई तौर पर अनुपलब्ध रहेंगी. इस समय हम एयरपोर्ट पर मैनुअल चेक इन और बोर्डिंग प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं. हम यात्रियों से एयरपोर्ट पर जल्द पहुंचने और चेक इन कराने का आग्रह कर रहे हैं."
एयर इंडिया ने भी इस संकट पर ट्वीट किया है, "माइक्रोसॉफ़्ट के सर्वर में ख़राबी आने से हमारा सिस्टम अस्थायी तौर पर प्रभावित हुआ है और यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हमें खेद है."
इंडिगो एयरलाइंस ने ट्वीट किया है, "माइक्रोसॉफ़्ट के सर्वर में आई गड़बड़ी की वजह से यात्रियों को एयरपोर्ट पर इंतज़ार का समय लंबा हो गया है."
स्पाइस जेट ने भी कहा है कि वो विमानों के अपडेट देने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है.



















